धनतेरस 2026 — कोलकाता: धन्वंतरि-लक्ष्मी-कुबेर पूजा मुहूर्त

कोलकाता में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। पूजा का सबसे शुभ समय 5:29 PM–7:27 PM (प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न); प्रदोष काल 4:56 PM–7:30 PM में यम-दीपदान करें।

धनतेरस 2026 — कोलकाता का पूरा समय

तारीख़शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
पूजा मुहूर्त5:29 PM – 7:27 PM
प्रदोष काल4:56 PM – 7:30 PM
स्थिर वृषभ लग्न5:29 PM – 7:27 PM
यम दीपदान (प्रदोष काल)4:56 PM – 7:30 PM
सूर्योदय5:44 AM
सूर्यास्त4:56 PM

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं — कोलकाता के अपने सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रोदय से गणना।

कोलकाता बनाम दिल्ली

पूजा मुहूर्त कोलकाता में 5:29 PM पर और दिल्ली में 6:03 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।
धनतेरस — पूरी पूजा-विधि, कथा व सामग्री →
कोलकाता का आज का पंचांग →

पास के शहर

जमशेदपुरराँचीभागलपुरकटकभुवनेश्वरगयासिलीगुड़ीपटना

धनतेरस 2026 — दूसरे शहरों में

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊकानपुरनागपुरइंदौरभोपालपटनावडोदरासूरतलुधियानाआगरावाराणसीप्रयागराजमेरठराजकोटजबलपुरअमृतसरराँचीरायपुरगुवाहाटीचंडीगढ़तिरुवनंतपुरमकोच्चिकोयंबटूरमदुरैविशाखापत्तनमविजयवाड़ाभुवनेश्वरकटकदेहरादूनहरिद्वारमथुराअयोध्याउज्जैननासिकग्वालियरजोधपुरउदयपुरकोटाश्रीनगरजम्मूशिमलागोरखपुरबस्तीगयाभागलपुरसिलीगुड़ीजमशेदपुरगाज़ियाबादनोएडागुरुग्रामफ़रीदाबाद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोलकाता में धनतेरस 2026 कब है?

कोलकाता में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। पूजा का सबसे शुभ समय 5:29 PM–7:27 PM (प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न); प्रदोष काल 4:56 PM–7:30 PM में यम-दीपदान करें।

Kolkata mein Dhanteras 2026 puja ka shubh muhurat kya hai?

Kolkata mein Dhanteras Friday, November 6, 2026 ko hai. Puja ka shubh muhurat 5:29 PM–7:27 PM; Yam deepdaan pradosh kaal 4:56 PM–7:30 PM mein karein.

क्या कोलकाता का समय दिल्ली से अलग है?

हाँ। पूजा मुहूर्त कोलकाता में 5:29 PM पर और दिल्ली में 6:03 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।

यह समय कैसे निकाला गया?

Swiss Ephemeris (निरयन, लाहिरी अयनांश) से, कोलकाता के निर्देशांक (22.57°N, 88.36°E) पर भारतीय मानक समय में; तिथि का निर्णय प्रचलित पंचांग-नियम से। आपके मंदिर या कुल की परंपरा अलग हो तो उसे प्राथमिकता दें।