शरद पूर्णिमा 2027 — कटक: चंद्रोदय व पूजा का समय

कटक में शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है। चंद्रोदय 4:30 PM पर होगा; सूर्यास्त (5:24 PM) के बाद 5:24 PM–6:36 PM में लक्ष्मी-पूजन करें और रात को खीर चाँदनी में रखें।

शरद पूर्णिमा 2027 — कटक का पूरा समय

तारीख़गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027
चंद्रोदय4:30 PM
पूजा मुहूर्त5:24 PM – 6:36 PM
खीर चाँदनी में रखें (चंद्रोदय के बाद)4:30 PM
सूर्योदय5:41 AM
सूर्यास्त5:24 PM

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं — कटक के अपने सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रोदय से गणना।

कटक बनाम दिल्ली

चंद्रोदय कटक में 4:30 PM पर और दिल्ली में 5:01 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।
शरद पूर्णिमा — पूरी पूजा-विधि, कथा व सामग्री →
कटक का आज का पंचांग →

पास के शहर

भुवनेश्वरजमशेदपुरराँचीकोलकाताविशाखापत्तनमरायपुरगयाभागलपुर

शरद पूर्णिमा 2027 — दूसरे शहरों में

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊकानपुरनागपुरइंदौरभोपालपटनावडोदरासूरतलुधियानाआगरावाराणसीप्रयागराजमेरठराजकोटजबलपुरअमृतसरराँचीरायपुरगुवाहाटीचंडीगढ़तिरुवनंतपुरमकोच्चिकोयंबटूरमदुरैविशाखापत्तनमविजयवाड़ाभुवनेश्वरकटकदेहरादूनहरिद्वारमथुराअयोध्याउज्जैननासिकग्वालियरजोधपुरउदयपुरकोटाश्रीनगरजम्मूशिमलागोरखपुरबस्तीगयाभागलपुरसिलीगुड़ीजमशेदपुरगाज़ियाबादनोएडागुरुग्रामफ़रीदाबाद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कटक में शरद पूर्णिमा 2027 कब है?

कटक में शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है। चंद्रोदय 4:30 PM पर होगा; सूर्यास्त (5:24 PM) के बाद 5:24 PM–6:36 PM में लक्ष्मी-पूजन करें और रात को खीर चाँदनी में रखें।

Cuttack mein Sharad Purnima 2027 par chand kab niklega aur kheer kab rakhein?

Cuttack mein Sharad Purnima Thursday, October 14, 2027 ko hai. Chandrodaya 4:30 PM par hoga; Lakshmi puja 5:24 PM–6:36 PM, kheer raat bhar chandni mein rakhein.

क्या कटक का समय दिल्ली से अलग है?

हाँ। चंद्रोदय कटक में 4:30 PM पर और दिल्ली में 5:01 PM पर है। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं, इसलिए अपने शहर का समय ही मानें।

यह समय कैसे निकाला गया?

Swiss Ephemeris (निरयन, लाहिरी अयनांश) से, कटक के निर्देशांक (20.46°N, 85.88°E) पर भारतीय मानक समय में; तिथि का निर्णय प्रचलित पंचांग-नियम से। आपके मंदिर या कुल की परंपरा अलग हो तो उसे प्राथमिकता दें।