| तारीख | प्रदोष व्रत | पूजा-समय |
|---|---|---|
| सोमवार, 4 जनवरी 2027 | सोम प्रदोष (पौष कृष्ण) | प्रदोष काल 4:05 PM – 7:17 PM |
| बुधवार, 20 जनवरी 2027 | बुध प्रदोष (पौष शुक्ल) | प्रदोष काल 4:28 PM – 7:33 PM |
| बुधवार, 3 फ़रवरी 2027 | बुध प्रदोष (माघ कृष्ण) | प्रदोष काल 4:53 PM – 7:49 PM |
| गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027 | गुरु प्रदोष (माघ शुक्ल) | प्रदोष काल 5:21 PM – 8:06 PM |
| शुक्रवार, 5 मार्च 2027 | शुक्र प्रदोष (फाल्गुन कृष्ण) | प्रदोष काल 5:47 PM – 8:21 PM |
| शुक्रवार, 19 मार्च 2027 | शुक्र प्रदोष (फाल्गुन शुक्ल) | प्रदोष काल 6:11 PM – 8:34 PM |
| रविवार, 4 अप्रैल 2027 | रवि प्रदोष (चैत्र कृष्ण) | प्रदोष काल 7:38 PM – 9:48 PM |
| रविवार, 18 अप्रैल 2027 | रवि प्रदोष (चैत्र शुक्ल) | प्रदोष काल 8:02 PM – 10:01 PM |
| सोमवार, 3 मई 2027 | सोम प्रदोष (वैशाख कृष्ण) | प्रदोष काल 8:27 PM – 10:15 PM |
| सोमवार, 17 मई 2027 | सोम प्रदोष (वैशाख शुक्ल) | प्रदोष काल 8:48 PM – 10:27 PM |
| बुधवार, 2 जून 2027 | बुध प्रदोष (ज्येष्ठ कृष्ण) | प्रदोष काल 9:09 PM – 10:41 PM |
| बुधवार, 16 जून 2027 | बुध प्रदोष (ज्येष्ठ शुक्ल) | प्रदोष काल 9:20 PM – 10:49 PM |
| गुरुवार, 1 जुलाई 2027 | गुरु प्रदोष (आषाढ़ कृष्ण) | प्रदोष काल 9:21 PM – 10:50 PM |
| गुरुवार, 15 जुलाई 2027 | गुरु प्रदोष (आषाढ़ शुक्ल) | प्रदोष काल 9:12 PM – 10:46 PM |
| शुक्रवार, 30 जुलाई 2027 | शुक्र प्रदोष (श्रावण कृष्ण) | प्रदोष काल 9:49 PM – 10:34 PM |
| शनिवार, 14 अगस्त 2027 | शनि प्रदोष (श्रावण शुक्ल) | प्रदोष काल 8:25 PM – 10:17 PM |
| रविवार, 29 अगस्त 2027 | रवि प्रदोष (भाद्रपद कृष्ण) | प्रदोष काल 7:54 PM – 9:57 PM |
| रविवार, 12 सितंबर 2027 | रवि प्रदोष (भाद्रपद शुक्ल) | प्रदोष काल 7:23 PM – 9:37 PM |
| सोमवार, 27 सितंबर 2027 | सोम प्रदोष (आश्विन कृष्ण) | प्रदोष काल 6:48 PM – 9:14 PM |
| मंगलवार, 12 अक्टूबर 2027 | भौम प्रदोष (आश्विन शुक्ल) | प्रदोष काल 6:14 PM – 8:51 PM |
| बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 | बुध प्रदोष (कार्तिक कृष्ण) | प्रदोष काल 5:43 PM – 6:20 PM |
| गुरुवार, 11 नवंबर 2027 | गुरु प्रदोष (कार्तिक शुक्ल) | प्रदोष काल 4:17 PM – 7:16 PM |
| गुरुवार, 25 नवंबर 2027 | गुरु प्रदोष (मार्गशीर्ष कृष्ण) | प्रदोष काल 4:00 PM – 7:07 PM |
| शनिवार, 11 दिसंबर 2027 | शनि प्रदोष (मार्गशीर्ष शुक्ल) | प्रदोष काल 3:51 PM – 7:04 PM |
| शनिवार, 25 दिसंबर 2027 | शनि प्रदोष (पौष कृष्ण) | प्रदोष काल 3:56 PM – 6:02 PM |
प्रदोष-काल (सूर्यास्त से रात्रि के पाँचवें भाग तक) में त्रयोदशी; दो संध्याओं में हो तो अधिक देर वाली।
प्रदोष-काल का महत्त्व: समुद्र-मंथन में विष पीकर शिव त्रयोदशी के प्रदोष में स्वस्थ हुए/देवताओं ने इसी काल में शिव की स्तुति की (स्कंद-पुराण); त्रयोदशी में प्रदोष-व्यापिनी तिथि का दिन व्रत का — यदि त्रयोदशी शाम को शुरू हो तो वही दिन, सुबह से हो पर सूर्यास्त से पहले ख़त्म तो पिछला दिन; ऊपर की तिथियाँ प्रदोष-नियम से।
वार-भेद: रवि प्रदोष — आयु-आरोग्य; सोम — इच्छा-पूर्ति, मन-शांति; भौम — ऋण-रोग-मुक्ति, मंगल-दोष; बुध — विद्या-बुद्धि; गुरु — शत्रु-नाश, पितृ-कृपा; शुक्र — सौभाग्य-धन; शनि प्रदोष — संतान-प्राप्ति, शनि-साढ़ेसाती-शांति (सबसे प्रसिद्ध — शनिवार का प्रदोष)।
यूके (ब्रिटेन) (लंदन) में 25। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।
लंदन के लिए 25 में से 4 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।
वार से फल: सोम (सोमवार) — मनोकामना व चंद्र-शांति; भौम (मंगलवार) — ऋण-रोग-मुक्ति, मंगल-दोष; शनि (शनिवार) — संतान, शनि-साढ़ेसाती-शांति; रवि — आयु; बुध — विद्या; गुरु — शत्रु-नाश; शुक्र — धन-सौभाग्य; विधि वही, दान वार-अनुसार; ऊपर सूची में हर तिथि का वार-नाम।
जिस दिन प्रदोष-काल (सूर्यास्त के बाद) में त्रयोदशी तिथि हो — प्रदोष-व्यापिनी; दोनों दिन हो तो पहला दिन; न किसी दिन हो (त्रयोदशी दोपहर में ख़त्म) तो जिस दिन अधिक — ऊपर सूची इसी नियम से बनी है।
हाँ — सुहाग-रक्षा, संतान (शनि प्रदोष 11 बार), पति-स्वास्थ्य, मन-शांति (सोम प्रदोष); पार्वती-पूजन विशेष; मासिक-धर्म में पूजा नहीं, स्मरण-जप; गर्भवती फलाहार; कन्याएँ मनचाहे वर हेतु सोम प्रदोष व सावन-सोमवार।