अहोई अष्टमी 2027 — कोच्चि: तारा-दर्शन, पूजा व चंद्रोदय का समय

कोच्चि में अहोई अष्टमी शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को है। सांझ की पूजा सूर्यास्त (6:05 PM) से; तारे लगभग 6:26 PM पर दिखेंगे — तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलें। चंद्रोदय 12:19 AM।

अहोई अष्टमी 2027 — कोच्चि का पूरा समय

तारीख़शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027
सांझ की पूजा (सूर्यास्त से)6:05 PM
तारे दिखने का समय6:26 PM
चंद्रोदय12:19 AM
सूर्योदय6:14 AM

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं — कोच्चि के अपने सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रोदय से गणना।

कोच्चि बनाम दिल्ली

तारे दिखने का समय कोच्चि में 6:26 PM पर और दिल्ली में 6:09 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।
अहोई अष्टमी — पूरी पूजा-विधि, कथा व सामग्री →
कोच्चि का आज का पंचांग →

पास के शहर

कोयंबटूरतिरुवनंतपुरममदुरैबेंगलुरुचेन्नईहैदराबादविजयवाड़ापुणे

अहोई अष्टमी 2027 — दूसरे शहरों में

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊकानपुरनागपुरइंदौरभोपालपटनावडोदरासूरतलुधियानाआगरावाराणसीप्रयागराजमेरठराजकोटजबलपुरअमृतसरराँचीरायपुरगुवाहाटीचंडीगढ़तिरुवनंतपुरमकोच्चिकोयंबटूरमदुरैविशाखापत्तनमविजयवाड़ाभुवनेश्वरकटकदेहरादूनहरिद्वारमथुराअयोध्याउज्जैननासिकग्वालियरजोधपुरउदयपुरकोटाश्रीनगरजम्मूशिमलागोरखपुरबस्तीगयाभागलपुरसिलीगुड़ीजमशेदपुरगाज़ियाबादनोएडागुरुग्रामफ़रीदाबाद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोच्चि में अहोई अष्टमी 2027 कब है?

कोच्चि में अहोई अष्टमी शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को है। सांझ की पूजा सूर्यास्त (6:05 PM) से; तारे लगभग 6:26 PM पर दिखेंगे — तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलें। चंद्रोदय 12:19 AM।

Kochi mein Ahoi Ashtami 2027 par taare kitne baje dikhenge?

Kochi mein Ahoi Ashtami Friday, October 22, 2027 ko hai. Taare lagbhag 6:26 PM par dikhenge; sanjh ki puja sunset 6:05 PM se, chandrodaya 12:19 AM.

क्या कोच्चि का समय दिल्ली से अलग है?

हाँ। तारे दिखने का समय कोच्चि में 6:26 PM पर और दिल्ली में 6:09 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।

यह समय कैसे निकाला गया?

Swiss Ephemeris (निरयन, लाहिरी अयनांश) से, कोच्चि के निर्देशांक (9.93°N, 76.27°E) पर भारतीय मानक समय में; तिथि का निर्णय प्रचलित पंचांग-नियम से। आपके मंदिर या कुल की परंपरा अलग हो तो उसे प्राथमिकता दें।