हर तिथि के साथ वह सटीक समय है जब शुभ नक्षत्र, तिथि और पंचांग के बाक़ी अंग साथ हों — ह्यूस्टन के स्थानीय समय (CDT, DST सहित) में, ह्यूस्टन के अपने सूर्योदय से, प्रकाशित पंचांगों से मिलाए शास्त्रीय नियमों पर। गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास आदि वर्जित काल पहले ही हटा दिए गए हैं।
जनवरी 0फ़रवरी 6मार्च 5अप्रैल 1मई 3जून 4जुलाई 2अगस्त 0सितंबर 0अक्टूबर 0नवंबर 6दिसंबर 8
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 4 फ़रवरी बुधवार | 10:42 AM – 12:40 PM | उ.फाल्गुनी | तृतीया | सिंह |
| 6 फ़रवरी शुक्रवार | 12:53 PM – 01:49 PM | चित्रा | पंचमी | कन्या |
| 19 फ़रवरी गुरुवार | 09:21 AM – 03:08 AM, 20 फ़र | उ.भाद्रपद | तृतीया | मीन |
| 20 फ़रवरी शुक्रवार | 01:31 AM, 21 फ़र – 06:55 AM, 21 फ़र | रेवती | पंचमी | मीन |
| 21 फ़रवरी शनिवार | 06:55 AM – 07:37 AM | रेवती | पंचमी | मीन |
| 25 फ़रवरी बुधवार | 03:11 PM – 12:41 AM, 26 फ़र | मृगशिरा | दशमी | मिथुन |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 4 मार्च बुधवार | 06:44 AM – 08:47 PM | उ.फाल्गुनी | द्वितीया | कन्या |
| 5 मार्च गुरुवार | 09:59 PM – 06:23 AM, 6 मार्च | चित्रा | तृतीया | कन्या |
| 9 मार्च सोमवार | 12:57 PM – 07:37 AM, 10 मार्च | अनुराधा | सप्तमी | वृश्चिक |
| 13 मार्च शुक्रवार | 04:33 PM – 07:32 AM, 14 मार्च | उ.आषाढ़ | दशमी, एकादशी | धनु → मकर (11:03 PM) |
| 14 मार्च शनिवार | 07:32 AM – 06:19 PM | उ.आषाढ़ | एकादशी | मकर |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 20 अप्रैल सोमवार | 05:45 PM – 06:48 AM, 21 अप्रैल | मृगशिरा | पंचमी | वृषभ → मिथुन (02:30 AM, 21 अप्रैल) |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 मई शनिवार | 08:39 PM – 06:37 AM, 3 मई | अनुराधा | द्वितीया | वृश्चिक |
| 7 मई गुरुवार | 01:52 AM, 8 मई – 06:33 AM, 8 मई | उ.आषाढ़ | सप्तमी | मकर |
| 8 मई शुक्रवार | 06:33 AM – 10:49 AM | उ.आषाढ़ | सप्तमी | मकर |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 20 जून शनिवार | 11:01 PM – 04:51 AM, 21 जून | उ.फाल्गुनी | सप्तमी | सिंह |
| 22 जून सोमवार | 06:10 AM, 23 जून – 06:22 AM, 23 जून | चित्रा | दशमी | कन्या |
| 26 जून शुक्रवार | 11:52 AM – 06:23 AM, 27 जून | अनुराधा | त्रयोदशी | वृश्चिक |
| 27 जून शनिवार | 06:23 AM – 11:41 AM | अनुराधा | त्रयोदशी | वृश्चिक |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 1 जुलाई बुधवार | 06:25 AM – 10:57 PM | उ.आषाढ़ | द्वितीया | मकर |
| 6 जुलाई सोमवार | 06:27 AM – 02:55 AM, 7 जुल | उ.भाद्रपद | सप्तमी | मीन |
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
इस माह कोई शुभ दिन नहीं।
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 9 नवंबर सोमवार | 02:30 AM, 10 नव – 06:42 AM, 10 नव | अनुराधा | द्वितीया | वृश्चिक |
| 14 नवंबर शनिवार | 08:54 AM – 11:54 AM | उ.आषाढ़ | पंचमी | धनु |
