हर तिथि के साथ वह सटीक समय है जब शुभ नक्षत्र, तिथि और पंचांग के बाक़ी अंग साथ हों — सुवा के स्थानीय समय (FJT, DST सहित) में, सुवा के अपने सूर्योदय से, प्रकाशित पंचांगों से मिलाए शास्त्रीय नियमों पर। गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास आदि वर्जित काल पहले ही हटा दिए गए हैं।
जनवरी 4फ़रवरी 5मार्च 9अप्रैल 5मई 4जून 4जुलाई 1अगस्त 0सितंबर 0अक्टूबर 0नवंबर 0दिसंबर 0
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 20 जनवरी बुधवार | 11:11 AM – 10:47 PM | मृगशिरा | त्रयोदशी | वृषभ → मिथुन (12:08 PM) |
| 27 जनवरी बुधवार | 06:36 AM – 11:03 AM | हस्त | पंचमी | कन्या |
| 28 जनवरी गुरुवार | 10:24 AM – 05:51 AM, 29 जन | चित्रा | सप्तमी | कन्या → तुला (06:38 PM) |
| 29 जनवरी शुक्रवार | 05:51 AM – 10:33 AM | चित्रा, स्वाती | सप्तमी | तुला |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 फ़रवरी सोमवार | 12:57 PM – 05:53 AM, 2 फ़र | ज्येष्ठा | दशमी, एकादशी | वृश्चिक |
| 8 फ़रवरी सोमवार | 05:57 AM – 05:57 AM, 9 फ़र | धनिष्ठा, शतभिषा | द्वितीया | कुंभ |
| 17 फ़रवरी बुधवार | 06:00 AM – 08:07 AM | मृगशिरा | एकादशी | मिथुन |
| 19 फ़रवरी शुक्रवार | 06:01 AM – 05:44 PM | पुष्य | त्रयोदशी | कर्क |
| 25 फ़रवरी गुरुवार | 06:03 AM – 02:48 AM, 26 फ़र | चित्रा, स्वाती | पंचमी | तुला |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 5 मार्च शुक्रवार | 04:24 PM – 06:06 AM, 6 मार्च | श्रवण | त्रयोदशी | मकर |
| 11 मार्च गुरुवार | 05:49 PM – 10:07 PM | अश्विनी | तृतीया | मेष |
| 15 मार्च सोमवार | 03:56 PM – 05:21 PM | मृगशिरा | सप्तमी | वृषभ |
| 17 मार्च बुधवार | 01:15 PM – 06:09 AM, 18 मार्च | पुनर्वसु | दशमी | मिथुन → कर्क (06:02 AM, 18 मार्च) |
| 18 मार्च गुरुवार | 06:09 AM – 06:10 AM, 19 मार्च | पुनर्वसु, पुष्य | दशमी, एकादशी | कर्क |
| 19 मार्च शुक्रवार | 06:10 AM – 08:21 AM | पुष्य | एकादशी | कर्क |
| 24 मार्च बुधवार | 06:11 AM – 06:11 AM, 25 मार्च | चित्रा, स्वाती | द्वितीया, तृतीया | कन्या → तुला (02:03 PM) |
| 25 मार्च गुरुवार | 06:11 AM – 07:08 PM | स्वाती | तृतीया | तुला |
| 29 मार्च सोमवार | 06:12 AM – 07:01 AM | ज्येष्ठा | सप्तमी | वृश्चिक |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 अप्रैल गुरुवार | 03:55 PM – 06:13 AM, 2 अप्रैल | श्रवण | दशमी | मकर |
| 2 अप्रैल शुक्रवार | 06:13 AM – 06:13 AM, 3 अप्रैल | श्रवण, धनिष्ठा | दशमी, एकादशी | मकर |
| 8 अप्रैल गुरुवार | 10:59 AM – 12:29 AM, 9 अप्रैल | अश्विनी | द्वितीया | मेष |
| 19 अप्रैल सोमवार | 11:44 AM – 12:38 PM | हस्त | त्रयोदशी | कन्या |
| 22 अप्रैल गुरुवार | 10:00 AM – 11:13 AM | स्वाती | द्वितीया | तुला |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 12 मई बुधवार | 07:54 AM – 09:25 PM | पुष्य | सप्तमी | कर्क |
