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अटलांटा पंचांग — शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

पंचांगराहुकालचौघड़ियाचंद्रोदय
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शुक्रवार, 30 अक्टूबर · अटलांटा
तिथि: पंचमी 9:55 AM तक · नक्षत्र: आर्द्रा 9:42 PM तक
सूर्योदय 7:55 AM · सूर्यास्त 6:47 PM · राहुकाल 12:00 PM – 1:21 PM

सब समय अटलांटा के स्थानीय समय (EDT) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

पंचांग विवरण

तिथिपंचमी — 9:55 AM → षष्ठी
पक्षकृष्ण पक्ष
नक्षत्रआर्द्रा — 9:42 PM → पुनर्वसु
योगशिव — 11:11 AM
करणतैतिल — 9:55 AM · गर
सूर्योदय / सूर्यास्त7:55 AM / 6:47 PM
चंद्रोदय / चंद्रास्त10:56 PM / 12:55 PM
चंद्र मासआश्विन (अमांत) · कार्तिक (पूर्णिमांत)
चंद्र राशिमिथुन — 2:31 PM, 31 अक्टूबर
सूर्य राशितुला
विक्रम संवत / शक2083 / 1948
ऋतु / अयनहेमंत · दक्षिणायन
दिनमान / रात्रिमान10 घंटे 52 मिनट / 13 घंटे 9 मिनट
दिशा शूलपश्चिम

✅ शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त6:10 AM – 7:03 AM
अभिजित मुहूर्त12:59 PM – 1:43 PM
अमृत काल12:29 PM – 1:57 PM
रवि योग9:42 PM – 7:56 AM, 31 अक्टूबर
विशेष शुभ योगसर्वार्थ सिद्धि योग: 9:42 PM – 7:56 AM, 31 अक्टूबर
विजय मुहूर्त3:10 PM – 3:53 PM
गोधूलि मुहूर्त6:47 PM – 7:13 PM
निशीथ मुहूर्त12:55 AM, 31 अक्टूबर – 1:48 AM, 31 अक्टूबर
प्रातः सन्ध्या6:36 AM – 7:55 AM
सायाह्न सन्ध्या6:47 PM – 8:06 PM

⚠️ अशुभ समय

राहुकाल12:00 PM – 1:21 PM
यमगंड4:04 PM – 5:26 PM
गुलिक काल9:17 AM – 10:38 AM
दुर्मुहूर्त10:05 AM – 10:49 AM, 1:43 PM – 2:26 PM
वर्ज्य7:19 AM – 8:48 AM
भद्रा7:28 AM, 31 अक्टूबर – 7:56 AM, 31 अक्टूबर
बाणराज बाण 11:52 AM – पूरी रात

🔯 योग, वास, शूल व बल

नक्षत्र-पदआर्द्रा-2 — 10:36 AM · आर्द्रा-3 — 4:08 PM · आर्द्रा-4 — 9:42 PM · पुनर्वसु-1 — 3:17 AM, 31 अक्टूबर · पुनर्वसु-2 — 8:53 AM, 31 अक्टूबर
अगला योगसिद्ध — 8:01 AM, 31 अक्टूबर
सूर्य-नक्षत्रस्वाती (पद 2)
मध्याह्न1:21 PM
आनन्दादि योगपद्म — 9:42 PM फिर लुम्बक
तमिल योगसिद्ध — 9:42 PM फिर मरण
होमाहुतिगुरु
चन्द्र वासपश्चिम
राहु वासदक्षिण-पूर्व
कुम्भ चक्रगर्भ
जीवनम् / नेत्रम्निर्जीव — 9:42 PM फिर अर्ध जीवन · दो नेत्र
भद्रा-वासस्वर्ग (7:28 AM, 31 अक्टूबर – 7:56 AM, 31 अक्टूबर)
चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ)मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चन्द्राष्टमवृश्चिक
ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ)अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उ.फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, उ.भाद्रपद (— 9:42 PM)
ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक)शरद · दक्षिणायन
गुजराती संवत / कलियुग2082 पिंगल / 5127
प्रविष्टे / गते14
राष्ट्रीय शक तिथिकार्तिक 8, शक 1948
पंचक-रहित मुहूर्त✅ शुभ मुहूर्त: 7:55 AM – 9:22 AM
⛔ राज पंचक: 9:22 AM – 9:55 AM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:55 AM – 11:43 AM
⛔ चोर पंचक: 11:43 AM – 1:46 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 1:46 PM – 3:24 PM
⛔ रोग पंचक: 3:24 PM – 4:46 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 4:46 PM – 7:35 PM
⛔ रोग पंचक: 7:35 PM – 9:28 PM
✅ शुभ मुहूर्त: 9:28 PM – 9:42 PM
⛔ मृत्यु पंचक: 9:42 PM – 11:44 PM
⛔ अग्नि पंचक: 11:44 PM – 2:09 AM, 31 अक्टूबर
✅ शुभ मुहूर्त: 2:09 AM, 31 अक्टूबर – 4:32 AM, 31 अक्टूबर
⛔ राज पंचक: 4:32 AM, 31 अक्टूबर – 6:54 AM, 31 अक्टूबर
✅ शुभ मुहूर्त: 6:54 AM, 31 अक्टूबर – 7:28 AM, 31 अक्टूबर
⛔ चोर पंचक: 7:28 AM, 31 अक्टूबर – 7:56 AM, 31 अक्टूबर
उदय-लग्नतुला: 7:55 AM – 9:22 AM
वृश्चिक: 9:22 AM – 11:43 AM
धनु: 11:43 AM – 1:46 PM
मकर: 1:46 PM – 3:24 PM
कुंभ: 3:24 PM – 4:46 PM
मीन: 4:46 PM – 6:05 PM
मेष: 6:05 PM – 7:35 PM
वृष: 7:35 PM – 9:28 PM
मिथुन: 9:28 PM – 11:44 PM
कर्क: 11:44 PM – 2:09 AM, 31 अक्टूबर
सिंह: 2:09 AM, 31 अक्टूबर – 4:32 AM, 31 अक्टूबर
कन्या: 4:32 AM, 31 अक्टूबर – 6:54 AM, 31 अक्टूबर
तुला: 6:54 AM, 31 अक्टूबर – 7:56 AM, 31 अक्टूबर

प्रश्नोत्तर

अटलांटा का पंचांग भारत के पंचांग से अलग क्यों है?

तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। अटलांटा का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।

ये समय किस समय-क्षेत्र में हैं?

अटलांटा का स्थानीय समय (EDT), DST अपने-आप लागू।

यह पंचांग कैसे गिना गया?

अटलांटा के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।

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