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कुवैत में बुद्ध पूर्णिमा 2027: गुरुवार, 20 मई — शहर-वार पूजा-समय

कुवैत में बुद्ध पूर्णिमा 2027: गुरुवार, 20 मई 2027 (कुवैत सिटी)
पूर्वाह्न पूजा-समय: 4:53 AM – 10:22 AM AST
भारत के दिन ही। 2027 में बुद्ध पूर्णिमा भारत और कुवैत सिटी में गुरुवार, 20 मई 2027 को है।

बुद्ध पूर्णिमा 2027 — कुवैत सिटी

शहरतारीखपूर्वाह्न पूजा-समयतिथि (स्थानीय)
कुवैत सिटी
Arabia Standard Time (AST)
गुरुवार, 20 मई 20274:53 AM – 10:22 AM AST19 मई, 1:33 PM → 20 मई, 1:59 PM AST

समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।

बुद्ध पूर्णिमा की तारीख कैसे तय होती है

स्थानीय सूर्योदय पर तिथि (उदया तिथि)।

महत्व

वैशाख-स्नान का समापन — जिन्होंने चैत्र पूर्णिमा से रोज़ भोर में स्नान किया, आज पूर्ण; स्कंद-पुराण में वैशाख मास को माधव-मास कहा गया — इस पूर्णिमा को जल-दान (घड़ा, प्याऊ), अन्न, छाता, चप्पल का दान गर्मी में सबसे बड़ा पुण्य।

बुद्ध पूर्णिमा — करुणा, अहिंसा, मध्यम मार्ग; बौद्ध-देश (श्रीलंका-नेपाल-थाईलैंड-भूटान) व भारत में सारनाथ-बोधगया-कुशीनगर में विशेष; भारत में राजकीय अवकाश; हिंदू परंपरा में बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार — इसलिए दोनों में मान्य।

नृसिंह जयंती (चतुर्दशी, प्रदोष) — «न दिन न रात, न घर न बाहर» — संध्या में खंभे से प्रकट हुए नृसिंह ने हिरण्यकशिपु का वध किया; भय-शत्रु-रोग से रक्षा का व्रत, विशेषकर बच्चों की रक्षा के लिए (प्रह्लाद-भाव); दक्षिण-महाराष्ट्र में बड़ा दिन।

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. चतुर्दशी (एक दिन पहले) — नृसिंह जयंती: दिन में व्रत (फलाहार), प्रदोष-काल में नृसिंह/विष्णु का चित्र, लाल-पीले फूल, तुलसी, पंचामृत; «ॐ नृसिंहाय नमः»/«उग्रं वीरं महाविष्णुं…» मंत्र; प्रह्लाद-कथा; बच्चों के लिए रक्षा-प्रार्थना; अगली सुबह पारण।
  2. पूर्णिमा को ब्रह्म-मुहूर्त (ऊपर समय) में स्नान — वैशाख-स्नान का समापन-संकल्प; सूर्य को अर्घ्य; पीले वस्त्र।
  3. पूर्णिमा-व्रत का संकल्प; विष्णु-लक्ष्मी की पूजा — पीले फूल, तुलसी, पंचामृत, चंदन; कूर्म-अवतार का स्मरण; बुद्ध की प्रतिमा/चित्र हो तो सफ़ेद फूल-दीप (करुणा-अहिंसा का संकल्प)।
  4. सत्यनारायण-कथा (प्रदोष या दोपहर): केले के खंभे/पत्ते, कलश, पंचामृत, पंजीरी-केला-तुलसी का प्रसाद; पाँच अध्याय; आरती «जय लक्ष्मी रमणा»।
  5. दान (दोपहर तक): जल-भरा घड़ा/सुराही, प्याऊ, छाता, चप्पल, पंखा, सत्तू, फल (आम-खरबूज़ा), अन्न, वस्त्र — ब्राह्मण/ज़रूरतमंद/गौशाला; पितरों के नाम से तर्पण-दान।
  6. अहिंसा-दिवस: इस दिन जीव-हत्या नहीं, पक्षियों को दाना-पानी, गाय को चारा; बौद्ध-विहार/स्तूप हो तो दर्शन, बुद्ध-वंदना।
  7. चंद्रोदय (ऊपर समय) पर चंद्रमा को दूध-जल का अर्घ्य; खीर का भोग; व्रत खोलें।
  8. रात में विष्णु/बुद्ध-भजन; अगले दिन से ज्येष्ठ — वट सावित्री (ज्येष्ठ अमावस्या) और गंगा दशहरा की तैयारी।

प्रश्नोत्तर

क्या बुद्ध पूर्णिमा 2027 कुवैत और भारत में एक ही दिन है?

हाँ — गुरुवार, 20 मई 2027।

कुवैत सिटी में बुद्ध पूर्णिमा 2027 का पूजा-समय?

पूर्वाह्न पूजा-समय: 4:53 AM से 10:22 AM (AST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (कुवैत सिटी के लिए Arabia Standard Time (AST))।

बुद्ध पूर्णिमा हिंदू मनाते हैं?

हाँ — वैशाख पूर्णिमा हिंदू परंपरा में कूर्म-अवतार, वैशाख-स्नान-समापन और सत्यनारायण की श्रेष्ठ पूर्णिमा है; बुद्ध विष्णु के नौवें अवतार माने गए हैं — इसलिए दीप-दान, अहिंसा और करुणा का भाव दोनों में साझा।

सत्यनारायण-कथा किस पूर्णिमा पर सबसे शुभ?

हर पूर्णिमा पर मान्य; वैशाख, कार्तिक और माघ की पूर्णिमाएँ श्रेष्ठ — वैशाख पूर्णिमा को माधव-मास का समापन होने से विशेष; प्रदोष-काल या दोपहर, सवा (1¼) की मात्रा में पंजीरी-प्रसाद।

वैशाख-स्नान क्या है?

चैत्र पूर्णिमा से वैशाख पूर्णिमा तक रोज़ भोर में नदी/तीर्थ-स्नान, विष्णु-पूजा, जल-दान — स्कंद-पुराण में माधव-मास का व्रत; घर पर गंगाजल से भी मान्य; समापन आज।

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