सब समय फ्रैंकफर्ट के स्थानीय समय (CET) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | चतुर्दशी — 5:01 PM → पूर्णिमा |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | आर्द्रा — 8:54 AM → पुनर्वसु |
| योग | वैधृति — 1:38 PM |
| करण | वणिज — 5:01 PM · विष्टि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 8:13 AM / 5:00 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 3:37 PM / 7:37 AM |
| चंद्र मास | पौष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | मिथुन — 12:40 AM, 22 जनवरी |
| सूर्य राशि | मकर |
| विक्रम संवत / शक | 2083 / 1948 |
| ऋतु / अयन | शिशिर · उत्तरायण |
| दिनमान / रात्रिमान | 8 घंटे 47 मिनट / 15 घंटे 12 मिनट |
| दिशा शूल | दक्षिण |
| ब्रह्म मुहूर्त | 6:11 AM – 7:12 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 PM – 12:54 PM |
| अमृत काल | 3:49 AM, 22 जनवरी – 5:13 AM, 22 जनवरी |
| रवि योग | 8:13 AM – 8:54 AM |
| विशेष शुभ योग | सर्वार्थ सिद्धि योग: 8:54 AM – 8:12 AM, 22 जनवरी गुरु पुष्य योग: 5:55 AM, 22 जनवरी – 8:12 AM, 22 जनवरी अमृत सिद्धि योग: 5:55 AM, 22 जनवरी – 8:12 AM, 22 जनवरी |
| विजय मुहूर्त | 2:04 PM – 2:39 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 5:00 PM – 5:30 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:06 AM, 22 जनवरी – 1:06 AM, 22 जनवरी |
| प्रातः सन्ध्या | 6:42 AM – 8:13 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 5:00 PM – 6:31 PM |
| राहुकाल | 1:42 PM – 2:48 PM |
| यमगंड | 8:13 AM – 9:19 AM |
| गुलिक काल | 10:25 AM – 11:31 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:09 AM – 11:44 AM, 2:39 PM – 3:15 PM |
| वर्ज्य | 7:25 PM – 8:49 PM |
| भद्रा | 5:01 PM – 3:08 AM, 22 जनवरी |
| बाण | चोर बाण — 1:47 PM |
| नक्षत्र-पद | आर्द्रा-4 — 8:54 AM · पुनर्वसु-1 — 2:09 PM · पुनर्वसु-2 — 7:25 PM · पुनर्वसु-3 — 12:40 AM, 22 जनवरी · पुनर्वसु-4 — 5:55 AM, 22 जनवरी · पुष्य-1 — 11:11 AM, 22 जनवरी |
| अगला योग | विष्कुंभ — 9:20 AM, 22 जनवरी |
| सूर्य-नक्षत्र | उ.आषाढ़ (पद 4) |
| मध्याह्न | 12:37 PM |
| आनन्दादि योग | काण — 8:54 AM फिर सिद्धि — 5:55 AM, 22 जनवरी फिर शुभ |
| तमिल योग | मरण — 8:54 AM फिर अमृत — 5:55 AM, 22 जनवरी फिर सिद्ध |
| होमाहुति | चन्द्र |
| चन्द्र वास | पश्चिम — 12:40 AM, 22 जनवरी फिर उत्तर |
| राहु वास | दक्षिण |
| कुम्भ चक्र | पश्चिम — 8:54 AM फिर उत्तर |
| जीवनम् / नेत्रम् | पूर्ण जीवन · दो नेत्र |
| भद्रा-वास | स्वर्ग (5:01 PM – 12:40 AM, 22 जनवरी), पृथ्वी (12:40 AM, 22 जनवरी – 3:08 AM, 22 जनवरी) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर |
| चन्द्राष्टम | वृश्चिक |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उ.फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, उ.भाद्रपद (— 8:54 AM) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | हेमन्त · उत्तरायण |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2083 कालयुक्त / 5127 |
| प्रविष्टे / गते | 8 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | माघ 1, शक 1948 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ⛔ रोग पंचक: 8:13 AM – 8:54 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:54 AM – 9:16 AM ⛔ मृत्यु पंचक: 9:16 AM – 10:13 AM ⛔ अग्नि पंचक: 10:13 AM – 11:07 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 11:07 AM – 12:14 PM ⛔ मृत्यु पंचक: 12:14 PM – 1:53 PM ⛔ अग्नि पंचक: 1:53 PM – 4:16 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 4:16 PM – 5:01 PM ⛔ राज पंचक: 5:01 PM – 7:01 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 7:01 PM – 9:49 PM ⛔ चोर पंचक: 9:49 PM – 12:36 AM, 22 जनवरी ✅ शुभ मुहूर्त: 12:36 AM, 22 जनवरी – 3:24 AM, 22 जनवरी ⛔ रोग पंचक: 3:24 AM, 22 जनवरी – 5:55 AM, 22 जनवरी ✅ शुभ मुहूर्त: 5:55 AM, 22 जनवरी – 5:59 AM, 22 जनवरी ⛔ मृत्यु पंचक: 5:59 AM, 22 जनवरी – 7:55 AM, 22 जनवरी ⛔ अग्नि पंचक: 7:55 AM, 22 जनवरी – 8:12 AM, 22 जनवरी |
| उदय-लग्न | मकर: 8:13 AM – 9:16 AM कुंभ: 9:16 AM – 10:13 AM मीन: 10:13 AM – 11:07 AM मेष: 11:07 AM – 12:14 PM वृष: 12:14 PM – 1:53 PM मिथुन: 1:53 PM – 4:16 PM कर्क: 4:16 PM – 7:01 PM सिंह: 7:01 PM – 9:49 PM कन्या: 9:49 PM – 12:36 AM, 22 जनवरी तुला: 12:36 AM, 22 जनवरी – 3:24 AM, 22 जनवरी वृश्चिक: 3:24 AM, 22 जनवरी – 5:59 AM, 22 जनवरी धनु: 5:59 AM, 22 जनवरी – 7:55 AM, 22 जनवरी मकर: 7:55 AM, 22 जनवरी – 8:12 AM, 22 जनवरी |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। फ्रैंकफर्ट का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
फ्रैंकफर्ट का स्थानीय समय (CET), DST अपने-आप लागू।
फ्रैंकफर्ट के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।