Nakshtra Takकुंडलीराशिफलपंचांगमिलानज्ञानग्रह-फलज्योतिषीStore

कनाडा में मोक्षदा एकादशी 2026: शनिवार, 19 दिसंबर — शहर-वार पूजा-समय

कनाडा में मोक्षदा एकादशी 2026: शनिवार, 19 दिसंबर 2026 (टोरंटो)
भारत से अलग। भारत में मोक्षदा एकादशी 2026 रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है; टोरंटो (कनाडा) में शनिवार, 19 दिसंबर 2026 — एक दिन पहले। कारण: स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले। टोरंटो में तिथि स्थानीय समय 9:45 AM EST पर ख़त्म होती है, इसलिए निर्णायक क्षण दूसरे दिन पड़ता है।

मोक्षदा एकादशी 2026 — कनाडा के सब शहर

शहरतारीखपूजा-समयतिथि (स्थानीय)
टोरंटो
Eastern Time (EST/EDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 3:06 PM–7:07 AM EST
19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST
ब्रैम्पटन
Eastern Time (EST/EDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 3:06 PM–7:07 AM EST
19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST
वैंकूवर
Pacific Time (PST/PDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 2:00 PM–3:38 PM MST
19 दिसंबर, 9:40 AM → 20 दिसंबर, 7:45 AM MST
कैलगरी
Mountain Time (MST/MDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 1:21 PM–2:56 PM MST
19 दिसंबर, 9:40 AM → 20 दिसंबर, 7:45 AM MST
एडमंटन
Mountain Time (MST/MDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 1:16 PM–2:46 PM MST
19 दिसंबर, 9:40 AM → 20 दिसंबर, 7:45 AM MST
मॉन्ट्रियल
Eastern Time (EST/EDT)
शनिवार, 19 दिसंबर 2026—
पारण 3:06 PM–7:07 AM EST
19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST

समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।

मोक्षदा एकादशी की तारीख कैसे तय होती है

स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।

महत्व

पद्म-पुराण में इसे सब एकादशियों में «मोक्ष-प्रदायिनी» कहा गया — व्रती के साथ उसके पितरों तक को गति। जिनके पितर अशांत लगें, या श्राद्ध छूट गया हो, वे इस दिन का व्रत विशेष रूप से रखते हैं।

गीता जयंती — कुरुक्षेत्र में विशाल उत्सव, गीता-पाठ, «श्रीमद्भगवद्गीता की जय»; घर में गीता के 18 अध्यायों में से एक (प्रायः 12वाँ भक्ति-योग या 15वाँ पुरुषोत्तम-योग) पढ़ना पर्याप्त माना गया।

मार्गशीर्ष को कृष्ण ने «मासानां मार्गशीर्षोऽहम्» कहा है — यह उनका अपना महीना है; इसकी शुक्ल एकादशी विशेष फलदायी। एकादशी-व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी में — ऊपर तिथि दी है।

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. दशमी की रात सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य; एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान, पीले वस्त्र, संकल्प — «मैं मोक्षदा एकादशी का व्रत अपने और पितरों के कल्याण हेतु करती हूँ।»
  2. विष्णु/लक्ष्मी-नारायण की पूजा — पंचामृत-स्नान, पीले फूल, तुलसी-दल, चंदन, धूप-दीप, नैवेद्य (फल-मिठाई); «ॐ नमो भगवते वासुदेवाय» का 108 जप।
  3. गीता का पाठ — एक अध्याय (12वाँ/15वाँ) या पूरी गीता, परिवार बैठकर; गीता की पुस्तक को फूल-चंदन से पूजें, «गीता-आरती»।
  4. पितरों के लिए: दक्षिण मुख करके जल-तिल का तर्पण, ब्राह्मण/ज़रूरतमंद को अन्न-वस्त्र-कंबल दान, गाय को चारा — व्रत का पुण्य पितरों को अर्पित करने का संकल्प बोलें।
  5. दिन-भर फलाहार/निर्जला (सामर्थ्य से); दिन में सोना नहीं, भजन-कीर्तन; शाम को तुलसी-चौरे पर दीप और विष्णु-आरती।
  6. रात्रि-जागरण (कर सकें तो) — गीता/विष्णु-सहस्रनाम; न हो सके तो कम-से-कम आधी रात तक भजन।
  7. पारण: द्वादशी को सूर्योदय के बाद, हरि-वासर बीतने पर, द्वादशी समाप्ति से पहले — पहले ब्राह्मण-भोजन/दान, फिर तुलसी-दल के साथ स्वयं।

प्रश्नोत्तर

क्या मोक्षदा एकादशी 2026 कनाडा और भारत में एक ही दिन है?

नहीं। भारत: रविवार, 20 दिसंबर 2026; टोरंटो (कनाडा): शनिवार, 19 दिसंबर 2026। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (टोरंटो के लिए Eastern Time (EST/EDT))।

मोक्षदा एकादशी और वैकुंठ एकादशी एक ही हैं?

दक्षिण भारत की वैकुंठ एकादशी धनुर्मास (सौर-मार्गशीर्ष) की शुक्ल एकादशी है — कई वर्षों में यही तिथि होती है, कुछ वर्षों में पौष की। उत्तर भारत में मोक्षदा नाम चलता है।

पितरों को व्रत का पुण्य कैसे अर्पित करें?

पूजा के अंत में हाथ में जल-तिल लेकर बोलें — «मेरे इस व्रत का पुण्य मेरे पितरों (नाम) को प्राप्त हो, उन्हें मोक्ष मिले» — और जल दक्षिण दिशा में छोड़ दें; साथ में उनके नाम से अन्न-वस्त्र दान।

गीता का कौन-सा अध्याय पढ़ें?

पूरी न हो सके तो 12वाँ (भक्ति-योग, 20 श्लोक) या 15वाँ (पुरुषोत्तम-योग, 20 श्लोक) — छोटे और सार-रूप; या 2रा अध्याय (सांख्य-योग)। बच्चों से 47वाँ श्लोक (कर्मण्येवाधिकारस्ते) कंठस्थ कराना अच्छी रीत है।

कनाडा का दैनिक पंचांग

और पढ़ें

अन्य वर्ष

🧙 कनाडा से भारतीय ज्योतिषी से बात करें — चैट, कॉल या वीडियो; email से login, अंतरराष्ट्रीय कॉल-शुल्क नहीं। ज्योतिषी देखें →