| शहर | तारीख | विजय मुहूर्त | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| टोरंटो Eastern Time (EST/EDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:50 PM – 3:33 PM EDT | 20 अक्टूबर, 3:21 AM → 21 अक्टूबर, 4:42 AM EDT |
| ब्रैम्पटन Eastern Time (EST/EDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:51 PM – 3:34 PM EDT | 20 अक्टूबर, 3:21 AM → 21 अक्टूबर, 4:42 AM EDT |
| वैंकूवर Pacific Time (PST/PDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:42 PM – 3:24 PM PDT | 20 अक्टूबर, 12:21 AM → 21 अक्टूबर, 1:42 AM PDT |
| कैलगरी Mountain Time (MST/MDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 3:05 PM – 3:46 PM MDT | 20 अक्टूबर, 1:21 AM → 21 अक्टूबर, 2:42 AM MDT |
| एडमंटन Mountain Time (MST/MDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 3:01 PM – 3:42 PM MDT | 20 अक्टूबर, 1:21 AM → 21 अक्टूबर, 2:42 AM MDT |
| मॉन्ट्रियल Eastern Time (EST/EDT) | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 | 2:26 PM – 3:09 PM EDT | 20 अक्टूबर, 3:21 AM → 21 अक्टूबर, 4:42 AM EDT |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
अपराह्न में दशमी; विजय मुहूर्त = स्थानीय दिन का 11वाँ भाग।
विजयादशमी साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है — यानी इस दिन का पूरा समय (विशेषकर अपराह्न का विजय-काल) नए काम, गृह-प्रवेश, वाहन-ख़रीद, विद्यारंभ, नामकरण के लिए शुभ माना गया है।
यह पर्व दो कथाओं को जोड़ता है — रामायण का रावण-वध और देवी-पुराण का महिषासुर-वध। इसलिए उत्तर भारत में रामलीला-रावण-दहन और बंगाल-दक्षिण में दुर्गा-विसर्जन/आयुध-पूजा — दोनों रूप एक ही दिन हैं।
स्त्रियों के लिए यह नवरात्रि के व्रत का समापन-दिन है — जवारे बाँटना, कलश का जल घर में छिड़कना, अपने से बड़ों के पैर छूना और बच्चों-भाइयों को जवारे व दही-चावल का टीका करना।
हाँ — मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026।
विजय मुहूर्त: 2:50 PM से 3:33 PM (EDT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (टोरंटो के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
कई परिवार नवमी को हवन-कन्या-पूजन के बाद और कई दशमी की सुबह पूजा करके पारण करते हैं — दोनों मान्य हैं। अपने घर की रीत अपनाएँ।
महाभारत में पांडवों ने अपने शस्त्र शमी वृक्ष पर छिपाए थे और विजयादशमी को उतारकर विजय पाई; शमी को शनि और अग्नि का वृक्ष भी माना गया है — इसकी पत्ती तिजोरी में रखने से धन-स्थिरता का विश्वास है।
हाँ, यह साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है — वाहन, सोना, घर, इलेक्ट्रॉनिक्स, नई किताबें-कलम, सबके लिए शुभ। विजय मुहूर्त में हो तो और उत्तम।