बुध महादशा में केतु अंतर्दशा: फल, अवधि व उपाय
बुध महादशा में केतु अंतर्दशा — अवधि व स्वरूप
विंशोत्तरी क्रम में बुध की महादशा 17 वर्ष चलती है — यह काल बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित, तर्क, लेखन, त्वचा के विषयों का अध्याय है। इसके भीतर केतु की अंतर्दशा 11 माह 27 दिन की होती है (सूत्र: 17×7÷120 वर्ष) — इस अवधि में अध्याय वही रहता है, पर विषय केतु (मोक्ष, अध्यात्म, वैराग्य, रहस्य, गुप्त-विद्या, अंतर्ज्ञान) तय करता है।
संक्षेप-सूत्र: वाणी-गणना पर केतु की सूक्ष्मता — शोध-ज्योतिष-तकनीक में गहराई; अनुबंधों में शब्द ध्यान से।
फल कैसे पढ़ें — असली नियम
फल ग्रह के नाम से नहीं, आपकी कुंडली में उसकी स्थिति से तय होता है: केतु जिन भावों का स्वामी है, जहाँ बैठा है और जिस नक्षत्र में है — अंतर्दशा उन्हीं विषयों को छूती है; बुध की महादशा उसे अपना संदर्भ (अध्याय) देती है।
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इस अवधि के सामान्य उपाय
केतु (अंतर्दशा-स्वामी): केतु को शांत करने हेतु 'ॐ कें केतवे नमः' जप, गणेश-पूजन तथा भैरव/शिव-आराधना श्रेष्ठ है। रत्न लहसुनिया (Cat's Eye) चाँदी/पंचधातु में — तीव्र-प्रभावी, अतः बिना परामर्श न धारण करें। कुत्ते को भोजन, कंबल/तिल का दान, गणेश-आराधना तथा अध्यात्म-साधना विशेष लाभकारी है।
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