ग्रह

सूर्य ग्रह: ज्योतिष में प्रभाव और उपाय

वैदिक ज्योतिष में सूर्य समस्त ग्रहों का राजा है — जीवन, प्रकाश और ऊर्जा का दाता। यह आत्मा, स्वयं और उस आंतरिक चिंगारी का प्रतिनिधि है जो व्यक्ति को आगे बढ़ाती है।

कुंडली में सूर्य जहाँ बैठा हो, वह दिखाता है कि आप कहाँ पहचान, अधिकार और उद्देश्य की भावना चाहते हैं।

सूर्य किसका कारक है

सूर्य जीवन के कई मूल विषयों का स्वाभाविक कारक है।

मजबूत सूर्य के प्रभाव

शुभ स्थिति वाला बलवान सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व, अच्छा स्वास्थ्य और दूसरों का सम्मान देता है। ऐसा व्यक्ति प्रायः अधिकार के पद तक पहुँचता है और ईमानदारी व गरिमामय उपस्थिति के लिए जाना जाता है।

कमजोर सूर्य के प्रभाव

कमजोर या पीड़ित सूर्य कम आत्मविश्वास, अहं संबंधी संघर्ष, अधिकारियों से समस्या, पिता से तनाव, या ऊर्जा में गिरावट के रूप में दिख सकता है।

सूर्य को बलवान करने के उपाय

उपायों का केंद्र प्रकाश और अधिकार का सम्मान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आत्मविश्वास, नेतृत्व, अच्छा स्वास्थ्य, पहचान और दूसरों का सम्मान — प्रायः अधिकार का पद।

रविवार सूर्य का दिन है, इसके उपाय, दान और उपासना के लिए सर्वोत्तम।

उगते सूर्य को जल अर्पण, सूर्य मंत्रों का जाप, गेहूँ या गुड़ का दान, और पिता का सम्मान व्यापक रूप से अनुशंसित है।

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