Nakshtra Takकुंडलीराशिफलपंचांगमिलानज्ञानग्रह-फलज्योतिषीStore

सिएटल पंचांग — बुधवार, 17 मार्च 2027

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
← 16 मार्चआज18 मार्च →
बुधवार, 17 मार्च · सिएटल
तिथि: दशमी 3:52 PM तक · नक्षत्र: पुनर्वसु 4:37 PM तक
सूर्योदय 7:18 AM · सूर्यास्त 7:18 PM · राहुकाल 1:18 PM – 2:48 PM

सब समय सिएटल के स्थानीय समय (PDT) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिदशमी — 3:52 PM → एकादशी
पक्षशुक्ल पक्ष
नक्षत्रपुनर्वसु — 4:37 PM → पुष्य
योगशोभन — 5:17 PM
करणगर — 3:52 PM · वणिज
सूर्योदय / सूर्यास्त7:18 AM / 7:18 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त1:37 PM / —
चंद्र मासफाल्गुन (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिमिथुन — 11:03 AM
सूर्य राशिमीन
विक्रम संवत / शक2083 / 1948
ऋतु / अयनवसंत · उत्तरायण
दिनमान / रात्रिमान12 घंटे 0 मिनट / 11 घंटे 58 मिनट
दिशा शूलउत्तर

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त5:42 AM – 6:30 AM
अभिजित मुहूर्तनहीं (बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता)
अमृत काल2:23 PM – 3:52 PM
रवि योग7:18 AM – 4:37 PM
विजय मुहूर्त3:18 PM – 4:06 PM
गोधूलि मुहूर्त7:18 PM – 7:42 PM
निशीथ मुहूर्त12:53 AM, 18 मार्च – 1:41 AM, 18 मार्च
प्रातः सन्ध्या6:06 AM – 7:18 AM
सायाह्न सन्ध्या7:18 PM – 8:30 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल1:18 PM – 2:48 PM
यमगंड8:48 AM – 10:18 AM
गुलिक काल11:48 AM – 1:18 PM
दुर्मुहूर्त12:54 PM – 1:42 PM
वर्ज्य12:02 AM, 18 मार्च – 1:31 AM, 18 मार्च
भद्रा2:38 AM, 18 मार्च – 7:16 AM, 18 मार्च
बाणअग्नि बाण — 6:52 PM

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदपुनर्वसु-3 — 11:03 AM · पुनर्वसु-4 — 4:37 PM · पुष्य-1 — 10:11 PM · पुष्य-2 — 3:45 AM, 18 मार्च · पुष्य-3 — 9:18 AM, 18 मार्च
अगला योगअतिगण्ड — 2:04 PM, 18 मार्च
सूर्य-नक्षत्रपू.भाद्रपद (पद 4)
मध्याह्न1:18 PM
आनन्दादि योगगद — 4:37 PM फिर मातङ्ग
तमिल योगमरण — 4:37 PM फिर अमृत
होमाहुतिशनि
चन्द्र वासपश्चिम — 11:03 AM फिर उत्तर
राहु वासदक्षिण-पश्चिम
कुम्भ चक्रपश्चिम
जीवनम् / नेत्रम्निर्जीव — 4:37 PM फिर पूर्ण जीवन — 2:55 AM, 18 मार्च फिर निर्जीव · दो नेत्र
भद्रा-वासपृथ्वी (2:38 AM, 18 मार्च – 7:16 AM, 18 मार्च)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्राष्टमवृश्चिक
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद, रेवती (— 4:37 PM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)शिशिर · उत्तरायण
गुजराती संवत / कलियुग2083 कालयुक्त / 5127
प्रविष्टे / गते4
राष्ट्रीय शक तिथिफाल्गुन 26, शक 1948
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 7:18 AM – 7:18 AM
⛔ चोर पंचक: 7:18 AM – 8:17 AM
⛔ राज पंचक: 8:17 AM – 9:29 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:29 AM – 11:11 AM
⛔ चोर पंचक: 11:11 AM – 1:32 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 1:32 PM – 3:52 PM
⛔ रोग पंचक: 3:52 PM – 4:14 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 4:14 PM – 4:37 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 4:37 PM – 6:56 PM
⛔ अग्नि पंचक: 6:56 PM – 9:39 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:39 PM – 12:22 AM, 18 मार्च
⛔ राज पंचक: 12:22 AM, 18 मार्च – 2:54 AM, 18 मार्च
✅ शुभ मुहूर्त: 2:54 AM, 18 मार्च – 4:52 AM, 18 मार्च
⛔ चोर पंचक: 4:52 AM, 18 मार्च – 6:13 AM, 18 मार्च
✅ शुभ मुहूर्त: 6:13 AM, 18 मार्च – 7:15 AM, 18 मार्च
⛔ रोग पंचक: 7:15 AM, 18 मार्च – 7:16 AM, 18 मार्च
उदय-लग्नकुंभ: 7:18 AM – 7:18 AM
मीन: 7:18 AM – 8:17 AM
मेष: 8:17 AM – 9:29 AM
वृष: 9:29 AM – 11:11 AM
मिथुन: 11:11 AM – 1:32 PM
कर्क: 1:32 PM – 4:14 PM
सिंह: 4:14 PM – 6:56 PM
कन्या: 6:56 PM – 9:39 PM
तुला: 9:39 PM – 12:22 AM, 18 मार्च
वृश्चिक: 12:22 AM, 18 मार्च – 2:54 AM, 18 मार्च
धनु: 2:54 AM, 18 मार्च – 4:52 AM, 18 मार्च
मकर: 4:52 AM, 18 मार्च – 6:13 AM, 18 मार्च
कुंभ: 6:13 AM, 18 मार्च – 7:15 AM, 18 मार्च
मीन: 7:15 AM, 18 मार्च – 7:16 AM, 18 मार्च

प्रश्नोत्तर

सिएटल का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। सिएटल का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

सिएटल का स्थानीय समय (PDT), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

सिएटल के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

🧙 अमेरिका से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं। ज्योतिषी देखें →