🌳 ग्रह-फल

चंद्र-मंगल युति: फल, योग व उपाय

चंद्र-मंगल युति का मुख्य फल

चंद्र जल-तत्व का सौम्य ग्रह है (मन, माता, भावना, जल, मानसिक शांति, जनता का कारक), मंगल अग्नि-तत्व का क्रूर ग्रह (भाई, साहस, ऊर्जा, भूमि, रक्त, पराक्रम, विवाद का कारक) — युति में दोनों के कारकत्व घुल-मिलकर एक ही भाव के विषयों पर लगते हैं।

यह युति चंद्र-मंगल (लक्ष्मी) योग कहलाती है। संक्षेप-सूत्र: धन-अर्जन का प्रसिद्ध योग — भावना और पराक्रम का मेल कमाई में चतुर बनाता है; मन की उग्रता (चिड़चिड़ापन) ही एकमात्र क़ीमत।

मैत्री और युति का भीतरी रसायन

नैसर्गिक मैत्री-विचार: चंद्र मंगल को सम मानता है और मंगल चंद्र को मित्र। सम्बन्ध मिश्रित है — युति का फल राशि, भाव और अंश-निकटता से तय होता है।

किस भाव में हो — यही निर्णायक

युति का असली रंग भाव तय करता है — यही चंद्र-मंगल केंद्र-त्रिकोण में वरदान-रूप, त्रिक (6, 8, 12) में परीक्षा-रूप हो जाती है। अंश-निकटता जितनी अधिक, फल उतना गुँथा हुआ; और दोनों में जो ग्रह अंशों में आगे (बली) है, युति का नेतृत्व उसी के पास रहता है।

फल का समय: चंद्र या मंगल — किसी की भी महादशा-अंतर्दशा में युति सक्रिय होती है; दोनों की दशाएँ परस्पर अंतर्दशा में मिलें, तब इसका फल शिखर पर होता है।

सामान्य उपाय

चंद्र: चंद्र को बल देने हेतु सोमवार व्रत, 'ॐ चंद्राय नमः' या शिव-पूजन (चंद्र शिव के मस्तक पर), माता की सेवा तथा जल व दूध का दान श्रेष्ठ है। रत्न मोती (Pearl) चाँदी में, कनिष्ठा में, सोमवार धारण किया जाता है। सफ़ेद वस्तुएँ (चावल, दूध, चाँदी) का दान और मन को शांत रखने वाले ध्यान-अभ्यास विशेष लाभकारी हैं।

मंगल: मंगल को बल/शांति देने हेतु मंगलवार व्रत, हनुमान-चालीसा पाठ, 'ॐ अंगारकाय नमः' जप तथा हनुमान-पूजन श्रेष्ठ है। रत्न मूँगा (Red Coral) ताँबे/सोने में, अनामिका में, मंगलवार धारण किया जाता है। मसूर-दाल, लाल वस्त्र व गुड़ का दान तथा क्रोध-प्रबंधन विशेष लाभकारी है; मांगलिक-दोष हेतु कुंभ-विवाह आदि परिहार शास्त्र-सम्मत हैं।

रत्न-निर्णय युति में विशेष सावधानी माँगता है — दोनों ग्रहों के रत्न एक साथ प्रायः नहीं पहने जाते; कुंडली-परामर्श अनिवार्य।

🔮 अपनी कुंडली में देखें

यह स्थिति आपकी अपनी कुंडली में है या नहीं — ग्रह, दशा व घटना-समय सहित तुरंत निःशुल्क जाँचें।

निःशुल्क कुंडली बनाएँ →

चंद्र ग्रह का विस्तृत लेख · मंगल ग्रह का विस्तृत लेख · अपनी कुंडली में यह युति देखें · दशा कैसे पढ़ें

🌐 Read this page in English