Nakshtra Takकुंडलीराशिफलपंचांगमिलानज्ञानग्रह-फलज्योतिषीStore
🛍️ स्टोर

7 मुखी रुद्राक्ष — लाभ, किसे पहनना चाहिए, धारण-विधि, मंत्र व दाम

7 मुखी रुद्राक्ष के देवता महालक्ष्मी और ग्रह शनि हैं। धन-संबंधी बाधा, व्यापार, शनि-दशा व साढ़ेसाती; नीलम न पहन सकने वालों के लिए सौम्य विकल्प।

प्रमाणित 7 मुखी रुद्राक्ष — दाम (7)

7 मुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • धन-आगमन व व्यापार-वृद्धि
  • शनि-दशा/साढ़ेसाती के कष्ट में राहत
  • दरिद्रता व दुर्भाग्य-भाव से मुक्ति (लोक-मत)
  • अस्थि व जोड़ों की समस्याओं में (शास्त्र-मत)

7 मुखी रुद्राक्ष की धारण-विधि

सोमवार सुबह स्नान के बाद दाने को कच्चे दूध व गंगाजल से शुद्ध करें, धूप-दीप दिखाकर «ॐ हुं नमः» 108 बार जपें और लाल/पीले धागे या चाँदी में गले/कलाई में धारण करें। मांस-मद्य से दूर रहें; सोते समय, शौच व श्मशान जाते समय उतार सकते हैं; समय-समय पर सरसों/चंदन के तेल से पोषण दें।

मंत्र

ॐ हुं नमः — 108 बार प्रतिदिन

असली रुद्राक्ष की पहचान

प्राकृतिक छिद्र (ड्रिल नहीं), ऊपर से नीचे तक साफ़ मुखी-रेखाएँ, घना दाना पानी में डूबे, दरार न हो; दाने के साथ प्रमाणपत्र।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या महिलाएँ 7 मुखी रुद्राक्ष पहन सकती हैं?

हाँ — रुद्राक्ष में स्त्री-पुरुष का भेद नहीं; मासिक-धर्म में उतारना केवल व्यक्तिगत परंपरा है।

7 मुखी रुद्राक्ष किस दिन धारण करें?

सोमवार सुबह स्नान के बाद, या शिवरात्रि/श्रावण में; «ॐ हुं नमः» 108 बार जपें।

क्या इसे अन्य मुखी या रत्न के साथ पहन सकते हैं?

रुद्राक्ष आपस में प्रायः सुरक्षित हैं; रत्न के साथ ग्रह-नियम देखें — अपनी कुंडली के लिए ज्योतिषी से पूछें।

7 मुखी रुद्राक्ष का दाम कितना है?

आकार, मूल (नेपाल/इंडोनेशिया) व गुणवत्ता पर — नीचे प्रमाणित दाने दाम-सहित।

🧮 मेरा रत्न कौन-सा? (कैलकुलेटर) · 🧾 निःशुल्क कुंडली · 🧙 ज्योतिषी से पूछें · 🛍 सभी उत्पाद

रत्न व रुद्राक्ष के प्रभाव शास्त्र व परंपरा के अनुसार हैं; ये चिकित्सा का विकल्प नहीं हैं।