ग्रह

राहु ग्रह: ज्योतिष में प्रभाव और उपाय

राहु एक छाया ग्रह है — चंद्रमा का उत्तर नोड। इसका कोई भौतिक शरीर नहीं, फिर भी कुंडली में इसका प्रभाव सबसे प्रबल में से एक है। राहु इच्छा, महत्वाकांक्षा और अज्ञात का प्रतिनिधि है।

यह व्यक्ति को उसकी सबसे प्रबल चाह की ओर धकेलता है, प्रायः अपरंपरागत या अचानक ढंग से।

राहु किसका कारक है

राहु सांसारिक इच्छा और वृद्धि का कारक है।

मजबूत राहु के प्रभाव

सही दिशा वाला राहु अचानक सफलता, तीव्र महत्वाकांक्षा, मौलिकता और आधुनिक या विदेशी क्षेत्रों में फलने-फूलने की क्षमता दे सकता है। कई स्वनिर्मित सफल लोग मजबूत राहु पर सवार होते हैं।

पीड़ित राहु के प्रभाव

पीड़ित राहु भ्रम, चिंता, व्यसन, या ऐसी चीज़ों के पीछे भागना ला सकता है जो कभी संतुष्ट नहीं करतीं।

राहु को संभालने के उपाय

उपायों का उद्देश्य राहु की बेचैन ऊर्जा को स्थिर करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नहीं। सही दिशा में राहु अचानक सफलता, महत्वाकांक्षा और मौलिकता दे सकता है। कई स्वनिर्मित लोग मजबूत राहु पर फलते-फूलते हैं।

बेचैनी, चिंता, व्यसन, भ्रम, या कभी संतुष्ट न करने वाली चीज़ों के पीछे भागना प्रायः पीड़ित राहु से जुड़े हैं।

माता दुर्गा और भगवान शिव की उपासना, राहु मंत्र, दान और पक्षियों को दाना इसकी ऊर्जा स्थिर करने हेतु व्यापक रूप से अनुशंसित है।

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