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| तारीख | मासिक शिवरात्रि | पूजा-समय |
|---|---|---|
| मंगलवार, 5 जनवरी 2027 | पौष मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 11:59 PM – 1:02 AM |
| गुरुवार, 4 फ़रवरी 2027 | माघ मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 12:10 AM – 1:08 AM |
| शनिवार, 6 मार्च 2027 | फाल्गुन मासिक शिवरात्रि — महाशिवरात्रि | निशीथ पूजा 12:11 AM – 1:01 AM |
| सोमवार, 5 अप्रैल 2027 | चैत्र मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 1:06 AM – 1:49 AM |
| मंगलवार, 4 मई 2027 | वैशाख मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 1:03 AM – 1:40 AM |
| शुक्रवार, 2 जुलाई 2027 | आषाढ़ मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 1:14 AM – 1:45 AM |
| शनिवार, 31 जुलाई 2027 | श्रावण मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 1:15 AM – 1:49 AM |
| मंगलवार, 28 सितंबर 2027 | आश्विन मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 12:52 AM – 1:41 AM |
| बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 | कार्तिक मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 12:42 AM – 1:37 AM |
| शुक्रवार, 26 नवंबर 2027 | मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 11:42 PM – 12:44 AM |
| शनिवार, 25 दिसंबर 2027 | पौष मासिक शिवरात्रि | निशीथ पूजा 11:54 PM – 12:57 AM |
स्थानीय निशीथ (अर्धरात्रि) में कृष्ण चतुर्दशी — पूजा-समय इसी शहर की रात से।
शिव-पुराण/स्कंद-पुराण: कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि शिव को प्रिय — इसी रात अग्नि-स्तंभ (लिंगोद्भव) प्रकट हुआ जिसे ब्रह्मा-विष्णु न नाप सके; इस रात का जागरण-अभिषेक वर्ष-भर के पापों को हरता; मासिक शिवरात्रि का व्रत 12/14 वर्ष लगातार रखने से विवाह-संतान-मोक्ष (लोक-मान्यता); चतुर्दशी निशीथ-व्यापिनी — जिस रात के मध्य में चतुर्दशी हो वही व्रत-दिन (ऊपर सूची इसी नियम से — कभी त्रयोदशी की शाम से आरंभ)।
चार प्रहर की पूजा: पहला प्रहर (शाम — दूध से अभिषेक), दूसरा (रात — दही), तीसरा (मध्य-रात्रि — घी), चौथा (भोर — शहद/शक्कर); हर प्रहर «ॐ नमः शिवाय», बेलपत्र, आरती; गृहस्थ कम-से-कम निशीथ-काल (आधी रात ± 24 मिनट — ऊपर) में एक बार पूजा करें।
मंगलवार, 5 जनवरी 2027 — पौष मासिक शिवरात्रि (CEST).
तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/सूर्यास्त) पर देखी जाती है और फ्रैंकफर्ट भारत से घंटों अलग है — इसलिए वही तिथि यहाँ दूसरी तारीख पर पड़ सकती है।
फ्रैंकफर्ट का स्थानीय समय (CEST), DST अपने-आप लागू।