लेस्टर पंचांग — सोमवार, 20 अप्रैल 2026

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
← 19 अप्रैलआज21 अप्रैल →
सोमवार, 20 अप्रैल · लेस्टर
तिथि: चतुर्थी 11:45 PM तक · नक्षत्र: रोहिणी 9:38 PM तक
सूर्योदय 5:56 AM · सूर्यास्त 8:12 PM · राहुकाल 7:43 AM – 9:30 AM

सब समय लेस्टर के स्थानीय समय (BST) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिचतुर्थी — 11:45 PM → पंचमी
पक्षशुक्ल पक्ष
नक्षत्ररोहिणी — 9:38 PM → मृगशिरा
योगसौभाग्य — 11:41 AM
करणवणिज — 1:20 PM · विष्टि
सूर्योदय / सूर्यास्त5:56 AM / 8:12 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त6:59 AM / 1:08 AM, 21 अप्रैल
चंद्र मासवैशाख (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिवृष — 8:31 AM, 21 अप्रैल
सूर्य राशिमेष
विक्रम संवत / शक2083 / 1948
ऋतु / अयनग्रीष्म · उत्तरायण
दिनमान / रात्रिमान14 घंटे 16 मिनट / 9 घंटे 42 मिनट
दिशा शूलपूर्व

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त4:38 AM – 5:17 AM
अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 1:33 PM
अमृत काल6:46 PM – 8:12 PM
रवि योग5:56 AM – 9:38 PM
विशेष शुभ योगसर्वार्थ सिद्धि योग: 5:56 AM – 5:54 AM, 21 अप्रैल
अमृत सिद्धि योग: 9:38 PM – 5:54 AM, 21 अप्रैल
विजय मुहूर्त3:27 PM – 4:24 PM
गोधूलि मुहूर्त8:12 PM – 8:31 PM
निशीथ मुहूर्त12:44 AM, 21 अप्रैल – 1:22 AM, 21 अप्रैल
प्रातः सन्ध्या4:58 AM – 5:56 AM
सायाह्न सन्ध्या8:12 PM – 9:10 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल7:43 AM – 9:30 AM
यमगंड11:17 AM – 1:04 PM
गुलिक काल2:51 PM – 4:38 PM
दुर्मुहूर्त1:33 PM – 2:30 PM, 4:24 PM – 5:21 PM
वर्ज्य2:27 PM – 3:54 PM, 2:44 AM, 21 अप्रैल – 4:11 AM, 21 अप्रैल
भद्रा1:20 PM – 11:45 PM
बाणचोर बाण 8:19 AM – पूरी रात

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदरोहिणी-2 — 10:50 AM · रोहिणी-3 — 4:14 PM · रोहिणी-4 — 9:38 PM · मृगशिरा-1 — 3:04 AM, 21 अप्रैल · मृगशिरा-2 — 8:31 AM, 21 अप्रैल
अगला योगशोभन — 8:01 AM, 21 अप्रैल
सूर्य-नक्षत्रअश्विनी (पद 2)
मध्याह्न1:04 PM
आनन्दादि योगवर्धमान — 9:38 PM फिर आनन्द
तमिल योगसिद्ध
होमाहुतिबुध
नक्षत्र शूलपश्चिम (5:56 AM – 9:38 PM)
चन्द्र वासदक्षिण
राहु वासउत्तर-पश्चिम
कुम्भ चक्रपूर्व
जीवनम् / नेत्रम्अर्ध जीवन · अन्ध — 9:38 PM फिर एक नेत्र
भद्रा-वासस्वर्ग (1:20 PM – 11:45 PM)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)वृष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
चन्द्राष्टमतुला
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उ.फाल्गुनी, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, शतभिषा, उ.भाद्रपद (— 9:38 PM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)वसन्त · उत्तरायण
गुजराती संवत / कलियुग2082 पिंगल / 5127
प्रविष्टे / गते7
राष्ट्रीय शक तिथिचैत्र 30, शक 1948
पंचक-रहित मुहूर्त⛔ अग्नि पंचक: 5:56 AM – 6:53 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 6:53 AM – 8:28 AM
⛔ राज पंचक: 8:28 AM – 10:52 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 10:52 AM – 1:43 PM
⛔ चोर पंचक: 1:43 PM – 4:36 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 4:36 PM – 7:29 PM
⛔ रोग पंचक: 7:29 PM – 9:38 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:38 PM – 10:22 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 10:22 PM – 11:45 PM
⛔ अग्नि पंचक: 11:45 PM – 1:01 AM, 21 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 1:01 AM, 21 अप्रैल – 2:55 AM, 21 अप्रैल
⛔ राज पंचक: 2:55 AM, 21 अप्रैल – 4:07 AM, 21 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 4:07 AM, 21 अप्रैल – 4:58 AM, 21 अप्रैल
⛔ चोर पंचक: 4:58 AM, 21 अप्रैल – 5:47 AM, 21 अप्रैल
⛔ राज पंचक: 5:47 AM, 21 अप्रैल – 5:54 AM, 21 अप्रैल
उदय-लग्नमेष: 5:56 AM – 6:53 AM
वृष: 6:53 AM – 8:28 AM
मिथुन: 8:28 AM – 10:52 AM
कर्क: 10:52 AM – 1:43 PM
सिंह: 1:43 PM – 4:36 PM
कन्या: 4:36 PM – 7:29 PM
तुला: 7:29 PM – 10:22 PM
वृश्चिक: 10:22 PM – 1:01 AM, 21 अप्रैल
धनु: 1:01 AM, 21 अप्रैल – 2:55 AM, 21 अप्रैल
मकर: 2:55 AM, 21 अप्रैल – 4:07 AM, 21 अप्रैल
कुंभ: 4:07 AM, 21 अप्रैल – 4:58 AM, 21 अप्रैल
मीन: 4:58 AM, 21 अप्रैल – 5:47 AM, 21 अप्रैल
मेष: 5:47 AM, 21 अप्रैल – 5:54 AM, 21 अप्रैल

प्रश्नोत्तर

लेस्टर का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। लेस्टर का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

लेस्टर का स्थानीय समय (BST), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

लेस्टर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

🧙 यूके (ब्रिटेन) से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं। ज्योतिषी देखें →