ग्रह

गुरु (बृहस्पति) ग्रह: ज्योतिष में प्रभाव और उपाय

गुरु, यानी बृहस्पति, वैदिक ज्योतिष का महान शिक्षक और सबसे शुभ ग्रह है। यह बुद्धि, नीति, भाग्य और वृद्धि का प्रतिनिधि है।

गुरु जहाँ भी बैठता है, उस क्षेत्र को बढ़ाने और आशीर्वाद देने की प्रवृत्ति रखता है।

गुरु किसका कारक है

गुरु बुद्धि और समृद्धि का कारक है।

मजबूत गुरु के प्रभाव

बलवान गुरु बुद्धि, आशावाद, अच्छे मूल्य, समृद्धि और सम्मान देता है। ऐसे लोग प्रायः मार्गदर्शक, शिक्षक या सलाहकार होते हैं, और अच्छा भाग्य व भरोसेमंद सहारा आकर्षित करते हैं।

कमजोर गुरु के प्रभाव

कमजोर या पीड़ित गुरु ख़राब निर्णय, दिशाहीनता, आर्थिक संघर्ष, या डगमगाती आस्था के रूप में दिख सकता है।

गुरु को बलवान करने के उपाय

उपायों का केंद्र बुद्धि, कृतज्ञता और गुरुजनों का सम्मान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु बुद्धि, वृद्धि और कृपा का प्रतिनिधि है, और कुंडली में जिस क्षेत्र को छूता है उसे बढ़ाने व आशीर्वाद देने की प्रवृत्ति रखता है, इसीलिए इसे महान शुभ ग्रह माना जाता है।

ख़राब निर्णय, दिशाहीनता, न टिकने वाला धन, या डगमगाती आस्था प्रायः कमजोर गुरु से जुड़े हैं।

गुरुवार गुरु का दिन है, इसके मंत्रों, पीले दान और भगवान विष्णु की उपासना के लिए सर्वोत्तम।

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