हर तिथि के साथ वह सटीक समय है जब शुभ नक्षत्र, तिथि और पंचांग के बाक़ी अंग साथ हों — जेद्दा के स्थानीय समय (AST, DST सहित) में, जेद्दा के अपने सूर्योदय से, प्रकाशित पंचांगों से मिलाए शास्त्रीय नियमों पर। गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास आदि वर्जित काल पहले ही हटा दिए गए हैं।
जनवरी 0फ़रवरी 7मार्च 5अप्रैल 1मई 4जून 3जुलाई 3अगस्त 0सितंबर 0अक्टूबर 0नवंबर 7दिसंबर 8
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 6 फ़रवरी शुक्रवार | 09:53 PM – 10:49 PM | चित्रा | पंचमी | कन्या |
| 11 फ़रवरी बुधवार | 07:29 AM – 08:22 AM | अनुराधा | दशमी | वृश्चिक |
| 19 फ़रवरी गुरुवार | 06:21 PM – 06:51 AM, 20 फ़र | उ.भाद्रपद | तृतीया | मीन |
| 20 फ़रवरी शुक्रवार | 06:51 AM – 12:08 PM | उ.भाद्रपद | तृतीया | मीन |
| 21 फ़रवरी शनिवार | 10:31 AM – 04:37 PM | रेवती | पंचमी | मीन |
| 25 फ़रवरी बुधवार | 12:11 AM, 26 फ़र – 06:46 AM, 26 फ़र | मृगशिरा | दशमी | मिथुन |
| 26 फ़रवरी गुरुवार | 06:46 AM – 09:41 AM | मृगशिरा | दशमी | मिथुन |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 4 मार्च बुधवार | 06:42 AM – 05:47 AM, 5 मार्च | उ.फाल्गुनी | प्रतिपदा, द्वितीया | सिंह → कन्या (11:15 AM) |
| 6 मार्च शुक्रवार | 06:59 AM – 03:23 PM | चित्रा | तृतीया | कन्या |
| 9 मार्च सोमवार | 08:57 PM – 06:36 AM, 10 मार्च | अनुराधा | सप्तमी | वृश्चिक |
| 13 मार्च शुक्रवार | 12:33 AM, 14 मार्च – 06:33 AM, 14 मार्च | उ.आषाढ़ | दशमी, एकादशी | धनु |
| 14 मार्च शनिवार | 06:33 AM – 02:19 AM, 15 मार्च | उ.आषाढ़ | एकादशी | धनु → मकर (07:03 AM) |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 20 अप्रैल सोमवार | 01:45 AM, 21 अप्रैल – 05:59 AM, 21 अप्रैल | मृगशिरा | पंचमी | वृषभ |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 मई शनिवार | 04:39 AM, 3 मई – 05:51 AM, 3 मई | अनुराधा | द्वितीया | वृश्चिक |
| 4 मई सोमवार | 05:51 AM – 07:27 AM | अनुराधा | तृतीया | वृश्चिक |
| 8 मई शुक्रवार | 09:52 AM – 06:49 PM | उ.आषाढ़ | सप्तमी | मकर |
| 13 मई बुधवार | 05:46 AM – 11:00 AM | उ.भाद्रपद | एकादशी | मीन |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 24 जून बुधवार | 05:42 AM – 11:29 AM | चित्रा | दशमी | तुला |
| 26 जून शुक्रवार | 07:52 PM – 05:43 AM, 27 जून | अनुराधा | त्रयोदशी | वृश्चिक |
| 27 जून शनिवार | 05:43 AM – 07:41 PM | अनुराधा | त्रयोदशी | वृश्चिक |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 जुलाई बुधवार | 05:44 AM – 05:45 AM, 2 जुल | उ.आषाढ़ | द्वितीया | धनु → मकर (11:01 AM) |
| 2 जुलाई गुरुवार | 05:45 AM – 06:57 AM | उ.आषाढ़ | द्वितीया | मकर |
| 6 जुलाई सोमवार | 01:37 PM – 05:47 AM, 7 जुल | उ.भाद्रपद | सप्तमी | मीन |
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 11 नवंबर बुधवार | 06:32 AM – 09:08 AM | अनुराधा | द्वितीया | वृश्चिक |
| 14 नवंबर शनिवार | 05:54 PM – 08:54 PM | उ.आषाढ़ | पंचमी | धनु |
