हर तिथि के साथ वह सटीक समय है जब शुभ नक्षत्र, तिथि और पंचांग के बाक़ी अंग साथ हों — पर्थ के स्थानीय समय (AWST, DST सहित) में, पर्थ के अपने सूर्योदय से, प्रकाशित पंचांगों से मिलाए शास्त्रीय नियमों पर। गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास आदि वर्जित काल पहले ही हटा दिए गए हैं।
जनवरी 1फ़रवरी 7मार्च 10अप्रैल 1मई 8जून 5जुलाई 0अगस्त 0सितंबर 0अक्टूबर 0नवंबर 9दिसंबर 6
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 जनवरी शुक्रवार | 03:40 PM – 07:59 PM | चित्रा | दशमी | तुला |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 10 फ़रवरी बुधवार | 05:35 AM, 11 फ़र – 05:50 AM, 11 फ़र | उ.भाद्रपद | पंचमी | मीन |
| 11 फ़रवरी गुरुवार | 05:50 AM – 05:48 AM, 12 फ़र | उ.भाद्रपद, रेवती | पंचमी | मीन |
| 15 फ़रवरी सोमवार | 01:14 AM, 16 फ़र – 05:55 AM, 16 फ़र | रोहिणी | दशमी | वृषभ |
| 22 फ़रवरी सोमवार | 02:24 PM – 06:01 AM, 23 फ़र | उ.फाल्गुनी | द्वितीया, तृतीया | सिंह → कन्या (08:00 PM) |
| 24 फ़रवरी बुधवार | 11:10 PM – 06:02 AM, 25 फ़र | चित्रा | पंचमी | कन्या → तुला (12:00 AM, 25 फ़र) |
| 25 फ़रवरी गुरुवार | 06:02 AM – 12:02 PM | चित्रा | पंचमी | तुला |
| 27 फ़रवरी शनिवार | 02:09 PM – 12:25 AM, 28 फ़र | अनुराधा | सप्तमी | वृश्चिक |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 3 मार्च बुधवार | 01:04 AM, 4 मार्च – 06:08 AM, 4 मार्च | उ.आषाढ़ | एकादशी | धनु |
| 4 मार्च गुरुवार | 06:08 AM – 09:54 AM | उ.आषाढ़ | एकादशी | धनु → मकर (07:50 AM) |
| 10 मार्च बुधवार | 06:12 AM – 06:13 AM, 11 मार्च | उ.भाद्रपद, रेवती | द्वितीया, तृतीया | मीन |
| 11 मार्च गुरुवार | 06:13 AM – 01:49 PM | रेवती | तृतीया | मीन |
| 15 मार्च सोमवार | 06:16 AM – 01:21 PM | रोहिणी, मृगशिरा | सप्तमी | वृषभ |
| 22 मार्च सोमवार | 06:43 PM – 11:15 PM | उ.फाल्गुनी | प्रतिपदा | कन्या |
| 24 मार्च बुधवार | 06:22 AM – 09:55 PM | चित्रा | द्वितीया, तृतीया | कन्या → तुला (10:03 AM) |
| 26 मार्च शुक्रवार | 11:05 PM – 06:24 AM, 27 मार्च | अनुराधा | पंचमी | वृश्चिक |
| 27 मार्च शनिवार | 06:24 AM – 04:03 PM | अनुराधा | पंचमी | वृश्चिक |
| 31 मार्च बुधवार | 12:46 AM, 1 अप्रैल – 06:28 AM, 1 अप्रैल | उ.आषाढ़ | दशमी | मकर |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 अप्रैल गुरुवार | 06:28 AM – 11:55 AM | उ.आषाढ़ | दशमी | मकर |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 7 मई शुक्रवार | 02:12 AM, 8 मई – 06:53 AM, 8 मई | रोहिणी | द्वितीया | वृषभ |
| 8 मई शनिवार | 06:53 AM – 06:54 AM, 9 मई | रोहिणी, मृगशिरा | द्वितीया, तृतीया | वृषभ |
| 15 मई शनिवार | 02:30 PM – 06:58 AM, 16 मई | उ.फाल्गुनी | दशमी, एकादशी | सिंह → कन्या (08:22 PM) |
| 17 मई सोमवार | 06:58 PM – 07:00 AM, 18 मई | चित्रा | त्रयोदशी | कन्या → तुला (02:03 AM, 18 मई) |
| 20 मई गुरुवार | 06:59 PM – 07:02 AM, 21 मई | अनुराधा | प्रतिपदा | वृश्चिक |
| 21 मई शुक्रवार | 07:02 AM – 05:20 PM | अनुराधा | प्रतिपदा | वृश्चिक |
| 24 मई सोमवार | 01:29 AM, 25 मई – 07:04 AM, 25 मई | उ.आषाढ़ | पंचमी | धनु |
| 31 मई सोमवार | 07:08 AM – 07:08 AM, 1 जून | उ.भाद्रपद, रेवती | दशमी, एकादशी | मीन |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 5 जून शनिवार | 12:29 AM, 6 जून – 07:06 AM, 6 जून | मृगशिरा | द्वितीया | मिथुन |
| 14 जून सोमवार | 07:14 AM – 07:58 PM | चित्रा | एकादशी | कन्या → तुला (07:40 AM) |
| 16 जून बुधवार | 10:14 PM – 05:50 AM, 17 जून | अनुराधा | त्रयोदशी | वृश्चिक |
