सब समय पर्थ के स्थानीय समय (AWST) में। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | नवमी — 2:25 PM → दशमी |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| नक्षत्र | आश्लेषा — 6:16 AM → मघा |
| योग | शुक्ल — 12:24 PM |
| करण | गर — 2:25 PM · वणिज |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 5:18 AM / 6:43 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | — / 12:52 PM |
| चंद्र मास | आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | कर्क — 6:16 AM |
| सूर्य राशि | तुला |
| विक्रम संवत / शक | 2083 / 1948 |
| ऋतु / अयन | हेमंत · दक्षिणायन |
| दिनमान / रात्रिमान | 13 घंटे 25 मिनट / 10 घंटे 34 मिनट |
| दिशा शूल | उत्तर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 3:53 AM – 4:36 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 AM – 12:27 PM |
| अमृत काल | 4:43 AM – 6:16 AM, 3:35 AM, 4 नवंबर – 5:09 AM, 4 नवंबर |
| विशेष शुभ योग | सर्वार्थ सिद्धि योग: 5:18 AM – 6:16 AM |
| विजय मुहूर्त | 2:15 PM – 3:08 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 6:43 PM – 7:04 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 11:39 PM – 12:21 AM, 4 नवंबर |
| प्रातः सन्ध्या | 4:15 AM – 5:18 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 6:43 PM – 7:46 PM |
| राहुकाल | 3:22 PM – 5:02 PM |
| यमगंड | 8:39 AM – 10:20 AM |
| गुलिक काल | 12:01 PM – 1:41 PM |
| दुर्मुहूर्त | 7:59 AM – 8:53 AM, 10:57 PM – 11:39 PM |
| वर्ज्य | 6:06 PM – 7:41 PM |
| भद्रा | 1:56 AM, 4 नवंबर – 5:17 AM, 4 नवंबर |
| गंडमूल | 5:18 AM – 6:16 AM, 6:16 AM – 5:17 AM, 4 नवंबर |
| बाण | रोग बाण 11:50 PM – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | आश्लेषा-4 — 6:16 AM · मघा-1 — 12:09 PM · मघा-2 — 6:03 PM · मघा-3 — 11:59 PM · मघा-4 — 5:57 AM, 4 नवंबर |
| अगला योग | ब्रह्म — 10:31 AM, 4 नवंबर |
| सूर्य-नक्षत्र | स्वाती (पद 3) |
| मध्याह्न | 12:01 PM |
| आनन्दादि योग | आनन्द — 6:16 AM फिर कालदण्ड |
| तमिल योग | सिद्ध — 6:16 AM फिर मरण |
| होमाहुति | राहु |
| चन्द्र वास | उत्तर — 6:16 AM फिर पूर्व |
| राहु वास | पश्चिम |
| कुम्भ चक्र | तल |
| जीवनम् / नेत्रम् | अर्ध जीवन · एक नेत्र |
| भद्रा-वास | पृथ्वी (1:56 AM, 4 नवंबर – 5:17 AM, 4 नवंबर) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ |
| चन्द्राष्टम | धनु |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद (— 6:16 AM) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | शरद · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2082 पिंगल / 5127 |
| प्रविष्टे / गते | 18 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | कार्तिक 12, शक 1948 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ✅ शुभ मुहूर्त: 5:18 AM – 6:06 AM ⛔ रोग पंचक: 6:06 AM – 6:16 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 6:16 AM – 8:00 AM ⛔ मृत्यु पंचक: 8:00 AM – 10:15 AM ⛔ अग्नि पंचक: 10:15 AM – 12:39 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 12:39 PM – 2:25 PM ⛔ राज पंचक: 2:25 PM – 2:59 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 2:59 PM – 7:42 PM ⛔ राज पंचक: 7:42 PM – 10:02 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 10:02 PM – 12:06 AM, 4 नवंबर ⛔ चोर पंचक: 12:06 AM, 4 नवंबर – 1:45 AM, 4 नवंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 1:45 AM, 4 नवंबर – 3:09 AM, 4 नवंबर ⛔ रोग पंचक: 3:09 AM, 4 नवंबर – 4:30 AM, 4 नवंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 4:30 AM, 4 नवंबर – 5:17 AM, 4 नवंबर |
| उदय-लग्न | तुला: 5:18 AM – 6:06 AM वृश्चिक: 6:06 AM – 8:00 AM धनु: 8:00 AM – 10:15 AM मकर: 10:15 AM – 12:39 PM कुंभ: 12:39 PM – 2:59 PM मीन: 2:59 PM – 5:19 PM मेष: 5:19 PM – 7:42 PM वृष: 7:42 PM – 10:02 PM मिथुन: 10:02 PM – 12:06 AM, 4 नवंबर कर्क: 12:06 AM, 4 नवंबर – 1:45 AM, 4 नवंबर सिंह: 1:45 AM, 4 नवंबर – 3:09 AM, 4 नवंबर कन्या: 3:09 AM, 4 नवंबर – 4:30 AM, 4 नवंबर तुला: 4:30 AM, 4 नवंबर – 5:17 AM, 4 नवंबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। पर्थ का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
पर्थ का स्थानीय समय (AWST)।
पर्थ के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।