| 26 मई बुधवार | 07:42 AM – 08:01 AM | श्रवण | पंचमी | मकर |
| 27 मई गुरुवार | 10:35 AM – 06:29 AM, 28 मई | श्रवण, धनिष्ठा | सप्तमी | मकर → कुंभ (12:19 AM, 28 मई) |
| 28 मई शुक्रवार | 06:29 AM – 12:56 PM | धनिष्ठा | सप्तमी | कुंभ |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 जून बुधवार | 02:59 PM – 06:46 PM | अश्विनी | त्रयोदशी | मेष |
| 7 जून सोमवार | 08:38 AM – 09:56 PM | पुनर्वसु | तृतीया | मिथुन |
| 14 जून सोमवार | 06:35 AM – 06:35 AM, 15 जून | चित्रा, स्वाती | दशमी, एकादशी | कन्या → तुला (11:40 AM) |
| 24 जून गुरुवार | 06:37 AM – 12:40 AM, 25 जून | धनिष्ठा, शतभिषा | पंचमी | मकर → कुंभ (07:20 AM) |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 5 जुलाई सोमवार | 11:21 AM – 06:39 AM, 6 जुल | पुनर्वसु, पुष्य | द्वितीया | कर्क |
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
मुंडन (चूड़ाकरण) में जन्म के बाल उतारकर शिशु को गर्भ-संस्कारों से मुक्त किया जाता है — कोमल शिशु का कर्म है, इसलिए दिन की शुद्धि के साथ मौसम और शिशु का स्वास्थ्य भी देखा जाता है।
परम्परा में विषम वर्ष — पहले, तीसरे, पाँचवें या सातवें वर्ष में मुंडन श्रेष्ठ। उत्तरायण-काल व माघ से ज्येष्ठ तक के मास अनुकूल; चातुर्मास प्रायः टाला जाता है।
मुंडन-नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा व रेवती। वारों में सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार शुभ; मंगल-शनि टालें।
जन्म-मास में और माता को पाँचवाँ मास (गर्भ) चल रहा हो तो कई परम्पराएँ मुंडन टालती हैं; भद्रा, अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ व राहुकाल सदा वर्जित। तीर्थ (जैसे त्रिवेणी, विंध्यवासिनी) में कुल-परम्परा से हो तो वहीं की विधि मान्य।
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय की तिथि-नक्षत्र और उस दिन के चौघड़िया पर टिका है, जो सुवा के अपने दिन के भाग हैं। सुवा का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, बीच में तिथि बदल सकती है — इसीलिए तारीख़ भारतीय पंचांग से एक दिन अलग हो सकती है।
सुवा का स्थानीय समय (FJT)।
नहीं — ये सुवा के पंचांग-शुद्ध दिन हैं। अंतिम तिथि संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, चालू दशा) मिलाकर ही पक्की करें — मुहूर्त-उपकरण में जन्म-विवरण दें या ज्योतिषी से पूछें।
विषम वर्ष लगते ही (जैसे तीसरा वर्ष शुरू होने पर) शुभ नक्षत्र-दिन में करें — ठीक जन्म-तिथि का आग्रह नहीं, शुद्ध मुहूर्त का है।
कई कुलों में हाँ (चूड़ाकरण सबका संस्कार है), कई में नहीं — यह कुल-परम्परा का विषय है, शास्त्र दोनों को मान देता है।
परम्परा में बाल जल-प्रवाह या तीर्थ में अर्पित किए जाते हैं — अपने पुरोहित की बताई विधि मानें।