| 21 जून सोमवार | 07:33 AM – 07:17 AM, 22 जून | उ.आषाढ़ | द्वितीया, तृतीया | धनु → मकर (02:18 PM) |
| 26 जून शनिवार | 09:52 PM – 12:22 AM, 27 जून | उ.भाद्रपद | सप्तमी | मीन |
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 नवंबर सोमवार | 05:20 AM – 12:27 PM | अनुराधा | तृतीया | वृश्चिक |
| 4 नवंबर गुरुवार | 12:08 AM, 5 नव – 05:16 AM, 5 नव | उ.आषाढ़ | सप्तमी | धनु → मकर (12:36 AM, 5 नव) |
| 5 नवंबर शुक्रवार | 05:16 AM – 08:49 PM | उ.आषाढ़ | सप्तमी | मकर |
| 10 नवंबर बुधवार | 07:56 AM – 11:41 AM | उ.भाद्रपद | एकादशी | मीन |
| 11 नवंबर गुरुवार | 12:37 PM – 05:11 AM, 12 नव | रेवती | त्रयोदशी | मीन |
| 12 नवंबर शुक्रवार | 05:11 AM – 10:25 AM | रेवती | त्रयोदशी | मीन |
| 15 नवंबर सोमवार | 09:36 AM – 05:09 AM, 16 नव | रोहिणी | प्रतिपदा, द्वितीया | वृषभ |
| 17 नवंबर बुधवार | 05:08 AM – 06:12 AM | मृगशिरा | तृतीया | मिथुन |
| 22 नवंबर सोमवार | 11:13 PM – 05:05 AM, 23 नव | उ.फाल्गुनी | दशमी | सिंह → कन्या (04:57 AM, 23 नव) |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर गुरुवार | 04:14 PM – 04:59 AM, 3 दिस | उ.आषाढ़ | पंचमी | मकर |
| 8 दिसंबर बुधवार | 05:03 AM – 05:03 AM, 9 दिस | उ.भाद्रपद, रेवती | दशमी | मीन |
| 9 दिसंबर गुरुवार | 05:03 AM – 07:56 PM | रेवती | दशमी, एकादशी | मीन |
| 13 दिसंबर सोमवार | 12:08 AM, 14 दिस – 05:04 AM, 14 दिस | मृगशिरा | प्रतिपदा | वृषभ → मिथुन (04:51 AM, 14 दिस) |
| 20 दिसंबर सोमवार | 05:07 AM – 06:04 AM | उ.फाल्गुनी | सप्तमी | सिंह |
| 22 दिसंबर बुधवार | 05:08 AM – 02:38 AM, 23 दिस | चित्रा | दशमी, एकादशी | कन्या → तुला (02:44 PM) |
नया घर जीवन की बड़ी उपलब्धि है — गृह-प्रवेश का मुहूर्त इसलिए देखा जाता है कि गृहस्थी की पहली ऊर्जा शुद्ध पंचांग और शुभ ग्रह-घड़ी में पड़े।
गृह-प्रवेश के श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, उत्तरा-फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा-भाद्रपद, रेवती व पुष्य। मासों में माघ, फाल्गुन, वैशाख व ज्येष्ठ सर्वोत्तम माने गए हैं।
चातुर्मास (देवशयन-काल) में गृह-प्रवेश नहीं करते; खरमास, अधिक-मास और भद्रा भी वर्जित। मंगलवार प्रायः टाला जाता है; अमावस्या व रिक्ता तिथियाँ भी नहीं। नया घर हो तो वास्तु-शांति साथ में करवाना उत्तम।
प्रवेश सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) में करें — दाहिना पाँव पहले, कलश-मंगल के साथ। नीचे की सूची से दिन चुनकर अपने शहर का चौघड़िया हमारे चौघड़िया-पन्ने से मिला लें।
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय की तिथि-नक्षत्र और उस दिन के चौघड़िया पर टिका है, जो पर्थ के अपने दिन के भाग हैं। पर्थ का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, बीच में तिथि बदल सकती है — इसीलिए तारीख़ भारतीय पंचांग से एक दिन अलग हो सकती है।
पर्थ का स्थानीय समय (AWST)।
नहीं — ये पर्थ के पंचांग-शुद्ध दिन हैं। अंतिम तिथि संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, चालू दशा) मिलाकर ही पक्की करें — मुहूर्त-उपकरण में जन्म-विवरण दें या ज्योतिषी से पूछें।
हाँ — परम्परा वहाँ भी शुभ दिन की सलाह देती है, पर नियम नए स्व-गृह जितने कड़े नहीं; शुभ चौघड़िया में सामान्य पूजा पर्याप्त मानी जाती है।
परम्परा दिन के प्रकाश (विशेषतः पूर्वाह्न) को श्रेष्ठ कहती है; विशेष स्थिति में ज्योतिषी से लग्न-शुद्धि करवाकर ही तय करें।
प्रायः हाँ — पहले वास्तु-शांति/हवन, फिर प्रवेश; दोनों एक ही शुभ मुहूर्त में हो जाएँ तो उत्तम।