फ्रैंकफर्ट पंचांग — गुरुवार, 15 अप्रैल 2027

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
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गुरुवार, 15 अप्रैल · फ्रैंकफर्ट
तिथि: नवमी 9:51 AM तक · नक्षत्र: आश्लेषा 4:48 AM, 16 अप्रैल तक
सूर्योदय 6:33 AM · सूर्यास्त 8:19 PM · राहुकाल 3:09 PM – 4:53 PM

सब समय फ्रैंकफर्ट के स्थानीय समय (CEST) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिनवमी — 9:51 AM → दशमी
पक्षशुक्ल पक्ष
नक्षत्रआश्लेषा — 4:48 AM, 16 अप्रैल → मघा
योगशूल — 2:08 AM, 16 अप्रैल
करणकौलव — 9:51 AM · तैतिल
सूर्योदय / सूर्यास्त6:33 AM / 8:19 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त1:48 PM / —
चंद्र मासचैत्र (अमांत) · चैत्र (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिकर्क — 4:48 AM, 16 अप्रैल
सूर्य राशिमेष
विक्रम संवत / शक2084 / 1949
ऋतु / अयनवसंत · उत्तरायण
दिनमान / रात्रिमान13 घंटे 46 मिनट / 10 घंटे 12 मिनट
दिशा शूलदक्षिण

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त5:11 AM – 5:52 AM
अभिजित मुहूर्त12:58 PM – 1:54 PM
अमृत काल3:17 AM, 16 अप्रैल – 4:48 AM, 16 अप्रैल
रवि योग6:33 AM – 6:31 AM, 16 अप्रैल
विजय मुहूर्त3:44 PM – 4:39 PM
गोधूलि मुहूर्त8:19 PM – 8:39 PM
निशीथ मुहूर्त1:05 AM, 16 अप्रैल – 1:45 AM, 16 अप्रैल
प्रातः सन्ध्या5:32 AM – 6:33 AM
सायाह्न सन्ध्या8:19 PM – 9:20 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल3:09 PM – 4:53 PM
यमगंड6:33 AM – 8:16 AM
गुलिक काल10:00 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त11:08 AM – 12:03 PM, 4:39 PM – 5:34 PM
वर्ज्य6:11 PM – 7:42 PM
गंडमूल6:33 AM – 4:48 AM, 16 अप्रैल, 4:48 AM, 16 अप्रैल – 6:31 AM, 16 अप्रैल
बाणमृत्यु बाण 12:34 PM – पूरी रात

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदआश्लेषा-1 — 11:44 AM · आश्लेषा-2 — 5:25 PM · आश्लेषा-3 — 11:07 PM · आश्लेषा-4 — 4:48 AM, 16 अप्रैल · मघा-1 — 10:30 AM, 16 अप्रैल
अगला योगगण्ड — 11:28 PM, 16 अप्रैल
सूर्य-नक्षत्रअश्विनी (पद 1)
मध्याह्न1:26 PM
आनन्दादि योगअमृत — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर मूसल
तमिल योगअमृत — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर मरण
होमाहुतिशुक्र — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर शनि
चन्द्र वासउत्तर — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर पूर्व
राहु वासदक्षिण
कुम्भ चक्रदक्षिण — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर पश्चिम
जीवनम् / नेत्रम्अर्ध जीवन — 4:48 AM, 16 अप्रैल फिर निर्जीव · दो नेत्र
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)वृष, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ
चन्द्राष्टमधनु
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद (— 4:48 AM, 16 अप्रैल)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)वसन्त · उत्तरायण
गुजराती संवत / कलियुग2083 कालयुक्त / 5128
प्रविष्टे / गते2
राष्ट्रीय शक तिथिचैत्र 25, शक 1949
पंचक-रहित मुहूर्त⛔ रोग पंचक: 6:33 AM – 6:37 AM
⛔ चोर पंचक: 6:37 AM – 7:44 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 7:44 AM – 9:23 AM
⛔ रोग पंचक: 9:23 AM – 9:51 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:51 AM – 11:45 AM
⛔ मृत्यु पंचक: 11:45 AM – 2:31 PM
⛔ अग्नि पंचक: 2:31 PM – 5:19 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 5:19 PM – 8:06 PM
⛔ राज पंचक: 8:06 PM – 10:54 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 10:54 PM – 1:29 AM, 16 अप्रैल
⛔ चोर पंचक: 1:29 AM, 16 अप्रैल – 3:25 AM, 16 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 3:25 AM, 16 अप्रैल – 4:42 AM, 16 अप्रैल
⛔ रोग पंचक: 4:42 AM, 16 अप्रैल – 4:48 AM, 16 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 4:48 AM, 16 अप्रैल – 5:39 AM, 16 अप्रैल
⛔ मृत्यु पंचक: 5:39 AM, 16 अप्रैल – 6:31 AM, 16 अप्रैल
उदय-लग्नमीन: 6:33 AM – 6:37 AM
मेष: 6:37 AM – 7:44 AM
वृष: 7:44 AM – 9:23 AM
मिथुन: 9:23 AM – 11:45 AM
कर्क: 11:45 AM – 2:31 PM
सिंह: 2:31 PM – 5:19 PM
कन्या: 5:19 PM – 8:06 PM
तुला: 8:06 PM – 10:54 PM
वृश्चिक: 10:54 PM – 1:29 AM, 16 अप्रैल
धनु: 1:29 AM, 16 अप्रैल – 3:25 AM, 16 अप्रैल
मकर: 3:25 AM, 16 अप्रैल – 4:42 AM, 16 अप्रैल
कुंभ: 4:42 AM, 16 अप्रैल – 5:39 AM, 16 अप्रैल
मीन: 5:39 AM, 16 अप्रैल – 6:31 AM, 16 अप्रैल

प्रश्नोत्तर

फ्रैंकफर्ट का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। फ्रैंकफर्ट का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

फ्रैंकफर्ट का स्थानीय समय (CEST), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

फ्रैंकफर्ट के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

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