मुंडन (चूड़ाकरण) में जन्म के बाल उतारकर शिशु को गर्भ-संस्कारों से मुक्त किया जाता है — कोमल शिशु का कर्म है, इसलिए दिन की शुद्धि के साथ मौसम और शिशु का स्वास्थ्य भी देखा जाता है।
परम्परा में विषम वर्ष — पहले, तीसरे, पाँचवें या सातवें वर्ष में मुंडन श्रेष्ठ। उत्तरायण-काल व माघ से ज्येष्ठ तक के मास अनुकूल; चातुर्मास प्रायः टाला जाता है।
मुंडन-नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा व रेवती। वारों में सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार शुभ; मंगल-शनि टालें।
जन्म-मास में और माता को पाँचवाँ मास (गर्भ) चल रहा हो तो कई परम्पराएँ मुंडन टालती हैं; भद्रा, अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ व राहुकाल सदा वर्जित। तीर्थ (जैसे त्रिवेणी, विंध्यवासिनी) में कुल-परम्परा से हो तो वहीं की विधि मान्य।
| तारीख़ | तिथि / नक्षत्र | शुभ घड़ियाँ (दिल्ली) |
|---|---|---|
| 13-09-2026 रविवार | द्वितीया ⭐ हस्त | लाभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) · अमृत चौघड़िया (10:44 AM – 12:17 PM) |
| 14-09-2026 सोमवार | तृतीया ⭐ चित्रा | अमृत चौघड़िया (06:06 AM – 07:38 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:44 AM) |
| 17-09-2026 गुरुवार | षष्ठी ⭐ अनुराधा | शुभ चौघड़िया (06:07 AM – 07:39 AM) · लाभ चौघड़िया (12:15 PM – 01:47 PM) |
| 18-09-2026 शुक्रवार | सप्तमी ⭐ ज्येष्ठा | लाभ चौघड़िया (07:39 AM – 09:11 AM) · अमृत चौघड़िया (09:11 AM – 10:43 AM) |
| 22-09-2026 मंगलवार | एकादशी ⭐ उ.आषाढ़ | लाभ चौघड़िया (10:42 AM – 12:13 PM) · अमृत चौघड़िया (12:13 PM – 01:44 PM) |
| 23-09-2026 बुधवार | द्वादशी ⭐ श्रवण | लाभ चौघड़िया (06:10 AM – 07:40 AM) · अमृत चौघड़िया (07:40 AM – 09:11 AM) |
| 24-09-2026 गुरुवार | त्रयोदशी ⭐ धनिष्ठा | शुभ चौघड़िया (06:10 AM – 07:40 AM) · लाभ चौघड़िया (12:13 PM – 01:43 PM) |
| 28-09-2026 सोमवार | द्वितीया ⭐ रेवती | अमृत चौघड़िया (06:12 AM – 07:41 AM) · शुभ चौघड़िया (09:11 AM – 10:41 AM) |
घड़ियाँ दिल्ली-मानक हैं — अपने शहर व किसी भी तारीख़ के लिए मुहूर्त-उपकरण देखें; अंतिम तिथि अपनी कुंडली मिलाकर ही पक्की करें।
क्या मुंडन जन्मदिन पर हो सकता है?
विषम वर्ष लगते ही (जैसे तीसरा वर्ष शुरू होने पर) शुभ नक्षत्र-दिन में करें — ठीक जन्म-तिथि का आग्रह नहीं, शुद्ध मुहूर्त का है।
लड़कियों का मुंडन होता है?
कई कुलों में हाँ (चूड़ाकरण सबका संस्कार है), कई में नहीं — यह कुल-परम्परा का विषय है, शास्त्र दोनों को मान देता है।
मुंडन के बाल का क्या करें?
परम्परा में बाल जल-प्रवाह या तीर्थ में अर्पित किए जाते हैं — अपने पुरोहित की बताई विधि मानें।
अन्य मुहूर्त: विवाह मुहूर्त · गृह-प्रवेश मुहूर्त · वाहन-क्रय मुहूर्त · भूमि-पूजन मुहूर्त · नामकरण मुहूर्त · व्यापार-आरंभ मुहूर्त