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1 Mukhi Rudraksh

1 Mukhi Rudraksh

₹3800

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1 मुखी रुद्राक्ष — शिव-स्वरूप, ग्रह: सूर्य

एक-मुखी रुद्राक्ष साक्षात् शिव-स्वरूप और सबसे दुर्लभ रुद्राक्ष माना जाता है — सूर्य इसका ग्रह है। यह आत्मज्ञान, नेतृत्व और एकाग्र-चित्तता का बीज है; परंपरा कहती है कि यह धारक को भोग से योग की ओर ले जाता है।

किनके लिए शुभ

  • नेतृत्व-पदों के आकांक्षी; सूर्य निर्बल हो तो (कुंडली-परामर्श से)
  • ध्यान-साधना में गहराई चाहने वाले साधक
  • आत्मविश्वास-कमी या पिता-पक्ष के विषयों वाले जातक

लाभ

  • आत्मबल, तेज और नेतृत्व-क्षमता
  • एकाग्रता व ध्यान-सिद्धि का परंपरा-विचार
  • यश-प्रतिष्ठा और सूर्य-कृपा

धारण-विधि

सोमवार को प्रातः स्नान के बाद, लाल/पीले धागे या चाँदी में, «ॐ नमः शिवाय» व नीचे दिए बीज-मंत्र के जप से धारण की परंपरा है। धारण से पहले गंगाजल-दुग्ध से शुद्धि व शिव-पूजन शुभ माना जाता है। रुद्राक्ष सोते समय व अशौच में उतारने की परंपरा है।

बीज-मंत्र: «ॐ ह्रीं नमः»

हर रुद्राक्ष प्रयोगशाला-परखा व प्रमाणित (X-ray/असली-नक़ली जाँच) होता है।

🕉 हमारा वचन: हर रुद्राक्ष ग्रह-देवता के अनुसार अभिमंत्रित करके, पूर्णतया वैदिक विधि से सिद्ध करके ही भेजा जाता है।

विस्तार से पढ़ें: सम्बन्धित ग्रह-लेख

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📖 1 मुखी रुद्राक्ष — लाभ, किसे पहनना चाहिए, धारण-विधि →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या महिलाएँ 1 मुखी रुद्राक्ष पहन सकती हैं?

हाँ — रुद्राक्ष में स्त्री-पुरुष का भेद नहीं; मासिक-धर्म में उतारना केवल व्यक्तिगत परंपरा है।

1 मुखी रुद्राक्ष किस दिन धारण करें?

सोमवार सुबह स्नान के बाद, या शिवरात्रि/श्रावण में; «ॐ ह्रीं नमः» 108 बार जपें।

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