हरे दिनों पर कम-से-कम एक मुहूर्त है (छोटा अंक = कितने)। विवाह, गृह-प्रवेश, वाहन, नामकरण व मुंडन का सटीक समय (नियम प्रकाशित पंचांगों से मिलाए); बाक़ी कामों की उस दिन की शुभ चौघड़िया — सब पर्थ के स्थानीय समय (AWST) में, DST सहित। चातुर्मास/खरमास, गुरु-शुक्र अस्त व अधिक मास पहले ही हटाए।
| तारीख़ | किस काम का मुहूर्त | तिथि · नक्षत्र | शुभ घड़ियाँ (AWST) |
|---|---|---|---|
| 2 सितंबर गुरुवार | वाहन-क्रय नामकरण | तृतीया · हस्त | 🕐 8:06 PM – 6:32 AM, 3 सितंबर |
| 3 सितंबर शुक्रवार | वाहन-क्रय नामकरण | तृतीया · हस्त | 🕐 6:32 AM – 4:49 PM |
| 5 सितंबर रविवार | वाहन-क्रय नामकरण | पंचमी · स्वाती | 🕐 6:29 AM – 5:00 PM |
| 6 सितंबर सोमवार | नामकरण | सप्तमी · अनुराधा | 🕐 5:29 PM – 6:27 AM, 7 सितंबर |
| 12 सितंबर रविवार | नामकरण | द्वादशी · श्रवण | 🕐 6:20 AM – 6:19 AM, 13 सितंबर |
| 13 सितंबर सोमवार | वाहन-क्रय नामकरण | त्रयोदशी · श्रवण | 🕐 6:19 AM – 3:10 AM, 14 सितंबर |
| 15 सितंबर बुधवार | वाहन-क्रय नामकरण | पूर्णिमा · शतभिषा | 🕐 6:16 AM – 2:03 PM |
| 16 सितंबर गुरुवार | नामकरण | प्रतिपदा · उ.भाद्रपद | 🕐 4:13 PM – 6:14 AM, 17 सितंबर |
| 17 सितंबर शुक्रवार | नामकरण | प्रतिपदा · उ.भाद्रपद | 🕐 6:14 AM – 6:12 AM, 18 सितंबर |
| 18 सितंबर शनिवार | व्यापार-आरंभ | द्वितीया · रेवती | शुभ चौघड़िया 07:41 AM – 09:11 AM · लाभ चौघड़िया 01:40 PM – 03:10 PM |
| 19 सितंबर रविवार | नामकरण | तृतीया · अश्विनी | 🕐 6:11 AM – 9:39 AM |
| 21 सितंबर मंगलवार | व्यापार-आरंभ | पंचमी · कृत्तिका | लाभ चौघड़िया 10:39 AM – 12:10 PM · अमृत चौघड़िया 12:10 PM – 01:40 PM |
| 22 सितंबर बुधवार | नामकरण ⭐ व्यापार-आरंभ | षष्ठी · रोहिणी | 🕐 6:07 AM – 6:06 AM, 23 सितंबर |
| 23 सितंबर गुरुवार | नामकरण | सप्तमी · मृगशिरा | 🕐 6:06 AM – 7:36 PM |
| 25 सितंबर शनिवार | ⭐ व्यापार-आरंभ | दशमी · पुनर्वसु | शुभ चौघड़िया 07:34 AM – 09:05 AM · लाभ चौघड़िया 01:39 PM – 03:11 PM |
| 26 सितंबर रविवार | नामकरण व्यापार-आरंभ | एकादशी · पुष्य | 🕐 6:02 AM – 3:07 PM |
| 30 सितंबर गुरुवार | नामकरण | प्रतिपदा · हस्त | 🕐 10:36 AM – 5:55 AM, 1 अक्टूबर |
अति उत्तम (⭐) दिन: 22 सितंबर, 25 सितंबर।
तिथि-नक्षत्र पर्थ के अपने सूर्योदय के हैं और चौघड़िया पर्थ के दिन के भाग — भारत से घंटों का अंतर, इसलिए तारीख़ एक दिन खिसक सकती है।
नहीं — पक्का करने से पहले संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, दशा) मुहूर्त-उपकरण या ज्योतिषी से मिलाएँ।