सब समय कुआलालंपुर के स्थानीय समय (MYT) में। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | दशमी — 10:22 AM → एकादशी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | अश्विनी — 8:34 AM → भरणी |
| योग | सिद्ध — 3:32 AM, 31 दिसंबर |
| करण | गर — 10:22 AM · वणिज |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 7:17 AM / 7:14 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 3:08 PM / — |
| चंद्र मास | पौष (अमांत) · पौष (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | मेष — 11:53 AM, 31 दिसंबर |
| सूर्य राशि | धनु |
| विक्रम संवत / शक | 2082 / 1947 |
| ऋतु / अयन | शिशिर · उत्तरायण |
| दिनमान / रात्रिमान | 11 घंटे 57 मिनट / 12 घंटे 4 मिनट |
| दिशा शूल | उत्तर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:41 AM – 6:29 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:52 PM – 1:39 PM |
| अमृत काल | 2:06 AM, 31 दिसंबर – 3:33 AM, 31 दिसंबर |
| रवि योग | 7:17 AM – 6:28 AM, 31 दिसंबर |
| विशेष शुभ योग | अमृत सिद्धि योग: 7:17 AM – 8:34 AM सर्वार्थ सिद्धि योग: 7:17 AM – 8:34 AM सर्वार्थ सिद्धि योग: 6:28 AM, 31 दिसंबर – 7:18 AM, 31 दिसंबर |
| विजय मुहूर्त | 3:15 PM – 4:03 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 7:14 PM – 7:38 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:52 AM, 31 दिसंबर – 1:40 AM, 31 दिसंबर |
| प्रातः सन्ध्या | 6:05 AM – 7:17 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 7:14 PM – 8:26 PM |
| राहुकाल | 4:15 PM – 5:44 PM |
| यमगंड | 10:16 AM – 11:46 AM |
| गुलिक काल | 1:16 PM – 2:45 PM |
| दुर्मुहूर्त | 9:40 AM – 10:28 AM, 12:04 AM, 31 दिसंबर – 12:52 AM, 31 दिसंबर |
| वर्ज्य | 5:20 PM – 6:48 PM |
| भद्रा | 9:00 PM – 7:18 AM, 31 दिसंबर |
| गंडमूल | 7:17 AM – 8:34 AM |
| बाण | चोर बाण 12:23 AM, 31 दिसंबर – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | अश्विनी-4 — 8:34 AM · भरणी-1 — 2:05 PM · भरणी-2 — 7:35 PM · भरणी-3 — 1:02 AM, 31 दिसंबर · भरणी-4 — 6:28 AM, 31 दिसंबर · कृत्तिका-1 — 11:53 AM, 31 दिसंबर |
| अगला योग | साध्य — 11:43 PM, 31 दिसंबर |
| सूर्य-नक्षत्र | पू.आषाढ़ (पद 1) |
| मध्याह्न | 1:16 PM |
| आनन्दादि योग | अमृत — 8:34 AM फिर मूसल — 6:28 AM, 31 दिसंबर फिर गद |
| तमिल योग | अमृत — 8:34 AM फिर मरण |
| होमाहुति | शुक्र — 8:34 AM फिर शनि |
| चन्द्र वास | पूर्व |
| राहु वास | पश्चिम |
| कुम्भ चक्र | दक्षिण — 8:34 AM फिर पश्चिम |
| जीवनम् / नेत्रम् | अर्ध जीवन — 8:34 AM फिर निर्जीव — 6:28 AM, 31 दिसंबर फिर पूर्ण जीवन · दो नेत्र |
| भद्रा-वास | स्वर्ग (9:00 PM – 7:18 AM, 31 दिसंबर) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ |
| चन्द्राष्टम | कन्या |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पू.फाल्गुनी, उ.फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पू.आषाढ़, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 8:34 AM) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | हेमन्त · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2082 पिंगल / 5126 |
| प्रविष्टे / गते | 15 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | पौष 9, शक 1947 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ✅ शुभ मुहूर्त: 7:17 AM – 8:28 AM ⛔ चोर पंचक: 8:28 AM – 8:34 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 8:34 AM – 10:22 AM ⛔ रोग पंचक: 10:22 AM – 10:27 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 10:27 AM – 12:17 PM ⛔ मृत्यु पंचक: 12:17 PM – 2:05 PM ⛔ रोग पंचक: 2:05 PM – 4:00 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 4:00 PM – 6:06 PM ⛔ मृत्यु पंचक: 6:06 PM – 8:16 PM ⛔ अग्नि पंचक: 8:16 PM – 10:19 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 10:19 PM – 12:14 AM, 31 दिसंबर ⛔ राज पंचक: 12:14 AM, 31 दिसंबर – 2:07 AM, 31 दिसंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 2:07 AM, 31 दिसंबर – 4:07 AM, 31 दिसंबर ⛔ चोर पंचक: 4:07 AM, 31 दिसंबर – 6:15 AM, 31 दिसंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 6:15 AM, 31 दिसंबर – 6:28 AM, 31 दिसंबर ⛔ रोग पंचक: 6:28 AM, 31 दिसंबर – 7:18 AM, 31 दिसंबर |
| उदय-लग्न | धनु: 7:17 AM – 8:28 AM मकर: 8:28 AM – 10:27 AM कुंभ: 10:27 AM – 12:17 PM मीन: 12:17 PM – 2:05 PM मेष: 2:05 PM – 4:00 PM वृष: 4:00 PM – 6:06 PM मिथुन: 6:06 PM – 8:16 PM कर्क: 8:16 PM – 10:19 PM सिंह: 10:19 PM – 12:14 AM, 31 दिसंबर कन्या: 12:14 AM, 31 दिसंबर – 2:07 AM, 31 दिसंबर तुला: 2:07 AM, 31 दिसंबर – 4:07 AM, 31 दिसंबर वृश्चिक: 4:07 AM, 31 दिसंबर – 6:15 AM, 31 दिसंबर धनु: 6:15 AM, 31 दिसंबर – 7:18 AM, 31 दिसंबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। कुआलालंपुर का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
कुआलालंपुर का स्थानीय समय (MYT)।
कुआलालंपुर के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।
🙏 गुरुजी (आचार्य आदित्य धर द्विवेदी) से सीधी बात