सब समय ह्यूस्टन के स्थानीय समय (CDT) में, DST-सहित। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।
| तिथि | सप्तमी — 2:32 AM, 18 सितंबर → अष्टमी |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| नक्षत्र | अनुराधा — 9:24 AM → ज्येष्ठा |
| योग | प्रीति — 3:04 AM, 18 सितंबर |
| करण | गर — 1:23 PM · वणिज |
| सूर्योदय / सूर्यास्त | 7:07 AM / 7:24 PM |
| चंद्रोदय / चंद्रास्त | 1:32 PM / 11:23 PM |
| चंद्र मास | भाद्रपद (अमांत) · भाद्रपद (पूर्णिमांत) |
| चंद्र राशि | वृश्चिक — 12:15 PM, 18 सितंबर |
| सूर्य राशि | कन्या |
| विक्रम संवत / शक | 2083 / 1948 |
| ऋतु / अयन | शरद · दक्षिणायन |
| दिनमान / रात्रिमान | 12 घंटे 17 मिनट / 11 घंटे 44 मिनट |
| दिशा शूल | दक्षिण |
| ब्रह्म मुहूर्त | 5:33 AM – 6:20 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:51 PM – 1:40 PM |
| अमृत काल | 2:24 AM, 18 सितंबर – 4:11 AM, 18 सितंबर |
| रवि योग | 7:07 AM – 9:24 AM |
| विशेष शुभ योग | सर्वार्थ सिद्धि योग: 7:07 AM – 9:24 AM |
| विजय मुहूर्त | 3:18 PM – 4:07 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 7:24 PM – 7:47 PM |
| निशीथ मुहूर्त | 12:53 AM, 18 सितंबर – 1:39 AM, 18 सितंबर |
| प्रातः सन्ध्या | 5:57 AM – 7:07 AM |
| सायाह्न सन्ध्या | 7:24 PM – 8:34 PM |
| राहुकाल | 2:48 PM – 4:20 PM |
| यमगंड | 7:07 AM – 8:39 AM |
| गुलिक काल | 10:11 AM – 11:43 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:13 AM – 12:02 PM, 4:07 PM – 4:57 PM |
| वर्ज्य | 3:40 PM – 5:27 PM |
| भद्रा | 2:32 AM, 18 सितंबर – 7:08 AM, 18 सितंबर |
| गंडमूल | 9:24 AM – 7:08 AM, 18 सितंबर |
| विंछुडो (चंद्र वृश्चिक में) | 7:07 AM – 7:08 AM, 18 सितंबर |
| बाण | मृत्यु बाण 10:05 PM – पूरी रात |
| नक्षत्र-पद | अनुराधा-4 — 9:24 AM · ज्येष्ठा-1 — 4:05 PM · ज्येष्ठा-2 — 10:47 PM · ज्येष्ठा-3 — 5:31 AM, 18 सितंबर · ज्येष्ठा-4 — 12:15 PM, 18 सितंबर |
| अगला योग | आयुष्मान — 3:59 AM, 19 सितंबर |
| सूर्य-नक्षत्र | उ.फाल्गुनी (पद 2) |
| मध्याह्न | 1:16 PM |
| आनन्दादि योग | आनन्द — 9:24 AM फिर कालदण्ड |
| तमिल योग | सिद्ध — 9:24 AM फिर मरण |
| होमाहुति | बुध — 9:24 AM फिर शुक्र |
| नक्षत्र शूल | पूर्व (9:24 AM – 12:15 PM, 18 सितंबर) |
| चन्द्र वास | उत्तर |
| राहु वास | दक्षिण |
| कुम्भ चक्र | दक्षिण |
| जीवनम् / नेत्रम् | अर्ध जीवन · एक नेत्र |
| भद्रा-वास | स्वर्ग (2:32 AM, 18 सितंबर – 7:08 AM, 18 सितंबर) |
| चन्द्रबल (इन राशियों हेतु शुभ) | वृष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुंभ |
| चन्द्राष्टम | मेष |
| ताराबल (इन नक्षत्रों हेतु शुभ) | अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उ.फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उ.आषाढ़, धनिष्ठा, पू.भाद्रपद, रेवती (— 9:24 AM) |
| ऋतु (वैदिक) / अयन (वैदिक) | वर्षा · दक्षिणायन |
| गुजराती संवत / कलियुग | 2082 पिंगल / 5127 |
| प्रविष्टे / गते | 2 |
| राष्ट्रीय शक तिथि | भाद्रपद 26, शक 1948 |
| पंचक-रहित मुहूर्त | ✅ शुभ मुहूर्त: 7:07 AM – 7:09 AM ⛔ रोग पंचक: 7:09 AM – 9:24 AM ✅ शुभ मुहूर्त: 9:24 AM – 9:27 AM ⛔ मृत्यु पंचक: 9:27 AM – 11:47 AM ⛔ अग्नि पंचक: 11:47 AM – 2:06 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 2:06 PM – 4:10 PM ⛔ राज पंचक: 4:10 PM – 5:52 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 5:52 PM – 7:18 PM ⛔ चोर पंचक: 7:18 PM – 8:42 PM ⛔ राज पंचक: 8:42 PM – 10:16 PM ✅ शुभ मुहूर्त: 10:16 PM – 12:11 AM, 18 सितंबर ⛔ चोर पंचक: 12:11 AM, 18 सितंबर – 2:26 AM, 18 सितंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 2:26 AM, 18 सितंबर – 2:32 AM, 18 सितंबर ⛔ रोग पंचक: 2:32 AM, 18 सितंबर – 4:47 AM, 18 सितंबर ✅ शुभ मुहूर्त: 4:47 AM, 18 सितंबर – 7:05 AM, 18 सितंबर ⛔ मृत्यु पंचक: 7:05 AM, 18 सितंबर – 7:08 AM, 18 सितंबर |
| उदय-लग्न | सिंह: 7:07 AM – 7:09 AM कन्या: 7:09 AM – 9:27 AM तुला: 9:27 AM – 11:47 AM वृश्चिक: 11:47 AM – 2:06 PM धनु: 2:06 PM – 4:10 PM मकर: 4:10 PM – 5:52 PM कुंभ: 5:52 PM – 7:18 PM मीन: 7:18 PM – 8:42 PM मेष: 8:42 PM – 10:16 PM वृष: 10:16 PM – 12:11 AM, 18 सितंबर मिथुन: 12:11 AM, 18 सितंबर – 2:26 AM, 18 सितंबर कर्क: 2:26 AM, 18 सितंबर – 4:47 AM, 18 सितंबर सिंह: 4:47 AM, 18 सितंबर – 7:05 AM, 18 सितंबर कन्या: 7:05 AM, 18 सितंबर – 7:08 AM, 18 सितंबर |
तिथि-नक्षत्र पूरी दुनिया में एक ही क्षण बदलते हैं, पर पंचांग का दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है और राहुकाल, चौघड़िया व मुहूर्त स्थानीय दिन के भाग हैं। ह्यूस्टन का सूर्योदय भारत से घंटों बाद होता है, इसलिए «सूर्योदय की तिथि» और सब समय बदलते हैं — इसी से पर्व की तारीख भी बदल सकती है।
ह्यूस्टन का स्थानीय समय (CDT), DST अपने-आप लागू।
ह्यूस्टन के अक्षांश-देशांतर पर Swiss Ephemeris (लाहिरी अयनांश) से; चंद्रोदय/अस्त बिम्ब-केंद्र से, बिना अपवर्तन — मानक पंचांगों की तरह।