विवाह सोलह संस्कारों में सबसे बड़ा है, इसलिए इसका मुहूर्त सबसे कड़ी छननी से निकलता है — शुभ नक्षत्र, शुद्ध तिथि-मास, वर-वधू की राशि से चंद्र-बल और गुरु-शुक्र का उदय, सब एक साथ देखे जाते हैं।
विवाह के मुख्य नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा-फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा-भाद्रपद व रेवती। तिथियों में द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी व त्रयोदशी उत्तम; रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या वर्जित मानी जाती हैं।
गुरु या शुक्र के अस्त (तारा डूबने) में विवाह नहीं होता। खरमास (सूर्य धनु/मीन में — लगभग 16 दिसम्बर से 14 जनवरी व 14 मार्च से 13 अप्रैल), चातुर्मास (देवशयनी से देवोत्थान एकादशी तक) और होलाष्टक में भी विवाह टाला जाता है। भद्रा-काल में विवाह-संस्कार का मुख्य कर्म नहीं करते।
पहले नीचे की सजीव सूची से शुभ दिन छाँटें, फिर वर-वधू की कुंडली से चंद्र-बल व तारा-शुद्धि मिलवाएँ — यही अंतिम मुहर है। लग्न-शुद्धि (विवाह-लग्न में सप्तम शुद्ध) पंडित जी या हमारे ज्योतिषी से करवा लें; कुंडली-मिलान हमारी site पर निःशुल्क है।
| तारीख़ | तिथि / नक्षत्र | शुभ घड़ियाँ (दिल्ली) |
|---|---|---|
| 13-09-2026 रविवार | द्वितीया ⭐ हस्त | लाभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) · अमृत चौघड़िया (10:44 AM – 12:17 PM) |
| 14-09-2026 सोमवार | तृतीया ⭐ चित्रा | अमृत चौघड़िया (06:06 AM – 07:38 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) |
| 17-09-2026 गुरुवार | षष्ठी ⭐ अनुराधा | शुभ चौघड़िया (06:07 AM – 07:39 AM) · लाभ चौघड़िया (12:15 PM – 01:47 PM) |
| 18-09-2026 शुक्रवार | सप्तमी ⭐ ज्येष्ठा | लाभ चौघड़िया (07:39 AM – 09:11 AM) · अमृत चौघड़िया (09:11 AM – 10:43 AM) |
| 21-09-2026 सोमवार | दशमी ⭐ उ.आषाढ़ | अमृत चौघड़िया (06:09 AM – 07:40 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:42 AM) |
| 22-09-2026 मंगलवार | एकादशी ⭐ उ.आषाढ़ | लाभ चौघड़िया (10:42 AM – 12:13 PM) · अमृत चौघड़िया (12:13 PM – 01:44 PM) |
| 23-09-2026 बुधवार | द्वादशी ⭐ श्रवण | लाभ चौघड़िया (06:10 AM – 07:40 AM) · अमृत चौघड़िया (07:40 AM – 09:11 AM) |
| 24-09-2026 गुरुवार | त्रयोदशी ⭐ धनिष्ठा | शुभ चौघड़िया (06:10 AM – 07:40 AM) · लाभ चौघड़िया (12:13 PM – 01:43 PM) |
घड़ियाँ दिल्ली-मानक हैं — अपने शहर व किसी भी तारीख़ के लिए मुहूर्त-उपकरण देखें; अंतिम तिथि अपनी कुंडली मिलाकर ही पक्की करें।
क्या हर शुभ दिन हर जोड़े के लिए सही है?
नहीं — सूची पंचांग-शुद्धि दिखाती है; वर-वधू के जन्म-नक्षत्र से चंद्र-बल और तारा-बल मिलाकर ही तारीख़ पक्की करें।
अबूझ मुहूर्त क्या होते हैं?
अक्षय तृतीया, बसंत पंचमी, भड़ली नवमी व देवोत्थान एकादशी जैसे दिन परम्परा में बिना पूछे शुभ माने जाते हैं — फिर भी गुरु-शुक्र अस्त हों तो शास्त्र इन्हें भी टालने को कहता है।
विवाह-मुहूर्त कितने बजे का रखें?
प्रायः गोधूलि व स्थिर-लग्न की घड़ियाँ श्रेष्ठ मानी जाती हैं — अंतिम लग्न-शुद्धि जोड़े की कुंडली से होती है।
अन्य मुहूर्त: गृह-प्रवेश मुहूर्त · वाहन-क्रय मुहूर्त · भूमि-पूजन मुहूर्त · नामकरण मुहूर्त · मुंडन मुहूर्त · व्यापार-आरंभ मुहूर्त