सब समय पर्थ के स्थानीय समय (AWST) में। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | पंचमी — 5:49 PM → षष्ठी |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| नक्षत्र | मृगशिरा — 1:00 AM, 21 अक्टूबर → आर्द्रा |
| योग | वरीयान — 9:35 AM |
| करण | कौलव — 6:32 AM · तैतिल |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 5:32 AM / 6:31 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 11:40 PM / 8:26 AM |
| चंद्र मास | आश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | वृष — 1:24 PM |
| सूर्य राशि | तुला |
| विक्रम संवत / शक | 2084 / 1949 |
| ऋतु / अयन | शरद · दक्षिणायन |
| दिनमान / रात्रिमान | 12 घंटे 59 मिनट / 11 घंटे 0 मिनट |
| दिशा शूल | उत्तर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 4:04 AM – 4:48 AM |
| अभिजित मुहूर्त | नहीं (बुधवार को अभिजित नहीं लिया जाता) |
| अमृत काल | 4:29 PM – 6:02 PM |
| रवि योग | 1:00 AM, 21 अक्टूबर – 5:31 AM, 21 अक्टूबर |
| विशेष शुभ योग | सर्वार्थ सिद्धि योग: 5:32 AM – 1:00 AM, 21 अक्टूबर |
| विजय मुहूर्त | 2:11 PM – 3:03 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 6:31 PM – 6:53 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 11:39 PM – 12:23 AM, 21 अक्टूबर |
| प्रातः सन्ध्या | 4:26 AM – 5:32 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 6:31 PM – 7:37 PM |
| राहुकाल | 12:02 PM – 1:39 PM |
| यमगंड | 7:09 AM – 8:47 AM |
| गुलिक काल | 10:24 AM – 12:02 PM |
| दुर्मुहूर्त | 11:36 AM – 12:27 PM |
| वर्ज्य | 7:11 AM – 8:44 AM |
| बाण | अग्नि बाण — 5:15 AM, 21 अक्टूबर |
| नक्षत्र-पद | मृगशिरा-1 — 7:35 AM · मृगशिरा-2 — 1:24 PM · मृगशिरा-3 — 7:12 PM · मृगशिरा-4 — 1:00 AM, 21 अक्टूबर · आर्द्रा-1 — 6:47 AM, 21 अक्टूबर |
| अगला योग | परिघ — 7:12 AM, 21 अक्टूबर |
| सूर्य-नक्षत्र | चित्रा (पद 3) |
| मध्याह्न | 12:02 PM |
| आनन्दादि योग | अमृत — 1:00 AM, 21 अक्टूबर फिर मूसल |
| तमिल योग | अमृत — 1:00 AM, 21 अक्टूबर फिर मरण |
| होमाहुति | गुरु |
| चन्द्र वास | दक्षिण — 1:24 PM फिर पश्चिम |
| राहु वास | दक्षिण-पश्चिम |
| कुम्भ चक्र | गर्भ |
| जीवनम् / नेत्रम् | निर्जीव — 1:00 AM, 21 अक्टूबर फिर अर्ध जीवन · दो नेत्र |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | वृष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन |
| चन्द्राष्टम | तुला |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 1:00 AM, 21 अक्टूबर) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | शरद · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2083 कालयुक्त / 5128 |
| प्रविष्टे / गते | 3 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | आश्विन 28, शक 1949 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ✅ शुभ मुहूर्त: 5:32 AM – 7:02 AM ⛔ मृत्यु पंचक: 7:02 AM – 8:56 AM ⛔ अग्नि पंचक: 8:56 AM – 11:12 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 11:12 AM – 1:35 PM ⛔ राज पंचक: 1:35 PM – 3:55 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 3:55 PM – 5:49 PM ⛔ चोर पंचक: 5:49 PM – 6:15 PM ⛔ राज पंचक: 6:15 PM – 8:38 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:38 PM – 10:58 PM ⛔ चोर पंचक: 10:58 PM – 1:00 AM, 21 अक्टूबर ✅ शुभ मुहूर्त: 1:00 AM, 21 अक्टूबर – 1:02 AM, 21 अक्टूबर ⛔ रोग पंचक: 1:02 AM, 21 अक्टूबर – 2:41 AM, 21 अक्टूबर ✅ शुभ मुहूर्त: 2:41 AM, 21 अक्टूबर – 4:05 AM, 21 अक्टूबर ⛔ मृत्यु पंचक: 4:05 AM, 21 अक्टूबर – 5:26 AM, 21 अक्टूबर ⛔ अग्नि पंचक: 5:26 AM, 21 अक्टूबर – 5:31 AM, 21 अक्टूबर |
| उदय-लग्न | तुला: 5:32 AM – 7:02 AM वृश्चिक: 7:02 AM – 8:56 AM धनु: 8:56 AM – 11:12 AM मकर: 11:12 AM – 1:35 PM कुंभ: 1:35 PM – 3:55 PM मीन: 3:55 PM – 6:15 PM मेष: 6:15 PM – 8:38 PM वृष: 8:38 PM – 10:58 PM मिथुन: 10:58 PM – 1:02 AM, 21 अक्टूबर कर्क: 1:02 AM, 21 अक्टूबर – 2:41 AM, 21 अक्टूबर सिंह: 2:41 AM, 21 अक्टूबर – 4:05 AM, 21 अक्टूबर कन्या: 4:05 AM, 21 अक्टूबर – 5:26 AM, 21 अक्टूबर तुला: 5:26 AM, 21 अक्टूबर – 5:31 AM, 21 अक्टूबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। पर्थ का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
पर्थ का स्थानीय समय (AWST)।
पर्थ के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात