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सुवा में दिवाली 2027 — तारीख, पूजा-मुहूर्त

सुवा में दिवाली 2027: शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027
🪔 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल + वृषभ लग्न): 7:30 PM – 8:26 PM FJT
भारत के दिन ही (शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027)।

दिवाली के समय — सुवा

लक्ष्मी-पूजा मुहूर्त7:30 PM – 8:26 PM
प्रदोष काल6:11 PM – 8:26 PM
वृषभ (स्थिर) लग्न7:30 PM – 9:26 PM
निशीथ काल (अर्धरात्रि)11:27 PM – 12:12 AM, 30 अक्टूबर
अमावस्या तिथि29 अक्टूबर, 3:19 AM → 30 अक्टूबर, 1:39 AM
सूर्यास्त6:11 PM
रात के शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ)लाभ 9:00 PM – 10:25 PM · शुभ 11:50 PM – 1:14 AM, 30 अक्टूबर · अमृत 1:14 AM, 30 अक्टूबर – 2:39 AM, 30 अक्टूबर

सब समय सुवा के स्थानीय समय (FJT) में।

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सुवा में जुड़े दिन

नरक चतुर्दशी / अभ्यंग स्नान (छोटी दिवाली)गुरुवार, 28 अक्टूबर 2027
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)शनिवार, 30 अक्टूबर 2027
भाई दूजरविवार, 31 अक्टूबर 2027

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. सुबह स्नान; घर की अंतिम सफ़ाई; मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण (आम/अशोक के पत्ते-गेंदा), दोनों ओर लक्ष्मी-पद (दहलीज़ से भीतर की ओर), स्वस्तिक व शुभ-लाभ।
  2. शाम को पूजा-स्थान: उत्तर-पूर्व (ईशान) या पूर्व दिशा में चौकी पर लाल/पीला कपड़ा; बीच में लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ति (गणेश लक्ष्मी के दाएँ), साथ में कुबेर, सरस्वती का चित्र, कलश (जल-सुपारी-सिक्का-आम के पत्ते-नारियल), चाँदी/ताँबे का सिक्का, बही-खाता, तिजोरी की चाबी।
  3. प्रदोष-काल (ऊपर समय) में परिवार सहित बैठें; हाथ में जल-अक्षत-फूल लेकर संकल्प — «मैं परिवार की सुख-समृद्धि हेतु लक्ष्मी-गणेश का पूजन करती/करता हूँ।»
  4. पहले गणेश-पूजन (दूर्वा, मोदक/लड्डू, सिंदूर), फिर कलश-पूजन, फिर लक्ष्मी-पूजन — स्नान (जल-पंचामृत), वस्त्र, कमल/गुलाब-पुष्प, इत्र, रोली-अक्षत, खील-बताशे, मिठाई, फल, पान-सुपारी, लौंग-इलायची; «ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः» का जप या श्रीसूक्त/लक्ष्मी-चालीसा का पाठ।
  5. कुबेर-सरस्वती-बही-खाता और तिजोरी का पूजन; नए सिक्के-गहने पूजा में रखें। घर के औज़ार/वाहन पर भी रोली-अक्षत।
  6. आरती — «ॐ जय लक्ष्मी माता», फिर «जय गणेश देवा»; कपूर-आरती; परिवार के सब सदस्य पैर छूएँ, बड़े छोटों को आशीर्वाद और शगुन दें।
  7. दीपदान: पूजा के दीये से घर के सब दीये जलाएँ — द्वार पर सबसे पहले, फिर तुलसी, रसोई, जल-स्थान, छत, हर कमरा, बाहर की गली/नाली तक; एक बड़ा दीपक (या अखंड) रात-भर पूजा-स्थान पर। कुल दीयों की संख्या 11, 21, 51 या घर की रीत से।
  8. अहोई/करवा चौथ का करवा हो तो उसका जल घर में छिड़कें और अहोई माता का चित्र पोंछें। प्रसाद बाँटें, पड़ोसियों-सफ़ाईकर्मियों-काम करने वालों को मिठाई-शगुन दें।

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प्रश्नोत्तर

सुवा में दिवाली 2027 कब है?

शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027। लक्ष्मी-पूजा मुहूर्त: 7:30 PM – 8:26 PM; प्रदोष काल: 6:11 PM – 8:26 PM

क्या सुवा में दिवाली की तारीख भारत जैसी है?

हाँ — दोनों जगह शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

सुवा का स्थानीय समय (FJT)।

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