नया घर जीवन की बड़ी उपलब्धि है — गृह-प्रवेश का मुहूर्त इसलिए देखा जाता है कि गृहस्थी की पहली ऊर्जा शुद्ध पंचांग और शुभ ग्रह-घड़ी में पड़े।
गृह-प्रवेश के श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, उत्तरा-फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा-भाद्रपद, रेवती व पुष्य। मासों में माघ, फाल्गुन, वैशाख व ज्येष्ठ सर्वोत्तम माने गए हैं।
चातुर्मास (देवशयन-काल) में गृह-प्रवेश नहीं करते; खरमास, अधिक-मास और भद्रा भी वर्जित। मंगलवार प्रायः टाला जाता है; अमावस्या व रिक्ता तिथियाँ भी नहीं। नया घर हो तो वास्तु-शांति साथ में करवाना उत्तम।
प्रवेश सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) में करें — दाहिना पाँव पहले, कलश-मंगल के साथ। नीचे की सूची से दिन चुनकर अपने शहर का चौघड़िया हमारे चौघड़िया-पन्ने से मिला लें।
| तारीख़ | तिथि / नक्षत्र | शुभ घड़ियाँ (दिल्ली) |
|---|---|---|
| 13-09-2026 रविवार | द्वितीया ⭐ हस्त | लाभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) · अमृत चौघड़िया (10:44 AM – 12:17 PM) |
| 14-09-2026 सोमवार | तृतीया ⭐ चित्रा | अमृत चौघड़िया (06:06 AM – 07:38 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) |
| 18-09-2026 शुक्रवार | सप्तमी ⭐ ज्येष्ठा | लाभ चौघड़िया (07:39 AM – 09:11 AM) · अमृत चौघड़िया (09:11 AM – 10:43 AM) |
| 21-09-2026 सोमवार | दशमी ⭐ उ.आषाढ़ | अमृत चौघड़िया (06:09 AM – 07:40 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:42 AM) |
| 22-09-2026 मंगलवार | एकादशी ⭐ उ.आषाढ़ | लाभ चौघड़िया (10:42 AM – 12:13 PM) · अमृत चौघड़िया (12:13 PM – 01:44 PM) |
| 23-09-2026 बुधवार | द्वादशी ⭐ श्रवण | लाभ चौघड़िया (06:10 AM – 07:40 AM) · अमृत चौघड़िया (07:40 AM – 09:11 AM) |
| 27-09-2026 रविवार | प्रतिपदा ⭐ उ.भाद्रपद | लाभ चौघड़िया (09:12 AM – 10:42 AM) · अमृत चौघड़िया (10:42 AM – 12:12 PM) |
| 28-09-2026 सोमवार | द्वितीया ⭐ रेवती | अमृत चौघड़िया (06:12 AM – 07:41 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:41 AM) |
घड़ियाँ दिल्ली-मानक हैं — अपने शहर व किसी भी तारीख़ के लिए मुहूर्त-उपकरण देखें; अंतिम तिथि अपनी कुंडली मिलाकर ही पक्की करें।
पुराने/किराये के घर में भी मुहूर्त चाहिए?
हाँ — परम्परा वहाँ भी शुभ दिन की सलाह देती है, पर नियम नए स्व-गृह जितने कड़े नहीं; शुभ चौघड़िया में सामान्य पूजा पर्याप्त मानी जाती है।
क्या रात में गृह-प्रवेश हो सकता है?
परम्परा दिन के प्रकाश (विशेषतः पूर्वाह्न) को श्रेष्ठ कहती है; विशेष स्थिति में ज्योतिषी से लग्न-शुद्धि करवाकर ही तय करें।
गृह-प्रवेश और वास्तु-शांति एक दिन हों?
प्रायः हाँ — पहले वास्तु-शांति/हवन, फिर प्रवेश; दोनों एक ही शुभ मुहूर्त में हो जाएँ तो उत्तम।
अन्य मुहूर्त: विवाह मुहूर्त · वाहन-क्रय मुहूर्त · भूमि-पूजन मुहूर्त · नामकरण मुहूर्त · मुंडन मुहूर्त · व्यापार-आरंभ मुहूर्त