23 तारीखें · सब समय अटलांटा का स्थानीय (EDT), DST अपने-आप लागू।
| तारीख | प्रदोष व्रत | पूजा-समय |
|---|---|---|
| गुरुवार, 15 जनवरी 2026 | गुरु प्रदोष (माघ कृष्ण) | प्रदोष काल 5:52 PM – 8:38 PM |
| शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 | शुक्र प्रदोष (माघ शुक्ल) | प्रदोष काल 6:07 PM – 8:49 PM |
| शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 | शनि प्रदोष (फाल्गुन कृष्ण) | प्रदोष काल 6:21 PM – 8:57 PM |
| शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 | शनि प्रदोष (फाल्गुन शुक्ल) | प्रदोष काल 6:33 PM – 9:04 PM |
| सोमवार, 16 मार्च 2026 | सोम प्रदोष (चैत्र कृष्ण) | प्रदोष काल 7:46 PM – 10:10 PM |
| सोमवार, 30 मार्च 2026 | सोम प्रदोष (चैत्र शुक्ल) | प्रदोष काल 7:57 PM – 9:26 PM |
| मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 | भौम प्रदोष (वैशाख कृष्ण) | प्रदोष काल 8:08 PM – 10:20 PM |
| मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 | भौम प्रदोष (वैशाख शुक्ल) | प्रदोष काल 8:19 PM – 10:25 PM |
| गुरुवार, 14 मई 2026 | गुरु प्रदोष (ज्येष्ठ कृष्ण) | प्रदोष काल 8:31 PM – 10:32 PM |
| गुरुवार, 28 मई 2026 | गुरु प्रदोष (ज्येष्ठ शुक्ल) | प्रदोष काल 8:41 PM – 10:39 PM |
| शुक्रवार, 12 जून 2026 | शुक्र प्रदोष (आषाढ़ कृष्ण) | प्रदोष काल 8:49 PM – 10:44 PM |
| शुक्रवार, 26 जून 2026 | शुक्र प्रदोष (ज्येष्ठ शुक्ल) | प्रदोष काल 8:52 PM – 10:47 PM |
| शनिवार, 11 जुलाई 2026 | शनि प्रदोष (आषाढ़ कृष्ण) | प्रदोष काल 8:50 PM – 10:47 PM |
| रविवार, 26 जुलाई 2026 | रवि प्रदोष (आषाढ़ शुक्ल) | प्रदोष काल 8:42 PM – 10:43 PM |
| मंगलवार, 25 अगस्त 2026 | भौम प्रदोष (श्रावण शुक्ल) | प्रदोष काल 8:12 PM – 10:23 PM |
| मंगलवार, 8 सितंबर 2026 | भौम प्रदोष (भाद्रपद कृष्ण) | प्रदोष काल 7:53 PM – 10:10 PM |
| बुधवार, 23 सितंबर 2026 | बुध प्रदोष (भाद्रपद शुक्ल) | प्रदोष काल 7:33 PM – 9:56 PM |
| बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 | बुध प्रदोष (आश्विन कृष्ण) | प्रदोष काल 7:14 PM – 9:43 PM |
| शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | शुक्र प्रदोष (आश्विन शुक्ल) | प्रदोष काल 6:54 PM – 9:29 PM |
| शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 | शुक्र प्रदोष (कार्तिक कृष्ण) | प्रदोष काल 5:41 PM – 8:21 PM |
| शनिवार, 21 नवंबर 2026 | शनि प्रदोष (कार्तिक शुक्ल) | प्रदोष काल 6:27 PM – 8:16 PM |
| शनिवार, 5 दिसंबर 2026 | शनि प्रदोष (मार्गशीर्ष कृष्ण) | प्रदोष काल 5:29 PM – 8:17 PM |
| सोमवार, 21 दिसंबर 2026 | सोम प्रदोष (मार्गशीर्ष शुक्ल) | प्रदोष काल 5:33 PM – 8:22 PM |
प्रदोष-काल (स्थानीय सूर्यास्त से रात का पाँचवाँ भाग) में त्रयोदशी; दो संध्याओं में हो तो जिसमें अधिक समय।
प्रदोष-काल का महत्त्व: समुद्र-मंथन में विष पीकर शिव त्रयोदशी के प्रदोष में स्वस्थ हुए/देवताओं ने इसी काल में शिव की स्तुति की (स्कंद-पुराण); त्रयोदशी में प्रदोष-व्यापिनी तिथि का दिन व्रत का — यदि त्रयोदशी शाम को शुरू हो तो वही दिन, सुबह से हो पर सूर्यास्त से पहले ख़त्म तो पिछला दिन; ऊपर की तिथियाँ प्रदोष-नियम से।
वार-भेद: रवि प्रदोष — आयु-आरोग्य; सोम — इच्छा-पूर्ति, मन-शांति; भौम — ऋण-रोग-मुक्ति, मंगल-दोष; बुध — विद्या-बुद्धि; गुरु — शत्रु-नाश, पितृ-कृपा; शुक्र — सौभाग्य-धन; शनि प्रदोष — संतान-प्राप्ति, शनि-साढ़ेसाती-शांति (सबसे प्रसिद्ध — शनिवार का प्रदोष)।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 — शुक्र प्रदोष (आश्विन शुक्ल) (EDT).
तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/सूर्यास्त) पर देखी जाती है और अटलांटा भारत से घंटों अलग है — इसलिए वही तिथि यहाँ दूसरी तारीख पर पड़ सकती है।
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