कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2026 — हरिद्वार: स्नान व दीपदान का समय

हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है। स्नान-दान सूर्योदय (6:50 AM) से; देव दीपावली का दीपदान प्रदोष काल 5:18 PM–8:00 PM में।

कार्तिक पूर्णिमा 2026 — हरिद्वार का पूरा समय

तारीख़मंगलवार, 24 नवंबर 2026
गंगा-स्नान व दान (सूर्योदय से)6:50 AM
दीपदान (प्रदोष काल)5:18 PM – 8:00 PM
सूर्योदय6:50 AM
सूर्यास्त5:18 PM
चंद्रोदय4:54 PM

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं — हरिद्वार के अपने सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रोदय से गणना।

हरिद्वार बनाम दिल्ली

दीपदान का समय हरिद्वार में 5:18 PM पर और दिल्ली में 5:25 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।
कार्तिक पूर्णिमा — पूरी पूजा-विधि, कथा व सामग्री →
हरिद्वार का आज का पंचांग →

पास के शहर

देहरादूनमेरठगाज़ियाबादचंडीगढ़शिमलानोएडादिल्लीफ़रीदाबाद

कार्तिक पूर्णिमा 2026 — दूसरे शहरों में

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊकानपुरनागपुरइंदौरभोपालपटनावडोदरासूरतलुधियानाआगरावाराणसीप्रयागराजमेरठराजकोटजबलपुरअमृतसरराँचीरायपुरगुवाहाटीचंडीगढ़तिरुवनंतपुरमकोच्चिकोयंबटूरमदुरैविशाखापत्तनमविजयवाड़ाभुवनेश्वरकटकदेहरादूनहरिद्वारमथुराअयोध्याउज्जैननासिकग्वालियरजोधपुरउदयपुरकोटाश्रीनगरजम्मूशिमलागोरखपुरबस्तीगयाभागलपुरसिलीगुड़ीजमशेदपुरगाज़ियाबादनोएडागुरुग्रामफ़रीदाबाद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?

हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है। स्नान-दान सूर्योदय (6:50 AM) से; देव दीपावली का दीपदान प्रदोष काल 5:18 PM–8:00 PM में।

Haridwar mein Kartik Purnima 2026 deepdaan ka samay kya hai?

Haridwar mein Kartik Purnima Tuesday, November 24, 2026 ko hai. Snan-daan sunrise 6:50 AM se; Dev Deepawali ka deepdaan 5:18 PM–8:00 PM mein.

क्या हरिद्वार का समय दिल्ली से अलग है?

हाँ। दीपदान का समय हरिद्वार में 5:18 PM पर और दिल्ली में 5:25 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।

यह समय कैसे निकाला गया?

Swiss Ephemeris (निरयन, लाहिरी अयनांश) से, हरिद्वार के निर्देशांक (29.95°N, 78.16°E) पर भारतीय मानक समय में; तिथि का निर्णय प्रचलित पंचांग-नियम से। आपके मंदिर या कुल की परंपरा अलग हो तो उसे प्राथमिकता दें।