1 मुखी रुद्राक्ष — लाभ, किसे पहनना चाहिए, धारण-विधि, मंत्र व दाम
1 मुखी रुद्राक्ष के देवता शिव और ग्रह सूर्य हैं। नेतृत्व, आध्यात्मिक साधना, एकाग्रता व सूर्य-संबंधी प्रश्न; दुर्लभ व सबसे पूज्य — प्रमाणित दाना ही लें।
प्रमाणित 1 मुखी रुद्राक्ष — दाम (3)
1 मुखी रुद्राक्ष के लाभ
- आत्मबल व नेतृत्व
- ध्यान-साधना में गहराई
- सूर्य-दोष, नेत्र व हृदय (शास्त्र-मत)
- भय व अवसाद से मुक्ति
1 मुखी रुद्राक्ष की धारण-विधि
सोमवार सुबह स्नान के बाद दाने को कच्चे दूध व गंगाजल से शुद्ध करें, धूप-दीप दिखाकर «ॐ ह्रीं नमः» 108 बार जपें और लाल/पीले धागे या चाँदी में गले/कलाई में धारण करें। मांस-मद्य से दूर रहें; सोते समय, शौच व श्मशान जाते समय उतार सकते हैं; समय-समय पर सरसों/चंदन के तेल से पोषण दें।
मंत्र
ॐ ह्रीं नमः — 108 बार प्रतिदिन
असली रुद्राक्ष की पहचान
प्राकृतिक छिद्र (ड्रिल नहीं), ऊपर से नीचे तक साफ़ मुखी-रेखाएँ, घना दाना पानी में डूबे, दरार न हो; दाने के साथ प्रमाणपत्र।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या महिलाएँ 1 मुखी रुद्राक्ष पहन सकती हैं?
हाँ — रुद्राक्ष में स्त्री-पुरुष का भेद नहीं; मासिक-धर्म में उतारना केवल व्यक्तिगत परंपरा है।
1 मुखी रुद्राक्ष किस दिन धारण करें?
सोमवार सुबह स्नान के बाद, या शिवरात्रि/श्रावण में; «ॐ ह्रीं नमः» 108 बार जपें।
क्या इसे अन्य मुखी या रत्न के साथ पहन सकते हैं?
रुद्राक्ष आपस में प्रायः सुरक्षित हैं; रत्न के साथ ग्रह-नियम देखें — अपनी कुंडली के लिए ज्योतिषी से पूछें।
1 मुखी रुद्राक्ष का दाम कितना है?
आकार, मूल (नेपाल/इंडोनेशिया) व गुणवत्ता पर — नीचे प्रमाणित दाने दाम-सहित।
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रत्न व रुद्राक्ष के प्रभाव शास्त्र व परंपरा के अनुसार हैं; ये चिकित्सा का विकल्प नहीं हैं।