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पर्थ में मुंडन मुहूर्त 2026 — शुभ तिथियाँ व स्थानीय समय

पर्थ में 2026 की मुंडन मुहूर्त तिथियाँ बीत चुकीं — नीचे 2027 की सूची देखें। 2027 की तिथियाँ →
20262027📆 इस माह के शुभ दिन

हर तिथि के साथ वह सटीक समय है जब शुभ नक्षत्र, तिथि और पंचांग के बाक़ी अंग साथ हों — पर्थ के स्थानीय समय (AWST, DST सहित) में, पर्थ के अपने सूर्योदय से, प्रकाशित पंचांगों से मिलाए शास्त्रीय नियमों पर। गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास आदि वर्जित काल पहले ही हटा दिए गए हैं।

📅 मुंडन मुहूर्त 2026 — पर्थ: माह-वार हर दिन

मुंडन मुहूर्त · 2026 · पर्थ22शुभ दिन
इस वर्ष आगे कोई शुभ दिन नहीं
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जनवरी 0फ़रवरी 5मार्च 5अप्रैल 4मई 2जून 3जुलाई 3अगस्त 0सितंबर 0अक्टूबर 0नवंबर 0दिसंबर 0

जनवरी 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 जनवरी – 31 जनवरी शुक्र अस्त

फ़रवरी 2026 — 5 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
9 फ़रवरी
सोमवार
05:49 AM – 07:31 AMस्वातीसप्तमीतुला
11 फ़रवरी
बुधवार
01:22 PM – 05:51 AM, 12 फ़रज्येष्ठादशमीवृश्चिक
12 फ़रवरी
गुरुवार
05:51 AM – 04:12 PMज्येष्ठादशमी, एकादशीवृश्चिक
26 फ़रवरी
गुरुवार
06:03 AM – 02:41 PMमृगशिरादशमीमिथुन
27 फ़रवरी
शुक्रवार
01:18 PM – 01:03 AM, 28 फ़रपुनर्वसुएकादशीमिथुन
✗ 1 फ़रवरी – 5 फ़रवरी शुक्र अस्त
✗ 6 फ़रवरी – 8 फ़रवरी शुक्र बाल्यत्व (उदय के बाद के 3 दिन)

मार्च 2026 — 5 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
5 मार्च
गुरुवार
10:47 AM – 06:10 AM, 6 मार्चहस्तद्वितीया, तृतीयाकन्या
6 मार्च
शुक्रवार
06:10 AM – 08:23 PMहस्त, चित्रातृतीयाकन्या
16 मार्च
सोमवार
12:11 PM – 06:17 AM, 17 मार्चधनिष्ठात्रयोदशीमकर → कुंभ (08:44 PM)
25 मार्च
बुधवार
06:23 AM – 04:20 PMमृगशिरासप्तमीवृषभ → मिथुन (08:47 AM)
27 मार्च
शुक्रवार
12:37 PM – 06:25 AM, 28 मार्चपुनर्वसु, पुष्यदशमीकर्क

अप्रैल 2026 — 4 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश123456789101112131415161718192021222324252627282930
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
3 अप्रैल
शुक्रवार
11:12 AM – 06:30 AM, 4 अप्रैलचित्रा, स्वातीद्वितीयातुला
13 अप्रैल
सोमवार
06:36 AM – 03:39 AM, 14 अप्रैलधनिष्ठा, शतभिषाएकादशीकुंभ
23 अप्रैल
गुरुवार
06:43 AM – 11:19 PMपुनर्वसुसप्तमीमिथुन → कर्क (05:43 PM)
29 अप्रैल
बुधवार
06:47 AM – 10:22 PMहस्तत्रयोदशीकन्या

मई 2026 — 2 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
4 मई
सोमवार
12:27 PM – 06:51 AM, 5 मईज्येष्ठातृतीयावृश्चिक
15 मई
शुक्रवार
06:58 AM – 11:01 AMअश्विनीत्रयोदशीमेष
✗ 17 मई – 31 मई अधिक (मल) मास

जून 2026 — 3 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश123456789101112131415161718192021222324252627282930
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
17 जून
बुधवार
07:16 AM – 12:09 AM, 18 जूनपुनर्वसु, पुष्यतृतीयामिथुन → कर्क (10:43 AM)
24 जून
बुधवार
07:17 AM – 07:17 AM, 25 जूनचित्रा, स्वातीदशमी, एकादशीतुला
25 जून
गुरुवार
07:17 AM – 06:59 PMस्वातीएकादशीतुला
✗ 1 जून – 14 जून अधिक (मल) मास

