| शहर | तारीख | संध्या अर्घ्य — सूर्यास्त | तिथि (स्थानीय) |
|---|---|---|---|
| न्यूयॉर्क Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:38 PM EST | 14 नवंबर, 12:54 PM → 15 नवंबर, 3:32 PM EST |
| न्यू जर्सी (एडिसन) Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:40 PM EST | 14 नवंबर, 12:54 PM → 15 नवंबर, 3:32 PM EST |
| शिकागो Central Time (CST/CDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:30 PM CST | 14 नवंबर, 11:54 AM → 15 नवंबर, 2:32 PM CST |
| ह्यूस्टन Central Time (CST/CDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 5:26 PM CST | 14 नवंबर, 11:54 AM → 15 नवंबर, 2:32 PM CST |
| डलास Central Time (CST/CDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 5:26 PM CST | 14 नवंबर, 11:54 AM → 15 नवंबर, 2:32 PM CST |
| अटलांटा Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 5:34 PM EST | 14 नवंबर, 12:54 PM → 15 नवंबर, 3:32 PM EST |
| वॉशिंगटन डीसी Eastern Time (EST/EDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:54 PM EST | 14 नवंबर, 12:54 PM → 15 नवंबर, 3:32 PM EST |
| लॉस एंजेलेस Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:49 PM PST | 14 नवंबर, 9:54 AM → 15 नवंबर, 12:32 PM PST |
| सैन होज़े (बे एरिया) Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:57 PM PST | 14 नवंबर, 9:54 AM → 15 नवंबर, 12:32 PM PST |
| सिएटल Pacific Time (PST/PDT) | रविवार, 15 नवंबर 2026 | 4:33 PM PST | 14 नवंबर, 9:54 AM → 15 नवंबर, 12:32 PM PST |
समय स्थानीय (DST-सहित)। तिथि = उस शहर में पर्व-तिथि का आरंभ → अंत।
| नहाय-खाय | शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 |
| खरना | शनिवार, 14 नवंबर 2026 |
| उषा अर्घ्य (प्रातः) | सोमवार, 16 नवंबर 2026 |
अन्य शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है; शहर-वार तारीखें उस पर्व के पन्ने पर।
संध्या अर्घ्य स्थानीय सूर्यास्त पर षष्ठी; उषा अर्घ्य अगले सूर्योदय पर।
छठ में सूर्य देव और छठी मैया (षष्ठी देवी — ब्रह्मा की मानस-पुत्री, संतान की रक्षक) की पूजा होती है। मान्यता है कि छठ का व्रत संतान-सुख, परिवार के आरोग्य और सौभाग्य के लिए सबसे फलदायी है — और यह उन गिने-चुने पर्वों में है जहाँ डूबते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है, यानी उतार में भी कृतज्ञता।
इसमें कोई पंडित, मूर्ति, मंदिर नहीं — सिर्फ़ जल, सूर्य, बाँस का सूप-दउरा, मिट्टी का चूल्हा, गेहूँ-गुड़-घी का ठेकुआ और लोकगीत। शुद्धता का नियम कड़ा है: चार दिन लहसुन-प्याज़ नहीं, नया चूल्हा, ज़मीन पर सोना, हाथ से बना प्रसाद।
हाँ — रविवार, 15 नवंबर 2026।
संध्या अर्घ्य — सूर्यास्त: 4:38 PM (EST)। अन्य शहर ऊपर सारणी में।
हर पंक्ति उस शहर के स्थानीय समय में, DST-सहित (न्यूयॉर्क के लिए Eastern Time (EST/EDT))।
षष्ठी देवी — ब्रह्मा की मानस-पुत्री और सूर्य देव की बहन मानी जाती हैं; बालकों की रक्षक देवी। छठ में सूर्य और छठी मैया दोनों की पूजा है।
हाँ — छठ में स्त्री-पुरुष दोनों व्रती होते हैं; बिहार में बहुत-से पुरुष परवैत हैं। मन्नत और शुद्धता का नियम सबके लिए एक है।
छठ उन इने-गिने पर्वों में है जहाँ अस्त होते सूर्य की भी पूजा है — सिखाता है कि उतार में भी कृतज्ञ रहो; शाम का अर्घ्य सूर्य की पत्नी प्रत्यूषा और सुबह का उषा को समर्पित माना जाता है।
गेहूँ का आटा, पिघला गुड़, घी का मोयन, सौंफ-नारियल कड़ा गूँथकर लकड़ी के साँचे में दबाएँ और धीमी आँच पर घी में सुनहरा तलें — ऊपर भोग-खंड में मात्रा दी है। बाज़ार का आटा नहीं, घर में धोकर-सुखाकर पिसवाया आटा।