| तारीख | एकादशी | तिथि (स्थानीय) | पारण / नोट |
|---|---|---|---|
| रविवार, 3 जनवरी 2027 | सफला एकादशी | 2 जनवरी, 11:55 AM → 3 जनवरी, 1:39 PM AST | पारण 4 जनवरी, 6:26 AM–8:33 AM |
| सोमवार, 18 जनवरी 2027 | पौष पुत्रदा एकादशी | 18 जनवरी, 7:58 AM → 19 जनवरी, 5:20 AM AST | पारण 19 जनवरी, 12:52 PM–3:01 PM वैष्णव 19 जनवरी |
| मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 | षट्तिला एकादशी | 1 फ़रवरी, 6:12 AM → 2 फ़रवरी, 8:41 AM AST | पारण 3 फ़रवरी, 6:21 AM–8:33 AM |
| बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 | जया एकादशी | 16 फ़रवरी, 5:50 PM → 17 फ़रवरी, 3:02 PM AST | पारण 18 फ़रवरी, 6:11 AM–8:27 AM |
| बुधवार, 3 मार्च 2027 | विजया एकादशी | 3 मार्च, 2:15 AM → 4 मार्च, 4:55 AM AST | पारण 4 मार्च, 1:00 PM–3:20 PM वैष्णव 4 मार्च |
| गुरुवार, 18 मार्च 2027 | आमलकी एकादशी | 18 मार्च, 1:52 AM → 18 मार्च, 11:22 PM AST | पारण 19 मार्च, 5:43 AM–8:08 AM |
| शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 | पापमोचनी एकादशी | 1 अप्रैल, 10:16 PM → 3 अप्रैल, 12:22 AM AST | पारण 3 अप्रैल, 6:46 AM–7:57 AM |
| शनिवार, 17 अप्रैल 2027 | कामदा एकादशी | 16 अप्रैल, 8:52 AM → 17 अप्रैल, 6:58 AM AST | पारण 18 अप्रैल, 5:12 AM–5:13 AM |
| रविवार, 2 मई 2027 | वरूथिनी एकादशी | 1 मई, 4:24 PM → 2 मई, 5:22 PM AST | पारण 3 मई, 4:59 AM–7:37 AM |
| रविवार, 16 मई 2027 | मोहिनी एकादशी | 15 मई, 3:48 PM → 16 मई, 2:44 PM AST | पारण 17 मई, 4:50 AM–7:32 AM |
| मंगलवार, 1 जून 2027 | अपरा एकादशी | 31 मई, 7:33 AM → 1 जून, 7:10 AM AST | पारण 2 जून, 4:45 AM–5:59 AM |
| सोमवार, 14 जून 2027 | निर्जला एकादशी | 13 जून, 11:43 PM → 14 जून, 11:38 PM AST | पारण 15 जून, 5:44 AM–7:30 AM |
| बुधवार, 30 जून 2027 | योगिनी एकादशी | 29 जून, 7:35 PM → 30 जून, 6:01 PM AST | पारण 1 जुलाई, 4:49 AM–7:34 AM |
| बुधवार, 14 जुलाई 2027 | देवशयनी एकादशी | 13 जुलाई, 9:39 AM → 14 जुलाई, 10:41 AM AST | पारण 15 जुलाई, 4:55 AM–7:38 AM |
| गुरुवार, 29 जुलाई 2027 | कामिका एकादशी | 29 जुलाई, 5:05 AM → 30 जुलाई, 2:44 AM AST | पारण 30 जुलाई, 1:04 PM–3:45 PM वैष्णव 30 जुलाई |
| गुरुवार, 12 अगस्त 2027 | श्रावण पुत्रदा एकादशी | 11 अगस्त, 10:29 PM → 13 अगस्त, 12:30 AM AST | पारण 13 अगस्त, 7:05 AM–7:46 AM |
| शनिवार, 28 अगस्त 2027 | अजा एकादशी | 27 अगस्त, 12:56 PM → 28 अगस्त, 10:13 AM AST | पारण 29 अगस्त, 5:16 AM–7:06 AM |
| शनिवार, 11 सितंबर 2027 | परिवर्तिनी एकादशी | 10 सितंबर, 2:31 PM → 11 सितंबर, 5:07 PM AST | पारण 12 सितंबर, 5:22 AM–7:51 AM |
| रविवार, 26 सितंबर 2027 | इंदिरा एकादशी | 25 सितंबर, 8:01 PM → 26 सितंबर, 5:20 PM AST | पारण 27 सितंबर, 5:28 AM–7:52 AM |
| सोमवार, 11 अक्टूबर 2027 | पापांकुशा एकादशी | 10 अक्टूबर, 9:11 AM → 11 अक्टूबर, 11:39 AM AST | पारण 12 अक्टूबर, 5:35 AM–7:55 AM |
| सोमवार, 25 अक्टूबर 2027 | रमा एकादशी | 25 अक्टूबर, 3:11 AM → 26 अक्टूबर, 12:53 AM AST | पारण 26 अक्टूबर, 6:18 AM–7:58 AM |
