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भृगु समुद्र — फलादेश के पीछे छिपा कारण (101 फलादेश व्याख्यान), लेखक: आचार्य आदित्य धर द्विवेदी। 44 अध्याय, 648 पृष्ठ, हिन्दी।
बारह लग्न/राशियों का व्याख्यान, द्वादश भाव व चारों त्रिकोण, नवग्रहों की कार्य-प्रणाली, हर ग्रह की दशा के व्याख्यान, कारक-मारक-बाधक, भाव-भावेश नियम, दो व बहु-ग्रह युति और सभी बारह राशियों का सभी भावों में फलादेश — हर फल के पीछे का कारण।
डाक-ख़र्च दाम में शामिल।