सऊदी अरब में दशहरा 2026: मंगलवार, 20 अक्टूबर — शहर-वार पूजा-समय
सऊदी अरब में दशहरा (विजयादशमी) 2026: मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 (रियाद)
विजय मुहूर्त: 1:33 PM – 2:19 PM AST
भारत के दिन ही। 2026 में दशहरा (विजयादशमी) भारत और सऊदी अरब के सब शहरों में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।
दशहरा (विजयादशमी) 2026 — सऊदी अरब के सब शहर
| शहर | तारीख | विजय मुहूर्त | तिथि (स्थानीय) |
|---|
रियाद Arabia Standard Time (AST) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 1:33 PM – 2:19 PM AST | 20 अक्टूबर, 10:21 AM → 21 अक्टूबर, 11:42 AM AST |
जेद्दा Arabia Standard Time (AST) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:04 PM – 2:50 PM AST | 20 अक्टूबर, 10:21 AM → 21 अक्टूबर, 11:42 AM AST |
समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
दशहरा (विजयादशमी) की तारीख कैसे तय होती है
अपराह्न में दशमी; विजय मुहूर्त = स्थानीय दिन का 11वाँ भाग।
महत्व
विजयादशमी साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है — यानी इस दिन का पूरा समय (विशेषकर अपराह्न का विजय-काल) नए काम, गृह-प्रवेश, वाहन-ख़रीद, विद्यारंभ, नामकरण के लिए शुभ माना गया है।
यह पर्व दो कथाओं को जोड़ता है — रामायण का रावण-वध और देवी-पुराण का महिषासुर-वध। इसलिए उत्तर भारत में रामलीला-रावण-दहन और बंगाल-दक्षिण में दुर्गा-विसर्जन/आयुध-पूजा — दोनों रूप एक ही दिन हैं।
स्त्रियों के लिए यह नवरात्रि के व्रत का समापन-दिन है — जवारे बाँटना, कलश का जल घर में छिड़कना, अपने से बड़ों के पैर छूना और बच्चों-भाइयों को जवारे व दही-चावल का टीका करना।
पूजा-विधि (संक्षेप)
- सुबह स्नान करके माँ दुर्गा की अंतिम पूजा करें — दीप, फूल, भोग, आरती; नवरात्रि का पारण (व्रत खोलना) जिन घरों में दशमी को होता है, वे कन्या-भोजन कराकर व्रत खोलें।
- कलश का जल पूरे घर में छिड़कें; जवारे काटकर देवी को चढ़ाएँ, फिर परिवार के पुरुषों की टोपी/कान के पीछे और बहन-बेटियों की चोटी में लगाएँ — यह माँ का आशीर्वाद है।
- दोपहर विजय मुहूर्त (ऊपर समय) में शस्त्र/उपकरण-पूजा: घर के औज़ार, वाहन, किताबें-कलम, दुकान के तराज़ू-बही को साफ़ करके रोली-अक्षत-फूल चढ़ाएँ, दीप दिखाएँ। यह «आयुध-पूजा» है — जिस साधन से रोज़ी चलती है, उसका सम्मान।
- शमी-पूजन: घर के पास शमी (खेजड़ी) या अपराजिता के पौधे को जल, रोली, अक्षत, फूल चढ़ाएँ; प्रार्थना करें — «शमी शमयते पापं शमी शत्रुविनाशिनी»। शमी की एक पत्ती धन-स्थान (तिजोरी) में रखें।
- अपराजिता-पूजा: घर के ईशान (उत्तर-पूर्व) कोण या खुले में चौकोर आकृति बनाकर अपराजिता देवी (जया-विजया सहित) की पूजा — विजय की देवी।
- नीलकंठ पक्षी का दर्शन इस दिन शुभ माना जाता है — गाँवों में सुबह इसे देखने का रिवाज है।
- शाम को रामलीला-मैदान में रावण-दहन देखें; लौटकर घर के बड़ों के पैर छूएँ और दही-चावल-जवारे का टीका लें — बड़े छोटों को «विजया» का आशीर्वाद व नज़र-टीका करते हैं।
- कलश, जवारे और प्रतिमा का विसर्जन दशमी को सूर्यास्त से पहले या परिवार की रीत से — नदी-तालाब में या घर के गमले/पौधे में। नारियल फोड़कर प्रसाद बाँटें।
- इस दिन कोई नया काम, सीख (विद्यारंभ), नई ख़रीद — विजय मुहूर्त में शुरू करना उत्तम है।
प्रश्नोत्तर
क्या दशहरा (विजयादशमी) 2026 सऊदी अरब और भारत में एक ही दिन है?
हाँ — मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026।
रियाद में दशहरा (विजयादशमी) 2026 का पूजा-समय?
विजय मुहूर्त: 1:33 PM से 2:19 PM (AST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (रियाद के लिए Arabia Standard Time (AST))।
क्या दशहरे को नवरात्रि का व्रत खोलते हैं?
कई परिवार नवमी को हवन-कन्या-पूजन के बाद और कई दशमी की सुबह पूजा करके पारण करते हैं — दोनों मान्य हैं। अपने घर की रीत अपनाएँ।
शमी की पूजा क्यों की जाती है?
महाभारत में पांडवों ने अपने शस्त्र शमी वृक्ष पर छिपाए थे और विजयादशमी को उतारकर विजय पाई; शमी को शनि और अग्नि का वृक्ष भी माना गया है — इसकी पत्ती तिजोरी में रखने से धन-स्थिरता का विश्वास है।
क्या दशहरे को नया सामान ख़रीद सकते हैं?
हाँ, यह साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है — वाहन, सोना, घर, इलेक्ट्रॉनिक्स, नई किताबें-कलम, सबके लिए शुभ। विजय मुहूर्त में हो तो और उत्तम।
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