| 19 नवंबर गुरुवार | 07:26 PM – 06:50 AM, 20 नव | उ.भाद्रपद | दशमी, एकादशी | मीन |
| 20 नवंबर शुक्रवार | 06:50 AM – 07:02 PM | उ.भाद्रपद | एकादशी | मीन |
| 21 नवंबर शनिवार | 05:27 PM – 06:24 PM | रेवती | त्रयोदशी | मीन |
| 25 नवंबर बुधवार | 06:54 AM – 06:17 AM, 26 नव | रोहिणी, मृगशिरा | द्वितीया, तृतीया | वृषभ → मिथुन (07:41 PM) |
| तारीख़ | शुभ समय | नक्षत्र | तिथि | चंद्र राशि |
|---|---|---|---|---|
| 2 दिसंबर बुधवार | 11:22 AM – 09:53 PM | उ.फाल्गुनी | दशमी | कन्या |
| 3 दिसंबर गुरुवार | 10:52 PM – 07:02 AM, 4 दिस | चित्रा | एकादशी | कन्या |
| 4 दिसंबर शुक्रवार | 07:02 AM – 12:15 PM | चित्रा | एकादशी | कन्या → तुला (11:32 AM) |
| 11 दिसंबर शुक्रवार | 03:34 PM – 02:36 AM, 12 दिस | उ.आषाढ़ | तृतीया | धनु → मकर (10:21 PM) |
| 18 दिसंबर शुक्रवार | 11:44 AM – 04:27 AM, 19 दिस | रेवती | दशमी | मीन |
| 21 दिसंबर सोमवार | 11:15 PM – 02:54 AM, 22 दिस | रोहिणी | त्रयोदशी | वृषभ |
| 28 दिसंबर सोमवार | 04:13 AM, 29 दिस – 07:16 AM, 29 दिस | उ.फाल्गुनी | सप्तमी | सिंह |
| 31 दिसंबर गुरुवार | 01:40 AM, 1 जन – 05:59 AM, 1 जन | चित्रा | दशमी | तुला |
नया घर जीवन की बड़ी उपलब्धि है — गृह-प्रवेश का मुहूर्त इसलिए देखा जाता है कि गृहस्थी की पहली ऊर्जा शुद्ध पंचांग और शुभ ग्रह-घड़ी में पड़े।
गृह-प्रवेश के श्रेष्ठ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, उत्तरा-फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा-भाद्रपद, रेवती व पुष्य। मासों में माघ, फाल्गुन, वैशाख व ज्येष्ठ सर्वोत्तम माने गए हैं।
चातुर्मास (देवशयन-काल) में गृह-प्रवेश नहीं करते; खरमास, अधिक-मास और भद्रा भी वर्जित। मंगलवार प्रायः टाला जाता है; अमावस्या व रिक्ता तिथियाँ भी नहीं। नया घर हो तो वास्तु-शांति साथ में करवाना उत्तम।
प्रवेश सूर्योदय के बाद शुभ चौघड़िया (अमृत/शुभ/लाभ) में करें — दाहिना पाँव पहले, कलश-मंगल के साथ। नीचे की सूची से दिन चुनकर अपने शहर का चौघड़िया हमारे चौघड़िया-पन्ने से मिला लें।
मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय की तिथि-नक्षत्र और उस दिन के चौघड़िया पर टिका है, जो ह्यूस्टन के अपने दिन के भाग हैं। ह्यूस्टन का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, बीच में तिथि बदल सकती है — इसीलिए तारीख़ भारतीय पंचांग से एक दिन अलग हो सकती है।
ह्यूस्टन का स्थानीय समय (CDT), DST अपने-आप लागू।
नहीं — ये ह्यूस्टन के पंचांग-शुद्ध दिन हैं। अंतिम तिथि संबंधित व्यक्तियों की कुंडली (चंद्रबल, ताराबल, चालू दशा) मिलाकर ही पक्की करें — मुहूर्त-उपकरण में जन्म-विवरण दें या ज्योतिषी से पूछें।
हाँ — परम्परा वहाँ भी शुभ दिन की सलाह देती है, पर नियम नए स्व-गृह जितने कड़े नहीं; शुभ चौघड़िया में सामान्य पूजा पर्याप्त मानी जाती है।
परम्परा दिन के प्रकाश (विशेषतः पूर्वाह्न) को श्रेष्ठ कहती है; विशेष स्थिति में ज्योतिषी से लग्न-शुद्धि करवाकर ही तय करें।
प्रायः हाँ — पहले वास्तु-शांति/हवन, फिर प्रवेश; दोनों एक ही शुभ मुहूर्त में हो जाएँ तो उत्तम।