| बुधवार, 10 नवंबर 2027 | देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी | 9 नवंबर, 5:05 AM → 10 नवंबर, 6:42 AM AST | पारण 11 नवंबर, 5:53 AM–7:38 AM |
| बुधवार, 24 नवंबर 2027 | उत्पन्ना एकादशी | 23 नवंबर, 11:15 AM → 24 नवंबर, 9:42 AM AST | पारण 25 नवंबर, 6:03 AM–8:12 AM |
| गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 | मोक्षदा एकादशी | 9 दिसंबर, 12:29 AM → 10 दिसंबर, 12:50 AM AST | पारण 10 दिसंबर, 6:44 AM–8:20 AM |
| गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 | सफला एकादशी | 22 दिसंबर, 9:11 PM → 23 दिसंबर, 8:42 PM AST | पारण 24 दिसंबर, 6:22 AM–8:28 AM |
स्थानीय सूर्योदय पर एकादशी (उदया) — स्मार्त नियम; दशमी अरुणोदय (सूर्योदय से 96 मिनट पहले) को छुए तो वैष्णव अगले दिन। पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर के बाद व द्वादशी-अंत से पहले।
पद्म-पुराण: एकादशी के दिन अन्न (विशेषतः चावल) में पाप का वास; व्रत से पाप-नाश, विष्णु-लोक, मनोकामना-पूर्ति; निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल) अकेली 24 का फल देती है; देवशयनी से देवउठनी तक चातुर्मास की एकादशियाँ विशेष; मोक्षदा (गीता-जयंती), पुत्रदा (संतान), जया-विजया (सफलता), आमलकी (आँवला), पापमोचनी।
व्रत का समय-नियम: उदया-तिथि (सूर्योदय के समय एकादशी) वाला दिन व्रत का; एकादशी दो सूर्योदय छुए (तिथि-वृद्धि) तो स्मार्त पहले दिन, वैष्णव दूसरे दिन; दशमी-विद्धा (सूर्योदय से पहले दशमी का अंश) होने पर वैष्णव अगला दिन लेते हैं — इसीलिए कभी पंचांगों में «स्मार्त/वैष्णव एकादशी» अलग लिखी होती है; ऊपर की तिथियाँ स्मार्त (गृहस्थ) नियम से।
बहरीन (मनामा) में 25। चंद्र-मास कैलेंडर-वर्ष से नहीं मिलते, इसलिए गिनती एक कम-ज़्यादा हो सकती है।
मनामा के लिए 25 में से 1 तारीखें भारत से अलग हैं — तिथि स्थानीय क्षण (सूर्योदय/चंद्रोदय/प्रदोष) पर देखी जाती है।
मुख्य तारीख स्मार्त (गृहस्थ, उदया-तिथि) है। दशमी अरुणोदय को छुए या महाद्वादशी हो तो वैष्णव तिथि एक दिन बाद — सारणी में tag से।
अगली सुबह सूर्योदय के बाद, हरि-वासर (द्वादशी का पहला चौथाई) के बाद व द्वादशी-अंत से पहले — हर शहर की खिड़की सारणी में।
जब एकादशी दशमी-विद्धा हो (सूर्योदय से ठीक पहले दशमी का अंश) या दो सूर्योदय छुए, वैष्णव (इस्कॉन, श्रीवैष्णव, माध्व) अगला दिन (शुद्ध एकादशी) व्रत रखते हैं, स्मार्त-गृहस्थ पहला दिन; पंचांग में दोनों लिखी होती हैं; अपने संप्रदाय की मानें — ऊपर की सूची स्मार्त है।
हाँ — बहुत-सी स्त्रियाँ दोनों एकादशी रखती हैं; मासिक-धर्म में पूजा-स्पर्श नहीं पर फलाहार-नियम रखा जा सकता है (परंपरा-भेद); गर्भावस्था-स्तनपान में फलाहार-दूध-फल; निर्जला केवल स्वस्थ व्यक्ति के लिए; व्रत का सार संयम व स्मरण है, कष्ट नहीं।
चैत्र: पापमोचनी (कृ), कामदा (शु); वैशाख: वरूथिनी, मोहिनी; ज्येष्ठ: अपरा, निर्जला; आषाढ़: योगिनी, देवशयनी; श्रावण: कामिका, पुत्रदा; भाद्रपद: अजा, परिवर्तिनी; आश्विन: इंदिरा, पापांकुशा; कार्तिक: रमा, देवउठनी; मार्गशीर्ष: उत्पन्ना, मोक्षदा; पौष: सफला, पुत्रदा; माघ: षट्तिला, जया; फाल्गुन: विजया, आमलकी; अधिक मास: परमा (कृ), पद्मिनी (शु) — पूर्णिमांत माह-गणना (अमांत गणना में हर कृष्ण-पक्ष की एकादशी पिछले माह में गिनी जाती है); ऊपर सूची में हर तिथि का नाम है।