सब समय डबलिन के स्थानीय समय (GMT+1) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | एकादशी — 2:04 PM → द्वादशी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — 4:39 AM, 4 अक्टूबर → शतभिषा |
| योग | धृति — 5:16 PM |
| करण | विष्टि — 2:04 PM · बव |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 7:31 AM / 6:56 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 5:59 PM / — |
| चंद्र मास | आश्विन (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | मकर — 4:58 PM |
| सूर्य राशि | कन्या |
| विक्रम संवत / शक | 2082 / 1947 |
| ऋतु / अयन | शरद · दक्षिणायन |
| दिनमान / रात्रिमान | 11 घंटे 25 मिनट / 12 घंटे 36 मिनट |
| दिशा शूल | पश्चिम |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:51 AM – 6:41 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:51 PM – 1:36 PM |
| अमृत काल | 6:26 PM – 8:01 PM |
| विजय मुहूर्त | 3:08 PM – 3:53 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 6:56 PM – 7:21 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:49 AM, 4 अक्टूबर – 1:39 AM, 4 अक्टूबर |
| प्रातः सन्ध्या | 6:16 AM – 7:31 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 6:56 PM – 8:12 PM |
| राहुकाल | 11:48 AM – 1:14 PM |
| यमगंड | 4:05 PM – 5:30 PM |
| गुलिक काल | 8:57 AM – 10:22 AM |
| दुर्मुहूर्त | 9:48 AM – 10:34 AM, 1:36 PM – 2:22 PM |
| वर्ज्य | 9:00 AM – 10:35 AM |
| भद्रा | 7:31 AM – 2:04 PM |
| पंचक | 4:58 PM – 7:32 AM, 4 अक्टूबर |
| बाण | रोग बाण 5:43 AM, 4 अक्टूबर – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | धनिष्ठा-1 — 11:03 AM · धनिष्ठा-2 — 4:58 PM · धनिष्ठा-3 — 10:50 PM · धनिष्ठा-4 — 4:39 AM, 4 अक्टूबर · शतभिषा-1 — 10:26 AM, 4 अक्टूबर |
| अगला योग | शूल — 2:56 PM, 4 अक्टूबर |
| सूर्य-नक्षत्र | हस्त (पद 2) |
| मध्याह्न | 1:14 PM |
| आनन्दादि योग | प्रजापति — 4:39 AM, 4 अक्टूबर फिर सौम्य |
| तमिल योग | सिद्ध |
| होमाहुति | शनि |
| चन्द्र वास | दक्षिण — 4:58 PM फिर पश्चिम |
| राहु वास | दक्षिण-पूर्व |
| कुम्भ चक्र | पश्चिम |
| जीवनम् / नेत्रम् | पूर्ण जीवन · दो नेत्र |
| भद्रा-वास | पाताल (7:31 AM – 2:04 PM) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन |
| चन्द्राष्टम | मिथुन |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 4:39 AM, 4 अक्टूबर) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | शरद · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2081 नल / 5126 |
| प्रविष्टे / गते | 18 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | आश्विन 11, शक 1947 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ⛔ मृत्यु पंचक: 7:31 AM – 8:57 AM ⛔ अग्नि पंचक: 8:57 AM – 11:52 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 11:52 AM – 2:04 PM ⛔ राज पंचक: 2:04 PM – 2:31 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 2:31 PM – 4:25 PM ⛔ चोर पंचक: 4:25 PM – 5:36 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 5:36 PM – 6:26 PM ⛔ रोग पंचक: 6:26 PM – 7:13 PM ⛔ चोर पंचक: 7:13 PM – 8:12 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:12 PM – 9:47 PM ⛔ रोग पंचक: 9:47 PM – 12:12 AM, 4 अक्टूबर ✅ शुभ मुहूर्त: 12:12 AM, 4 अक्टूबर – 3:04 AM, 4 अक्टूबर ⛔ मृत्यु पंचक: 3:04 AM, 4 अक्टूबर – 4:39 AM, 4 अक्टूबर ⛔ अग्नि पंचक: 4:39 AM, 4 अक्टूबर – 5:59 AM, 4 अक्टूबर ✅ शुभ मुहूर्त: 5:59 AM, 4 अक्टूबर – 7:32 AM, 4 अक्टूबर |
| उदय-लग्न | कन्या: 7:31 AM – 8:57 AM तुला: 8:57 AM – 11:52 AM वृश्चिक: 11:52 AM – 2:31 PM धनु: 2:31 PM – 4:25 PM मकर: 4:25 PM – 5:36 PM कुंभ: 5:36 PM – 6:26 PM मीन: 6:26 PM – 7:13 PM मेष: 7:13 PM – 8:12 PM वृष: 8:12 PM – 9:47 PM मिथुन: 9:47 PM – 12:12 AM, 4 अक्टूबर कर्क: 12:12 AM, 4 अक्टूबर – 3:04 AM, 4 अक्टूबर सिंह: 3:04 AM, 4 अक्टूबर – 5:59 AM, 4 अक्टूबर कन्या: 5:59 AM, 4 अक्टूबर – 7:32 AM, 4 अक्टूबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। डबलिन का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
डबलिन का स्थानीय समय (GMT+1), DST अपने-आप लागू।
डबलिन के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात