सिएटल पंचांग — शनिवार, 4 अप्रैल 2026

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
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शनिवार, 4 अप्रैल · सिएटल
तिथि: तृतीया 11:30 PM तक · नक्षत्र: स्वाती 9:05 AM तक
सूर्योदय 6:42 AM · सूर्यास्त 7:44 PM · राहुकाल 9:58 AM – 11:35 AM

सब समय सिएटल के स्थानीय समय (PDT) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथितृतीया — 11:30 PM → चतुर्थी
पक्षकृष्ण पक्ष
नक्षत्रस्वाती — 9:05 AM → विशाखा
योगवज्र — 2:14 AM, 5 अप्रैल
करणवणिज — 10:32 AM · विष्टि
सूर्योदय / सूर्यास्त6:42 AM / 7:44 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त11:22 PM / 7:13 AM
चंद्र मासचैत्र (अमांत) · वैशाख (पूर्णिमांत)
चंद्र राशितुला — 4:58 AM, 5 अप्रैल
सूर्य राशिमीन
विक्रम संवत / शक2083 / 1948
ऋतु / अयनवसंत · उत्तरायण
दिनमान / रात्रिमान13 घंटे 2 मिनट / 10 घंटे 56 मिनट
दिशा शूलपूर्व

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त5:14 AM – 5:58 AM
अभिजित मुहूर्त12:47 PM – 1:39 PM
अमृत काल1:54 AM, 5 अप्रैल – 3:40 AM, 5 अप्रैल
विशेष शुभ योगसर्वार्थ सिद्धि योग: 6:42 AM – 9:05 AM
विजय मुहूर्त3:23 PM – 4:15 PM
गोधूलि मुहूर्त7:44 PM – 8:06 PM
निशीथ मुहूर्त12:50 AM, 5 अप्रैल – 1:34 AM, 5 अप्रैल
प्रातः सन्ध्या5:36 AM – 6:42 AM
सायाह्न सन्ध्या7:44 PM – 8:50 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल9:58 AM – 11:35 AM
यमगंड2:51 PM – 4:29 PM
गुलिक काल6:42 AM – 8:20 AM
दुर्मुहूर्त6:42 AM – 7:34 AM, 7:34 AM – 8:26 AM
वर्ज्य3:17 PM – 5:03 PM
भद्रा10:32 AM – 11:30 PM
विंछुडो (चंद्र वृश्चिक में)4:58 AM, 5 अप्रैल – 6:40 AM, 5 अप्रैल
बाणअग्नि बाण — 5:17 PM

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदस्वाती-4 — 9:06 AM · विशाखा-1 — 3:42 PM · विशाखा-2 — 10:19 PM · विशाखा-3 — 4:58 AM, 5 अप्रैल · विशाखा-4 — 11:38 AM, 5 अप्रैल
अगला योगसिद्धि — 2:55 AM, 6 अप्रैल
सूर्य-नक्षत्ररेवती (पद 2)
मध्याह्न1:13 PM
आनन्दादि योगसिद्धि — 9:06 AM फिर शुभ
तमिल योगअमृत — 9:06 AM फिर सिद्ध
होमाहुतिमंगल
चन्द्र वासपश्चिम — 4:58 AM, 5 अप्रैल फिर उत्तर
राहु वासपूर्व
कुम्भ चक्रउत्तर
जीवनम् / नेत्रम्पूर्ण जीवन · दो नेत्र
भद्रा-वासपाताल (10:32 AM – 11:30 PM)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, वृष, सिंह, तुला, धनु, मकर
चन्द्राष्टममीन
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उ.फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, उ.भाद्रपद (— 9:05 AM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)वसन्त · उत्तरायण
गुजराती संवत / कलियुग2082 पिंगल / 5127
प्रविष्टे / गते22
राष्ट्रीय शक तिथिचैत्र 14, शक 1948
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 6:42 AM – 8:17 AM
⛔ चोर पंचक: 8:17 AM – 9:06 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:06 AM – 9:59 AM
⛔ रोग पंचक: 9:59 AM – 12:20 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 12:20 PM – 3:02 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 3:02 PM – 5:45 PM
⛔ अग्नि पंचक: 5:45 PM – 8:27 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 8:27 PM – 11:10 PM
⛔ राज पंचक: 11:10 PM – 11:30 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 11:30 PM – 1:42 AM, 5 अप्रैल
⛔ चोर पंचक: 1:42 AM, 5 अप्रैल – 3:40 AM, 5 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 3:40 AM, 5 अप्रैल – 5:01 AM, 5 अप्रैल
⛔ रोग पंचक: 5:01 AM, 5 अप्रैल – 6:03 AM, 5 अप्रैल
✅ शुभ मुहूर्त: 6:03 AM, 5 अप्रैल – 6:40 AM, 5 अप्रैल
उदय-लग्नमीन: 6:42 AM – 7:06 AM
मेष: 7:06 AM – 8:17 AM
वृष: 8:17 AM – 9:59 AM
मिथुन: 9:59 AM – 12:20 PM
कर्क: 12:20 PM – 3:02 PM
सिंह: 3:02 PM – 5:45 PM
कन्या: 5:45 PM – 8:27 PM
तुला: 8:27 PM – 11:10 PM
वृश्चिक: 11:10 PM – 1:42 AM, 5 अप्रैल
धनु: 1:42 AM, 5 अप्रैल – 3:40 AM, 5 अप्रैल
मकर: 3:40 AM, 5 अप्रैल – 5:01 AM, 5 अप्रैल
कुंभ: 5:01 AM, 5 अप्रैल – 6:03 AM, 5 अप्रैल
मीन: 6:03 AM, 5 अप्रैल – 6:40 AM, 5 अप्रैल

प्रश्नोत्तर

सिएटल का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। सिएटल का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

सिएटल का स्थानीय समय (PDT), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

सिएटल के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

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