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सिंगापुर में मौनी अमावस्या 2027: शनिवार, 6 फ़रवरी — शहर-वार पूजा-समय

सिंगापुर में मौनी अमावस्या 2027: शनिवार, 6 फ़रवरी 2027 (सिंगापुर)
पूर्वाह्न पूजा-समय: 7:17 AM – 12:07 PM SGT
भारत के दिन ही। 2027 में मौनी अमावस्या भारत और सिंगापुर में शनिवार, 6 फ़रवरी 2027 को है।

मौनी अमावस्या 2027 — सिंगापुर

शहरतारीखपूर्वाह्न पूजा-समयतिथि (स्थानीय)
सिंगापुर
Singapore Time (SGT)
शनिवार, 6 फ़रवरी 20277:17 AM – 12:07 PM SGT5 फ़रवरी, 9:36 PM → 6 फ़रवरी, 11:57 PM SGT

समय स्थानीय। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।

मौनी अमावस्या की तारीख कैसे तय होती है

स्थानीय सूर्योदय पर तिथि (उदया तिथि)।

महत्व

माघ-स्नान (पूरे माघ भोर में स्नान) का सबसे फलदायी दिन; शास्त्रों में मौनी अमावस्या के स्नान को हज़ार गंगा-स्नान के बराबर कहा गया। इसी दिन मनु ऋषि का जन्म माना जाता है — «मनु» से «मौनी»।

अमावस्या पितरों की तिथि है — तर्पण, पिंडदान/अन्न-दान से पितर तृप्त होते हैं; कालसर्प/पितृ-दोष के उपाय इस दिन विशेष; शनि-संबंधी दान (तिल, काला कपड़ा, तेल) भी।

मौन का नियम: कम-से-कम स्नान-पूजा-दान तक न बोलें (मन में जप); पूरा दिन मौन रख सकें तो उत्तम — यह घर की स्त्री के लिए दुर्लभ शांति का दिन भी है।

पूजा-विधि (संक्षेप)

  1. ब्रह्म-मुहूर्त (ऊपर समय) में उठकर मौन रहें; नदी/तालाब (या घर में गंगाजल-तिल मिले जल) से स्नान — «ॐ नमो नारायणाय» मन में; सूर्य को अर्घ्य।
  2. संकल्प (मन में) — «मैं मौनी अमावस्या का स्नान-दान-तर्पण पितरों की तृप्ति व परिवार-कल्याण हेतु करती हूँ।»
  3. पितृ-तर्पण: दक्षिण मुख, ताँबे के लोटे में जल-काले तिल-कुश-अक्षत, पितरों के नाम ले-लेकर तीन-तीन बार जल — घर का पुरुष करे, स्त्रियाँ भी कर सकती हैं (माँ/दादी के लिए); पीपल के पेड़ को जल-तिल और परिक्रमा।
  4. दान (सूर्योदय के बाद, दोपहर तक): काले तिल, तिल के लड्डू, गुड़, कंबल/ऊनी वस्त्र, घी, अन्न, तेल, जूते-छाता (शनि) — ब्राह्मण/ज़रूरतमंद/गौशाला; गाय को हरा चारा, कौवे-कुत्ते को रोटी (पंच-बलि)।
  5. घर में विष्णु-लक्ष्मी और शिव की पूजा; तुलसी को जल; अमावस्या को व्रत रखने वाली स्त्रियाँ दिन में फलाहार/एक समय भोजन।
  6. दिन-भर (या जितना संभव) मौन — पढ़ना-जप-भजन मन में; क्रोध-कलह नहीं; मौन तोड़ना हो तो पहले प्रभु-नाम।
  7. शाम को तुलसी-चौरे, पीपल के नीचे और मुख्य द्वार पर सरसों-तेल का दीपक (पितरों व शनि के लिए); अमावस्या की रात हनुमान-चालीसा या शिव-मंत्र।
  8. अगले दिन (प्रतिपदा) सुबह सामान्य दिनचर्या; माघ-स्नान का नियम पूर्णिमा तक जारी।

प्रश्नोत्तर

क्या मौनी अमावस्या 2027 सिंगापुर और भारत में एक ही दिन है?

हाँ — शनिवार, 6 फ़रवरी 2027।

सिंगापुर में मौनी अमावस्या 2027 का पूजा-समय?

पूर्वाह्न पूजा-समय: 7:17 AM से 12:07 PM (SGT)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में (सिंगापुर के लिए Singapore Time (SGT))।

मौन कितनी देर रखें?

शास्त्र-विधान पूरे दिन का है; व्यवहार में सुबह उठने से स्नान-पूजा-दान पूरा होने तक (कम-से-कम 2-3 घंटे) मौन; मन में जप। जो पूरा दिन रख सकें, उत्तम।

स्त्रियाँ तर्पण कर सकती हैं?

हाँ — जिनके घर में पुरुष न हों या अपने माता-पिता के लिए, स्त्रियाँ तर्पण कर सकती हैं (कुश की जगह अक्षत-तिल-जल); पीपल-पूजा और दान तो मुख्य रूप से स्त्रियाँ ही करती हैं।

क्या इस दिन शनि का दान भी करते हैं?

अमावस्या शनि-प्रिय तिथि है — काले तिल, सरसों तेल, काला वस्त्र, जूते-छाता, लोहा का दान; शनिवार को पड़े (शनि-अमावस्या) तो विशेष।

मौनी अमावस्या और कुंभ का क्या संबंध?

प्रयाग के माघ-मेले/कुंभ/अर्धकुंभ में मौनी अमावस्या मुख्य शाही-स्नान है — मान्यता है कि इस दिन संगम में अमृत-बूँदें उतरती हैं; 2025 महाकुंभ में इसी दिन सबसे बड़ा स्नान था।

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