पर्थ पंचांग — रविवार, 1 अगस्त 2027

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
← 31 जुलाईआज2 अगस्त →
रविवार, 1 अगस्त · पर्थ
तिथि: चतुर्दशी 9:51 PM तक · नक्षत्र: पुनर्वसु 10:35 PM तक
सूर्योदय 7:06 AM · सूर्यास्त 5:40 PM · राहुकाल 4:21 PM – 5:40 PM

सब समय पर्थ के स्थानीय समय (AWST) में। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिचतुर्दशी — 9:51 PM → अमावस्या
पक्षकृष्ण पक्ष
नक्षत्रपुनर्वसु — 10:35 PM → पुष्य
योगवज्र — 1:13 AM, 2 अगस्त
करणविष्टि — 11:41 AM · शकुनि
सूर्योदय / सूर्यास्त7:06 AM / 5:40 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त6:07 AM / 4:14 PM
चंद्र मासआषाढ़ (अमांत) · श्रावण (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिमिथुन — 5:18 PM
सूर्य राशिकर्क
विक्रम संवत / शक2084 / 1949
ऋतु / अयनवर्षा · दक्षिणायन
दिनमान / रात्रिमान10 घंटे 34 मिनट / 13 घंटे 25 मिनट
दिशा शूलपश्चिम

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त5:19 AM – 6:12 AM
अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:44 PM
अमृत काल8:28 PM – 9:52 PM
विशेष शुभ योगरवि पुष्य योग: 10:35 PM – 7:05 AM, 2 अगस्त
सर्वार्थ सिद्धि योग: 10:35 PM – 7:05 AM, 2 अगस्त
विजय मुहूर्त2:09 PM – 2:51 PM
गोधूलि मुहूर्त5:40 PM – 6:07 PM
निशीथ मुहूर्त11:56 PM – 12:49 AM, 2 अगस्त
प्रातः सन्ध्या5:45 AM – 7:06 AM
सायाह्न सन्ध्या5:40 PM – 7:01 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल4:21 PM – 5:40 PM
यमगंड12:23 PM – 1:42 PM
गुलिक काल3:02 PM – 4:21 PM
दुर्मुहूर्त4:15 PM – 4:58 PM
वर्ज्य11:59 AM – 1:24 PM, 5:36 AM, 2 अगस्त – 7:01 AM, 2 अगस्त
भद्रा7:06 AM – 11:41 AM
बाणचोर बाण 1:19 AM, 2 अगस्त – पूरी रात

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदपुनर्वसु-2 — 12:00 PM · पुनर्वसु-3 — 5:18 PM · पुनर्वसु-4 — 10:35 PM · पुष्य-1 — 3:51 AM, 2 अगस्त · पुष्य-2 — 9:07 AM, 2 अगस्त
अगला योगसिद्धि — 9:02 PM, 2 अगस्त
सूर्य-नक्षत्रपुष्य (पद 4)
मध्याह्न12:23 PM
आनन्दादि योगध्वज — 10:35 PM फिर श्रीवत्स
तमिल योगसिद्ध
होमाहुतिकेतु — 10:35 PM फिर सूर्य
चन्द्र वासपश्चिम — 5:18 PM फिर उत्तर
राहु वासउत्तर
कुम्भ चक्रकण्ठ — 10:35 PM फिर मुख
जीवनम् / नेत्रम्निर्जीव · अन्ध
भद्रा-वासस्वर्ग (7:06 AM – 11:41 AM)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्राष्टमवृश्चिक
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद, रेवती (— 10:35 PM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)ग्रीष्म · दक्षिणायन
गुजराती संवत / कलियुग2083 कालयुक्त / 5128
प्रविष्टे / गते16
राष्ट्रीय शक तिथिश्रावण 10, शक 1949
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 7:06 AM – 8:00 AM
⛔ चोर पंचक: 8:00 AM – 9:23 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:23 AM – 10:45 AM
⛔ रोग पंचक: 10:45 AM – 12:17 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 12:17 PM – 2:11 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 2:11 PM – 4:26 PM
⛔ अग्नि पंचक: 4:26 PM – 6:49 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 6:49 PM – 9:10 PM
⛔ राज पंचक: 9:10 PM – 9:51 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:51 PM – 10:35 PM
⛔ चोर पंचक: 10:35 PM – 11:30 PM
⛔ राज पंचक: 11:30 PM – 1:53 AM, 2 अगस्त
✅ शुभ मुहूर्त: 1:53 AM, 2 अगस्त – 4:13 AM, 2 अगस्त
⛔ चोर पंचक: 4:13 AM, 2 अगस्त – 6:16 AM, 2 अगस्त
✅ शुभ मुहूर्त: 6:16 AM, 2 अगस्त – 7:05 AM, 2 अगस्त
उदय-लग्नकर्क: 7:06 AM – 8:00 AM
सिंह: 8:00 AM – 9:23 AM
कन्या: 9:23 AM – 10:45 AM
तुला: 10:45 AM – 12:17 PM
वृश्चिक: 12:17 PM – 2:11 PM
धनु: 2:11 PM – 4:26 PM
मकर: 4:26 PM – 6:49 PM
कुंभ: 6:49 PM – 9:10 PM
मीन: 9:10 PM – 11:30 PM
मेष: 11:30 PM – 1:53 AM, 2 अगस्त
वृष: 1:53 AM, 2 अगस्त – 4:13 AM, 2 अगस्त
मिथुन: 4:13 AM, 2 अगस्त – 6:16 AM, 2 अगस्त
कर्क: 6:16 AM, 2 अगस्त – 7:05 AM, 2 अगस्त

प्रश्नोत्तर

पर्थ का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। पर्थ का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

पर्थ का स्थानीय समय (AWST)।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

पर्थ के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

🧙 ऑस्ट्रेलिया से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं। ज्योतिषी देखें →
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात
30 मिनट टेलीफ़ोनिक परामर्श ₹5,100 (≈ A$76) — अगले दिन आपके चुने समय, विदेश में WhatsApp-call, कोई timer नहीं · लिखित उत्तर ₹1,100 (≈ A$16.5) से
बुक करें →