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द हेग पंचांग — बुधवार, 30 सितंबर 2026

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
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बुधवार, 30 सितंबर · द हेग
तिथि: चतुर्थी 11:26 AM तक · नक्षत्र: कृत्तिका 2:33 AM, 1 अक्टूबर तक
सूर्योदय 7:42 AM · सूर्यास्त 7:23 PM · राहुकाल 1:33 PM – 3:00 PM

सब समय द हेग के स्थानीय समय (CEST) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिचतुर्थी — 11:26 AM → पंचमी
पक्षकृष्ण पक्ष
नक्षत्रकृत्तिका — 2:33 AM, 1 अक्टूबर → रोहिणी
योगवज्र — 8:50 PM
करणबालव — 11:26 AM · कौलव
सूर्योदय / सूर्यास्त7:42 AM / 7:23 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त8:33 PM / 12:49 PM
चंद्र मासभाद्रपद (अमांत) · आश्विन (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिमेष — 9:44 AM
सूर्य राशिकन्या
विक्रम संवत / शक2083 / 1948
ऋतु / अयनशरद · दक्षिणायन
दिनमान / रात्रिमान11 घंटे 41 मिनट / 12 घंटे 21 मिनट
दिशा शूलउत्तर

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त6:04 AM – 6:53 AM
अभिजित मुहूर्तनहीं (बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता)
अमृत काल12:18 AM, 1 अक्टूबर – 1:48 AM, 1 अक्टूबर
विशेष शुभ योगसर्वार्थ सिद्धि योग: 7:42 AM – 7:44 AM, 1 अक्टूबर
विजय मुहूर्त3:29 PM – 4:16 PM
गोधूलि मुहूर्त7:23 PM – 7:48 PM
निशीथ मुहूर्त1:09 AM, 1 अक्टूबर – 1:58 AM, 1 अक्टूबर
प्रातः सन्ध्या6:28 AM – 7:42 AM
सायाह्न सन्ध्या7:23 PM – 8:37 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल1:33 PM – 3:00 PM
यमगंड9:10 AM – 10:37 AM
गुलिक काल12:05 PM – 1:33 PM
दुर्मुहूर्त1:09 PM – 1:56 PM
वर्ज्य3:20 PM – 4:49 PM
बाणराज बाण 11:18 AM – पूरी रात

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदकृत्तिका-1 — 9:44 AM · कृत्तिका-2 — 3:20 PM · कृत्तिका-3 — 8:57 PM · कृत्तिका-4 — 2:33 AM, 1 अक्टूबर · रोहिणी-1 — 8:09 AM, 1 अक्टूबर
अगला योगसिद्धि — 5:48 PM, 1 अक्टूबर
सूर्य-नक्षत्रहस्त (पद 1)
मध्याह्न1:33 PM
आनन्दादि योगसिद्धि — 2:33 AM, 1 अक्टूबर फिर शुभ
तमिल योगअमृत — 2:33 AM, 1 अक्टूबर फिर सिद्ध
होमाहुतिमंगल — 2:33 AM, 1 अक्टूबर फिर गुरु
नक्षत्र शूलपश्चिम (2:33 AM, 1 अक्टूबर – 12:57 AM, 2 अक्टूबर)
चन्द्र वासपूर्व — 9:44 AM फिर दक्षिण
राहु वासदक्षिण-पश्चिम
कुम्भ चक्रगर्भ
जीवनम् / नेत्रम्पूर्ण जीवन — 2:33 AM, 1 अक्टूबर फिर निर्जीव · दो नेत्र
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ
चन्द्राष्टमकन्या
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 2:33 AM, 1 अक्टूबर)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)वर्षा · दक्षिणायन
गुजराती संवत / कलियुग2082 पिंगल / 5127
प्रविष्टे / गते14
राष्ट्रीय शक तिथिआश्विन 8, शक 1948
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 7:42 AM – 9:25 AM
⛔ चोर पंचक: 9:25 AM – 11:26 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 11:26 AM – 12:17 PM
⛔ रोग पंचक: 12:17 PM – 2:55 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 2:55 PM – 4:50 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 4:50 PM – 6:03 PM
⛔ अग्नि पंचक: 6:03 PM – 6:56 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 6:56 PM – 7:46 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 7:46 PM – 8:48 PM
⛔ अग्नि पंचक: 8:48 PM – 10:25 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 10:25 PM – 12:49 AM, 1 अक्टूबर
⛔ राज पंचक: 12:49 AM, 1 अक्टूबर – 2:33 AM, 1 अक्टूबर
✅ शुभ मुहूर्त: 2:33 AM, 1 अक्टूबर – 3:38 AM, 1 अक्टूबर
⛔ चोर पंचक: 3:38 AM, 1 अक्टूबर – 6:30 AM, 1 अक्टूबर
✅ शुभ मुहूर्त: 6:30 AM, 1 अक्टूबर – 7:44 AM, 1 अक्टूबर
उदय-लग्नकन्या: 7:42 AM – 9:25 AM
तुला: 9:25 AM – 12:17 PM
वृश्चिक: 12:17 PM – 2:55 PM
धनु: 2:55 PM – 4:50 PM
मकर: 4:50 PM – 6:03 PM
कुंभ: 6:03 PM – 6:56 PM
मीन: 6:56 PM – 7:46 PM
मेष: 7:46 PM – 8:48 PM
वृष: 8:48 PM – 10:25 PM
मिथुन: 10:25 PM – 12:49 AM, 1 अक्टूबर
कर्क: 12:49 AM, 1 अक्टूबर – 3:38 AM, 1 अक्टूबर
सिंह: 3:38 AM, 1 अक्टूबर – 6:30 AM, 1 अक्टूबर
कन्या: 6:30 AM, 1 अक्टूबर – 7:44 AM, 1 अक्टूबर

प्रश्नोत्तर

द हेग का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। द हेग का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

द हेग का स्थानीय समय (CEST), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

द हेग के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

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