| 19 नवंबर गुरुवार | 04:26 AM, 20 नव – 06:37 AM, 20 नव | उ.भाद्रपद | दशमी, एकादशी | मीन |
| 20 नवंबर शुक्रवार | 06:37 AM – 04:02 AM, 21 नव | उ.भाद्रपद | एकादशी | मीन |
| 21 नवंबर शनिवार | 02:27 AM, 22 नव – 03:24 AM, 22 नव | रेवती | त्रयोदशी | मीन |
| 25 नवंबर बुधवार | 06:41 AM – 06:41 AM, 26 नव | रोहिणी, मृगशिरा | प्रतिपदा, द्वितीया | वृषभ → मिथुन (04:41 AM, 26 नव) |
| 26 नवंबर गुरुवार | 06:41 AM – 03:17 PM | मृगशिरा | द्वितीया, तृतीया | मिथुन |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर बुधवार | 08:22 PM – 06:46 AM, 3 दिस | उ.फाल्गुनी | दशमी | कन्या |
| 3 दिसंबर गुरुवार | 06:46 AM – 06:53 AM | उ.फाल्गुनी | दशमी | कन्या |
| 4 दिसंबर शुक्रवार | 07:52 AM – 09:15 PM | चित्रा | एकादशी | कन्या → तुला (08:32 PM) |
| 11 दिसंबर शुक्रवार | 12:34 AM, 12 दिस – 06:51 AM, 12 दिस | उ.आषाढ़ | तृतीया | धनु |
| 12 दिसंबर शनिवार | 06:51 AM – 11:36 AM | उ.आषाढ़ | तृतीया | धनु → मकर (07:21 AM) |
| 18 दिसंबर शुक्रवार | 08:44 PM – 06:55 AM, 19 दिस | रेवती | दशमी | मीन |
| 19 दिसंबर शनिवार | 06:55 AM – 01:27 PM | रेवती | दशमी | मीन |
| 30 दिसंबर बुधवार | 07:00 AM – 10:06 AM | उ.फाल्गुनी | सप्तमी | कन्या |
नया घर जीवन की बड़ी उपलब्धि है — गृह-प्रवेश का मुहूर्त इसलिए देखा जाता है कि गृहस्थी की पहली ऊर्जा शुद्ध पंचांग और शुभ ग्रह-घड़ी में पड़े।
गृह-प्रवेश के श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, उत्तरा-फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा-भाद्रपद, रेवती व पुष्य। मासों में माघ, फाल्गुन, वैशाख व ज्येष्ठ सर्वोत्तम माने गए हैं।
चातुर्मास (देवशयन-काल) में गृह-प्रवेश नहीं करते; खरमास, अधिक-मास और भद्रा भी वर्जित। मंगलवार प्रायः टाला जाता है; अमावस्या व रिक्ता तिथियाँ भी नहीं। नया घर हो तो वास्तु-शांति साथ में करवाना उत्तम।
प्रवेश सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) में करें — दाहिना पाँव पहले, कलश-मंगल के साथ। नीचे की सूची से दिन चुनकर अपने शहर का चौघड़िया हमारे चौघड़िया-पन्ने से मिला लें।
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय की तिथि-नक्षत्र और उस दिन के चौघड़िया पर टिका है, जो जेद्दा के अपने दिन के भाग हैं। जेद्दा का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, बीच में तिथि बदल सकती है — इसीलिए तारीख़ भारतीय पंचांग से एक दिन अलग हो सकती है।
जेद्दा का स्थानीय समय (AST)।
नहीं — ये जेद्दा के पंचांग-शुद्ध दिन हैं। अंतिम तिथि संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, चालू दशा) मिलाकर ही पक्की करें — मुहूर्त-उपकरण में जन्म-विवरण दें या ज्योतिषी से पूछें।
हाँ — परम्परा वहाँ भी शुभ दिन की सलाह देती है, पर नियम नए स्व-गृह जितने कड़े नहीं; शुभ चौघड़िया में सामान्य पूजा पर्याप्त मानी जाती है।
परम्परा दिन के प्रकाश (विशेषतः पूर्वाह्न) को श्रेष्ठ कहती है; विशेष स्थिति में ज्योतिषी से लग्न-शुद्धि करवाकर ही तय करें।
प्रायः हाँ — पहले वास्तु-शांति/हवन, फिर प्रवेश; दोनों एक ही शुभ मुहूर्त में हो जाएँ तो उत्तम।