বৈদিক জ্যোতিষশাস্ত্র শিখুন - পদ্ধতিগত কোর্স, ভিডিও ক্লাস এবং অনুশীলন উপকরণ
वैदिक ज्योतिष कोई रहस्य-विद्या नहीं, एक व्यवस्थित शास्त्र है — और सही क्रम से पढ़ने पर कोई भी इसे सीख सकता है। शुरुआत पंचांग से होती है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण — ये पाँच अंग समझते ही आप पंचांग पढ़ने लगते हैं। फिर नौ ग्रह और बारह राशियाँ — हर ग्रह का कारकत्व, उच्च-नीच, मित्र-शत्रु; फिर बारह भाव, जिनसे जीवन का हर क्षेत्र (धन, विवाह, करियर, संतान) देखा जाता है।
इसके बाद असली फलित शुरू होता है — ग्रहों की दृष्टि व युतियाँ, योग, और विंशोत्तरी दशा जिससे घटनाओं का समय निकाला जाता है; अंत में गोचर व वर्ग-कुंडलियाँ। पाराशर पद्धति (BPHS) से नींव बनाकर आगे लाल किताब, KP या जैमिनी जैसी शैलियाँ जोड़ी जा सकती हैं।
हमारे course इसी क्रम में हैं — सरल हिन्दी में video-class, हर पाठ के साथ असली कुंडलियों पर अभ्यास, और शंका-समाधान। साथ में Nakshtra Tak के निःशुल्क tools (कुंडली, पंचांग, ज्ञान-लेख) से रोज़ अभ्यास कर सकते हैं। नीचे form भरिए — हमारी टीम course-विवरण के साथ संपर्क करेगी।