जुलाई 2026 — 3 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031
तारीख़शुभ समयनक्षत्रतिथिचंद्र राशि
2 जुलाई
गुरुवार
11:57 AM – 07:18 AM, 3 जुलश्रवणद्वितीया, तृतीयामकर
3 जुलाई
शुक्रवार
07:18 AM – 01:50 PMश्रवणतृतीयामकर
9 जुलाई
गुरुवार
01:08 PM – 05:26 PMअश्विनीदशमीमेष
✗ 15 जुलाई – 17 जुलाई गुरु वृद्धत्व (अस्त से पहले के 3 दिन)
✗ 18 जुलाई – 31 जुलाई गुरु अस्त

अगस्त 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 अगस्त – 18 अगस्त गुरु अस्त
✗ 19 अगस्त – 21 अगस्त गुरु बाल्यत्व (उदय के बाद के 3 दिन)
✗ 22 अगस्त – 31 अगस्त वर्जित सौर-मास

सितंबर 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश123456789101112131415161718192021222324252627282930

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 सितंबर – 30 सितंबर वर्जित सौर-मास

अक्टूबर 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 अक्टूबर – 18 अक्टूबर वर्जित सौर-मास
✗ 19 अक्टूबर – 21 अक्टूबर शुक्र वृद्धत्व (अस्त से पहले के 3 दिन)
✗ 22 अक्टूबर – 25 अक्टूबर शुक्र अस्त
✗ 26 अक्टूबर – 28 अक्टूबर शुक्र बाल्यत्व (उदय के बाद के 3 दिन)
✗ 29 अक्टूबर – 31 अक्टूबर वर्जित सौर-मास

नवंबर 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश123456789101112131415161718192021222324252627282930

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 नवंबर – 30 नवंबर वर्जित सौर-मास

दिसंबर 2026 — 0 शुभ दिन

रसोमंबुगुशुश12345678910111213141516171819202122232425262728293031

इस माह कोई शुभ दिन नहीं।

✗ 1 दिसंबर – 31 दिसंबर वर्जित सौर-मास

इन तिथियों के पीछे के नियम

मुंडन (चूड़ाकरण) में जन्म के बाल उतारकर शिशु को गर्भ-संस्कारों से मुक्त किया जाता है — कोमल शिशु का कर्म है, इसलिए दिन की शुद्धि के साथ मौसम और शिशु का स्वास्थ्य भी देखा जाता है।

कब करें

परम्परा में विषम वर्ष — पहले, तीसरे, पाँचवें या सातवें वर्ष में मुंडन श्रेष्ठ। उत्तरायण-काल व माघ से ज्येष्ठ तक के मास अनुकूल; चातुर्मास प्रायः टाला जाता है।

शुभ नक्षत्र-वार

मुंडन-नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा व रेवती। वारों में सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार शुभ; मंगल-शनि टालें।

क्या टालें

जन्म-मास में और माता को पाँचवाँ मास (गर्भ) चल रहा हो तो कई परम्पराएँ मुंडन टालती हैं; भद्रा, अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ व राहुकाल सदा वर्जित। तीर्थ (जैसे त्रिवेणी, विंध्यवासिनी) में कुल-परम्परा से हो तो वहीं की विधि मान्य।

पर्थ के अन्य मुहूर्त 2026

ऑस्ट्रेलिया के अन्य शहरों का मुंडन मुहूर्त

प्रश्नोत्तर

पर्थ की मुंडन मुहूर्त तिथियाँ भारत से अलग क्यों?

मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय की तिथि-नक्षत्र और उस दिन के चौघड़िया पर टिका है, जो पर्थ के अपने दिन के भाग हैं। पर्थ का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, बीच में तिथि बदल सकती है — इसीलिए तारीख़ भारतीय पंचांग से एक दिन अलग हो सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

पर्थ का स्थानीय समय (AWST)।

क्या सूची की हर तिथि मेरे लिए ठीक है?

नहीं — ये पर्थ के पंचांग-शुद्ध दिन हैं। अंतिम तिथि संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, चालू दशा) मिलाकर ही पक्की करें — मुहूर्त-उपकरण में जन्म-विवरण दें या ज्योतिषी से पूछें।

क्या मुंडन जन्मदिन पर हो सकता है?

विषम वर्ष लगते ही (जैसे तीसरा वर्ष शुरू होने पर) शुभ नक्षत्र-दिन में करें — ठीक जन्म-तिथि का आग्रह नहीं, शुद्ध मुहूर्त का है।

लड़कियों का मुंडन होता है?

कई कुलों में हाँ (चूड़ाकरण सबका संस्कार है), कई में नहीं — यह कुल-परम्परा का विषय है, शास्त्र दोनों को मान देता है।

मुंडन के बाल का क्या करें?

परम्परा में बाल जल-प्रवाह या तीर्थ में अर्पित किए जाते हैं — अपने पुरोहित की बताई विधि मानें।

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