कुवैत में कार्तिक पूर्णिमा 2027: रविवार, 14 नवंबर — शहर-वार पूजा-समय
कुवैत में कार्तिक पूर्णिमा 2027: रविवार, 14 नवंबर 2027 (कुवैत सिटी)
प्रदोष काल पूजा: 4:54 PM – 7:34 PM AST
भारत के दिन ही। 2027 में कार्तिक पूर्णिमा भारत और कुवैत सिटी में रविवार, 14 नवंबर 2027 को है।
कार्तिक पूर्णिमा 2027 — कुवैत सिटी
| शहर | तारीख | प्रदोष काल पूजा | तिथि (स्थानीय) |
|---|
कुवैत सिटी Arabia Standard Time (AST) | रविवार, 14 नवंबर 2027 | 4:54 PM – 7:34 PM AST | 13 नवंबर, 7:26 AM → 14 नवंबर, 6:26 AM AST |
समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
कार्तिक पूर्णिमा की तारीख कैसे तय होती है
जिस दिन स्थानीय सूर्यास्त के बाद प्रदोष-काल में तिथि हो।
महत्व
पद्म-पुराण में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान और दीपदान का फल अश्वमेध यज्ञ के बराबर बताया गया है। कार्तिक-स्नान (पूरे महीने ब्रह्म-मुहूर्त में स्नान) का समापन इसी दिन होता है — जो पूरे महीने न कर सकें, वे इस एक दिन ज़रूर करें।
इस दिन नदी में 365 (या जितने संभव) दीये छोड़ने की परंपरा है — साल के हर दिन के लिए एक; काशी के घाटों की देव दीपावली विश्व-प्रसिद्ध है। यह विष्णु के मत्स्य-अवतार का दिन भी माना गया है।
पूर्णिमा का व्रत और शाम को चंद्रोदय पर अर्घ्य — कार्तिक पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र हो तो उसे «महाकार्तिकी» कहते हैं, और भी शुभ।
पूजा-विधि (संक्षेप)
- ब्रह्म-मुहूर्त (ऊपर समय) में नदी/तालाब/घर में गंगाजल मिलाकर स्नान; स्नान करते हुए «ॐ नमो नारायणाय» का जप; सूर्य को अर्घ्य।
- संकल्प — «मैं कार्तिक पूर्णिमा का व्रत, स्नान व दीपदान परिवार के कल्याण हेतु करती हूँ।» दिन में फलाहार या एक समय भोजन।
- सुबह घर में विष्णु-लक्ष्मी व शिव की पूजा — पीले फूल, तुलसी, बेलपत्र, पंचामृत; सत्यनारायण-कथा इस दिन विशेष फलदायी मानी जाती है (कई घर पंडित बुलाकर करवाते हैं)।
- दान: अन्न, वस्त्र, कंबल (सर्दी शुरू), घी, गुड़, तिल — ज़रूरतमंद/ब्राह्मण को; गौशाला में गाय को चारा।
- शाम को सूर्यास्त के बाद (प्रदोष में) तुलसी-चौरे पर 11/21 दीये, तुलसी की परिक्रमा; घर के हर कोने, द्वार और छत पर दीये — यही «देव दीपावली»।
- दीपदान: आटे के दीये बनाकर (या मिट्टी के) घी/तेल भरकर नदी-तालाब में बहाएँ; नदी न हो तो घर के बड़े पात्र में जल भरकर उसमें दीये तैराएँ — 5, 11, 21 या 365 की संख्या में।
- चंद्रोदय (ऊपर समय) पर चंद्रमा को दूध-जल का अर्घ्य; पूर्णिमा का व्रत उसके बाद खोलें।
- रात में शिव-स्मरण — त्रिपुरारी की जय; काशी-प्रयाग-हरिद्वार जा सकें तो घाट पर आरती में सम्मिलित हों, न हो तो घर पर आरती «ॐ जय जगदीश हरे»।
प्रश्नोत्तर
क्या कार्तिक पूर्णिमा 2027 कुवैत और भारत में एक ही दिन है?
हाँ — रविवार, 14 नवंबर 2027।
कुवैत सिटी में कार्तिक पूर्णिमा 2027 का पूजा-समय?
प्रदोष काल पूजा: 4:54 PM से 7:34 PM (AST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (कुवैत सिटी के लिए Arabia Standard Time (AST))।
देव दीपावली और दीपावली में क्या अंतर है?
दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनुष्यों की लक्ष्मी-पूजा है; देव दीपावली पंद्रह दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं का दीपोत्सव — त्रिपुरासुर-वध की खुशी में, काशी के घाटों पर सबसे भव्य।
दीपदान कैसे करें अगर नदी पास न हो?
घर के आँगन/छत पर बड़े पात्र (परात/टब) में जल भरकर उसमें आटे या मिट्टी के दीये तैराएँ, तुलसी-चौरे पर दीये जलाएँ — फल वही माना गया है। प्लास्टिक की नाव न बनाएँ।
क्या इस दिन सत्यनारायण कथा करवानी चाहिए?
कार्तिक पूर्णिमा सत्यनारायण-कथा के लिए साल की सबसे शुभ पूर्णिमा मानी जाती है; घर पर पंडित से या पुस्तक से स्वयं भी की जा सकती है — पंजीरी-पंचामृत-केले का प्रसाद।
कार्तिक-स्नान क्या है?
कार्तिक-भर (शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा) रोज़ भोर में स्नान, तुलसी-पूजा और दीपदान का नियम; इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा को होता है। पूरा महीना न हो सके तो एकादशी से पूर्णिमा के पाँच दिन (भीष्म पंचक) भी पर्याप्त हैं।
🧙
कुवैत से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं।
ज्योतिषी देखें →