सब समय कैलगरी के स्थानीय समय (MST) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | चतुर्थी — 12:31 AM, 21 फ़रवरी → पंचमी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | रेवती — 6:37 AM, 21 फ़रवरी → अश्विनी |
| योग | शुभ — 3:21 AM, 21 फ़रवरी |
| करण | वणिज — 1:22 PM · विष्टि |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 7:39 AM / 6:02 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 8:42 AM / 10:26 PM |
| चंद्र मास | फाल्गुन (अमांत) · फाल्गुन (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | मीन — 6:37 AM, 21 फ़रवरी |
| सूर्य राशि | कुंभ |
| विक्रम संवत / शक | 2082 / 1947 |
| ऋतु / अयन | वसंत · उत्तरायण |
| दिनमान / रात्रिमान | 10 घंटे 23 मिनट / 13 घंटे 35 मिनट |
| दिशा शूल | पश्चिम |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:50 AM – 6:44 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:30 PM – 1:11 PM |
| अमृत काल | 4:19 AM, 21 फ़रवरी – 5:51 AM, 21 फ़रवरी |
| रवि योग | 7:39 AM – 6:37 AM, 21 फ़रवरी |
| विशेष शुभ योग | अमृत सिद्धि योग: 7:39 AM – 6:37 AM, 21 फ़रवरी सर्वार्थ सिद्धि योग: 7:39 AM – 7:37 AM, 21 फ़रवरी |
| विजय मुहूर्त | 2:34 PM – 3:16 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 6:02 PM – 6:29 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:22 AM, 21 फ़रवरी – 1:17 AM, 21 फ़रवरी |
| प्रातः सन्ध्या | 6:17 AM – 7:39 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 6:02 PM – 7:24 PM |
| राहुकाल | 11:33 AM – 12:51 PM |
| यमगंड | 3:26 PM – 4:44 PM |
| गुलिक काल | 8:57 AM – 10:15 AM |
| दुर्मुहूर्त | 9:44 AM – 10:25 AM, 1:11 PM – 1:53 PM |
| वर्ज्य | 7:07 PM – 8:39 PM |
| भद्रा | 1:22 PM – 12:31 AM, 21 फ़रवरी |
| पंचक | 7:39 AM – 6:37 AM, 21 फ़रवरी |
| गंडमूल | 7:39 AM – 6:37 AM, 21 फ़रवरी, 6:37 AM, 21 फ़रवरी – 7:37 AM, 21 फ़रवरी |
| बाण | रोग बाण 1:54 PM – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | रेवती-1 — 1:24 PM · रेवती-2 — 7:09 PM · रेवती-3 — 12:53 AM, 21 फ़रवरी · रेवती-4 — 6:37 AM, 21 फ़रवरी · अश्विनी-1 — 12:20 PM, 21 फ़रवरी |
| अगला योग | शुक्ल — 12:38 AM, 22 फ़रवरी |
| सूर्य-नक्षत्र | शतभिषा (पद 1) |
| मध्याह्न | 12:51 PM |
| आनन्दादि योग | श्रीवत्स — 6:37 AM, 21 फ़रवरी फिर वज्र |
| तमिल योग | सिद्ध — 6:37 AM, 21 फ़रवरी फिर मरण |
| होमाहुति | बुध |
| चन्द्र वास | उत्तर — 6:37 AM, 21 फ़रवरी फिर पूर्व |
| राहु वास | दक्षिण-पूर्व |
| कुम्भ चक्र | पूर्व |
| जीवनम् / नेत्रम् | अर्ध जीवन · अन्ध — 6:37 AM, 21 फ़रवरी फिर एक नेत्र |
| भद्रा-वास | पृथ्वी (1:22 PM – 12:31 AM, 21 फ़रवरी) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन |
| चन्द्राष्टम | सिंह |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पू.फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पू.आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उ.भाद्रपद (— 6:37 AM, 21 फ़रवरी) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | शिशिर · उत्तरायण |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2082 पिंगल / 5126 |
| प्रविष्टे / गते | 9 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | फाल्गुन 1, शक 1947 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ✅ शुभ मुहूर्त: 7:39 AM – 8:24 AM ⛔ राज पंचक: 8:24 AM – 9:16 AM ⛔ अग्नि पंचक: 9:16 AM – 10:21 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 10:21 AM – 11:59 AM ⛔ राज पंचक: 11:59 AM – 2:22 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 2:22 PM – 5:10 PM ⛔ चोर पंचक: 5:10 PM – 8:00 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:00 PM – 10:49 PM ⛔ रोग पंचक: 10:49 PM – 12:31 AM, 21 फ़रवरी ✅ शुभ मुहूर्त: 12:31 AM, 21 फ़रवरी – 1:38 AM, 21 फ़रवरी ⛔ मृत्यु पंचक: 1:38 AM, 21 फ़रवरी – 4:14 AM, 21 फ़रवरी ⛔ अग्नि पंचक: 4:14 AM, 21 फ़रवरी – 6:10 AM, 21 फ़रवरी ✅ शुभ मुहूर्त: 6:10 AM, 21 फ़रवरी – 6:37 AM, 21 फ़रवरी ⛔ राज पंचक: 6:37 AM, 21 फ़रवरी – 7:25 AM, 21 फ़रवरी ✅ शुभ मुहूर्त: 7:25 AM, 21 फ़रवरी – 7:37 AM, 21 फ़रवरी |
| उदय-लग्न | कुंभ: 7:39 AM – 8:24 AM मीन: 8:24 AM – 9:16 AM मेष: 9:16 AM – 10:21 AM वृष: 10:21 AM – 11:59 AM मिथुन: 11:59 AM – 2:22 PM कर्क: 2:22 PM – 5:10 PM सिंह: 5:10 PM – 8:00 PM कन्या: 8:00 PM – 10:49 PM तुला: 10:49 PM – 1:38 AM, 21 फ़रवरी वृश्चिक: 1:38 AM, 21 फ़रवरी – 4:14 AM, 21 फ़रवरी धनु: 4:14 AM, 21 फ़रवरी – 6:10 AM, 21 फ़रवरी मकर: 6:10 AM, 21 फ़रवरी – 7:25 AM, 21 फ़रवरी कुंभ: 7:25 AM, 21 फ़रवरी – 7:37 AM, 21 फ़रवरी |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। कैलगरी का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
कैलगरी का स्थानीय समय (MST), DST अपने-आप लागू।
कैलगरी के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात