| शहर | तारीख | पूजा-समय | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 3:06 PM–7:07 AM EST | 19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 3:06 PM–7:07 AM EST | 19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 2:06 PM–2:32 PM CST | 19 दिसंबर, 10:40 AM → 20 दिसंबर, 8:45 AM CST |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 2:06 PM–3:23 PM CST | 19 दिसंबर, 10:40 AM → 20 दिसंबर, 8:45 AM CST |
| डलास Central Time (CST/CDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 2:06 PM–3:25 PM CST | 19 दिसंबर, 10:40 AM → 20 दिसंबर, 8:45 AM CST |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 3:06 PM–3:34 PM EST | 19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 3:06 PM–7:07 AM EST | 19 दिसंबर, 11:40 AM → 20 दिसंबर, 9:45 AM EST |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 12:50 PM–2:48 PM PST | 19 दिसंबर, 8:40 AM → 20 दिसंबर, 6:45 AM PST |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 1:03 PM–2:58 PM PST | 19 दिसंबर, 8:40 AM → 20 दिसंबर, 6:45 AM PST |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | शनिवार, 19 दिसंबर 2026 | — पारण 12:58 PM–2:39 PM PST | 19 दिसंबर, 8:40 AM → 20 दिसंबर, 6:45 AM PST |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।
पद्म-पुराण में इसे सब एकादशियों में «मोक्ष-प्रदायिनी» कहा गया — व्रती के साथ उसके पितरों तक को गति। जिनके पितर अशांत लगें, या श्राद्ध छूट गया हो, वे इस दिन का व्रत विशेष रूप से रखते हैं।
गीता जयंती — कुरुक्षेत्र में विशाल उत्सव, गीता-पाठ, «श्रीमद्भगवद्गीता की जय»; घर में गीता के 18 अध्यायों में से एक (प्रायः 12वाँ भक्ति-योग या 15वाँ पुरुषोत्तम-योग) पढ़ना पर्याप्त माना गया।
मार्गशीर्ष को कृष्ण ने «मासानां मार्गशीर्षोऽहम्» कहा है — यह उनका अपना महीना है; इसकी शुक्ल एकादशी विशेष फलदायी। एकादशी-व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी में — ऊपर तिथि दी है।
नहीं। भारत: रविवार, 20 दिसंबर 2026; न्यूयॉर्क (अमेरिका): शनिवार, 19 दिसंबर 2026। तिथि स्थानीय निर्णायक क्षण पर देखी जाती है, जो यहाँ दूसरे दिन पड़ता है।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
दक्षिण भारत की वैकुंठ एकादशी धनुर्मास (सौर-मार्गशीर्ष) की शुक्ल एकादशी है — कई वर्षों में यही तिथि होती है, कुछ वर्षों में पौष की। उत्तर भारत में मोक्षदा नाम चलता है।
पूजा के अंत में हाथ में जल-तिल लेकर बोलें — «मेरे इस व्रत का पुण्य मेरे पितरों (नाम) को प्राप्त हो, उन्हें मोक्ष मिले» — और जल दक्षिण दिशा में छोड़ दें; साथ में उनके नाम से अन्न-वस्त्र दान।
पूरी न हो सके तो 12वाँ (भक्ति-योग, 20 श्लोक) या 15वाँ (पुरुषोत्तम-योग, 20 श्लोक) — छोटे और सार-रूप; या 2रा अध्याय (सांख्य-योग)। बच्चों से 47वाँ श्लोक (कर्मण्येवाधिकारस्ते) कंठस्थ कराना अच्छी रीत है।